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टेली कंसल्ट के जरिए प्रधानों से संवाद

डीएम ने चोरीछिपे गांव पहुंचने वालों की जानकारी व स्कूलों में क्वारंटीन करने के दिए निर्देश

चित्रकूट, सुखेन्द्र अग्रहरि। जिलाधिकारी शेषमणि पाण्डेय ने कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में एनआईसी के टेली कंसल्ट मैसेज के जरिए जनपद के ग्राम प्रधानों से संवाद स्थापित किया है।
जिलाधिकारी ने प्रधानों से कहा कि जनपद में लागू लाक डाउन के चलते फेस टू फेस वार्ता नहीं की जा सकती हैं। महामारी के समय अच्छा सहयोग दिया है। मनरेगा के कार्यों में मंडल स्तर पर जिला प्रथम स्थान पर है। इसी तरह से पूरा सहयोग बनाए रखें। ताकि जनपद प्रदेश स्तर पर भी विकास कार्यों पर नंबर वन पर रहे। उन्होंने कहा कि ग्राम स्तरीय निगरानी समिति का जो गठन किया गया है उसमें 12 शासकीय कर्मचारियों को लगाया हैं। जिसके ग्राम प्रधान अध्यक्ष है। 29 अप्रैल को खुली बैठक कर कोरोना वायरस के बारे में जानकारी भी दी है। उन्होंने कहा कि जो लोग बाहर से आ रहे हैं, उनकी शत प्रतिशत स्वास्थ्य जांच होने के बाद गांव जाने दे। यह देखें कि लोग चोरीछिपे गांव पर पहुंच रहे हैं। उन सबको स्कूलों पर रखा जाए। जिनके
प्रधानों से संवाद करते डीएम।
पास जांच का कागज है उन्हें होम क्वॉरेंटाइन कराएं। अगर वह नहीं दिखाते हैं तो स्वास्थ्य परीक्षण अवश्य हो। खंड विकास अधिकारियों को भी जानकारी दें। प्रवासियों के अगर कोई लक्षण पाए जाएं तो उसकी जांच कराकर क्वॉरेंटाइन और जिनके लक्षण ना मिले उन्हें गांव पर 20 दिन रहने के लिए होम क्वॉरेंटाइन कराया जाए। उन्होंने कहा कि जो हैण्डपंप खराब हैं। तत्काल मरम्मत करा दें। जहां पर रिबोर कराया जाना है उन्हें भी करा दिया जाए। ताकि जनपद में कोई पेयजल की समस्या न हो। उन्होंने कहा कि विशेषकर मानिकपुर क्षेत्र पर पेयजल समस्या रहती है वहां पर अवश्य देखें। गौशालाओं के संचालन पर कहा कि बहुत ही सराहनीय कार्य किया गया है, लेकिन अभी कुछ कमियां हैं। जिन्हें दूर कर सकते हैं। भरण पोषण का जिन ग्राम पंचायतों का भुगतान नहीं हुआ है वह पूर्ण पत्रावलियों सहित भेजें। तत्काल भुगतान कराया जाएगा। किसानों से भूसा दान कराएं और भूसा घर अवश्य बना लें। किसानों ने जनपद में 1375 कुंतल भूसा दान किया है। सभी किसानों तथा प्रधानों को धन्यवाद दिया। इस अवसर पर जिला सूचना विज्ञान अधिकारी मनोज कुमार यादव सहित संबंधित एनआईसी के कर्मचारी मौजूद रहे।

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