Latest News

लाक डाउन में गरीबों के पालक बने मददगार

बांदा, के0 एस0 दुबे। कोरोना वायरस महामारी की बदौलत देश को लाक डाउन से जूझना पड़ रहा है। इसमें सबसे ज्यादा परेशानी अगर हिकसी को उठानी पड़ी है तो वह सिर्फ गरीब ही हैं। एक-एक रोटी के लिए उन्हें तरसना पड़ा है। लेकिन समाजसेवी, व्यापारी, राजनेता, चिकित्सक सभी ने जिस तरह से गरीबों को राशन, सब्जी, तेल और अन्य जरूरत का सामान वितरित किया है, उससे ये कहा जाए कि गरीबों के पालक के तौर पर मददगारों ने काम किया तो अतिश्योक्ति नहीं होगी 
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और राज्य सभा सांसद विशंभर प्रसाद निषाद ने शहर के साथ ही गांवों में भी राशन और मास्क का वितरण किया है। उन्होंने तिंदवारी क्षेत्र में भी राशन वितरण का काम किया और किसी भी गरीब को राशन उपलब्ध कराने में कोताही नहीं की है। सपा के राज्यसभा सांसद के साथ पूर्व महासचिव राजेंद्र यादव ने भी खूब योगदान किया। शहर के ख्याति प्राप्त नर्सिंग होम की महिला विशेषज्ञ चिकित्सक डा. शबाना रफीक ने अपनी संस्था के माध्यम से शहर की तमाम बस्तियों में घूम-घूमकर मास्क और राशन का वितरण किया है, ताकि कोई भी गरीब भूखा न रहे। राशन वितरण के साथ ही गरीबों को कोरोना वायरस से बचाव के बारे में भी जागरूक किया गया। इससे गरीबों को और भी मदद मिली है। इंडिया बुलियन ज्वैलर्स के प्रदेश डायरेक्टर मयंक गुप्ता सर्राफ की ओर से लाक डाउन के दौरान गरीबों की हर संभव मदद की गई है। गरीबों को राशन उपलब्ध कराने, मास्क और सेनेटाइजर उपलब्ध कराने का काम अपने सहयोगियों के साथ किया है। उन्होंने लाक डाउन के दौरान गरीबों की हर संभव मदद करने का आश्वासन दिया था और उन्होंने पूरा सहयोग किया। कांग्रेस पार्टी के जिलाध्यक्ष राजेश दीक्षित ने लाक डाउन के दौरान शहर और गांवों में भ्रमण करके गरीबों को न सिर्फ चिन्हित किया बल्कि उनको ढूंढ़-ढूंढ़कर राशन उपलब्ध कराया। यूपी प्रभारी प्रियंका गांधी की ओर से एक ट्रक भेजी गई राशन सामग्री का शहर, कस्बों और गांवों में बराबर वितरण किया गया। इससे गरीबों की भूख मिट सकी। अब भी यह सिलसिला जारी है। 

No comments