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होम क्वारंटाइन किये गए लोगों के घरों पर आशा लगा रहीं पोस्टर

ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में निगरानी समितियां कर रहीं देखरेख
बिना लक्षण वाले प्रवासी भी 21 दिन के लिए हो रहे होम क्वारंटाइन 

बाँदा, , के0 एस0 दुबे - लॉक डाउन के कारण विभिन्न राज्यों में फंसे प्रवासी मजदूर बड़ी संख्या में जनपद वापस लौट रहे हैं। स्क्रीनिंग के बाद सरकारी दिशा.निर्देशों के अनुसार इन्हें लक्षणों के आधार पर क्वारंटाइन कराया जा रहा है। वहीं जिन लोगों में कोरोना के कोई लक्षण नहीं हैंए उन्हें भी 21 दिन के लिए होम क्वारंटाइन कराया जा रहा है। आशा इन घरों के बाहर पोस्टर लगाकर क्वारंटाइन किये लोगों की सांकेतिक जानकारी दे रही हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉण् संतोष कुमार ने जानकारी दी कि अन्य राज्यों से लौटे प्रवासी मजदूरों से दूसरे लोगों में संक्रमण न फैलेए इसके लिए प्रत्येक प्रवासी की स्क्रीनिंग कर उसका पता एवं मोबाइल नम्बर सहित लाइन लिस्टिंग की जा रही हैद्य लक्षणों के आधार पर इन्हें क्वारंटाइन सेंटर भेजा जा रहा है जहाँ इनकी जांच होगी। वहीँ जिन प्रवासियों में कोरोना के कोई लक्षण नहीं हैं उन्हें भी 21 दिन के लिए होम क्वारंटाइन के निर्देश दिए गये हैं। ऐसे श्रमिकोंध् कामगारोंए जिनके घरों में होम क्वारंटाइन की व्यवस्था नहीं है उन्हें इंस्टीट्यूशनल क्वारंटाइन में रखने को कहा गया है। होम क्वारंटाइन किये गए लोगों की निगरानी के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम प्रधान के नेतृत्व में ग्राम निगरानी समिति तथा शहरी क्षेत्रों में सभासद के नेतृत्व में मोहल्ला निगरानी समिति का गठन किया गया है।  ग्रामीण क्षेत्रों में निगरानी समिति में आशाध् आंगनवाड़ीध् लेखपालध् सफाई कर्मचारी व अन्य सदस्य हैं।  इसी तरह शहरी क्षेत्रों की मोहल्ले निगरानी समिति में आशाध् सिविल डिफेंसध् नगर निकाय के क्षेत्रीय कार्मिक तथा अन्य सदस्य शामिल हैं। आशा द्वारा प्रवासियों की सूचना प्रतिदिन ब्लॉक कम्यूनिटी प्रोसेस मैनेजेर को उपलब्ध कराई जायेगीए जो पोर्टल पर सूचना की एंट्री करेंगे। 
उन्होंने बताया कि आशा कार्यकर्ता होम क्वारंटाइन किये गए लोगों के घरों के बाहर उचित स्थान पर क्वारंटाइन संबंधी पोस्टर ;फ्लायरद्ध  लगा रही हैं जिससे उस घर के क्वारंटाइन के अंतर्गत होने का संकेत मिल सके। पोस्टर पर क्वारंटाइन के शुरू होने व ख़त्म होने की तारीख़ अंकित की जाएगी।  यदि प्रवासी व्यक्ति अथवा उसके परिवार के सदस्य को बुखार अथवा खांसी के लक्षण प्रकट होते हैं तो आशा इसकी सूचना प्रभारी चिकित्सा अधिकारी को देंगी तथा पैरासीटामॉल की गोली देकर तीन दिन तक घर पर ही उनकी निगरानी करेंगी। यदि लक्षण बढ़ते हैं तथा सांस लेने में तकलीफ होती है तो आशा ध्निगरानी समिति के सदस्य इसकी सूचना प्रभारी चिकित्सा अधिकारी को देंगे तथा व्यक्ति को 108 एम्बुलेंस से क्वारंटाइन सेंटर भेजा जाएगा जहाँ उसकी जांच कराई जाएगी। अन्यथा 21 दिनों की क्वारंटाइन अवधि पूरा होने पर आशा कार्यकर्ता बीसीपीएम को सूचित करेंगी व घर पर लगे फ्लायर को हटाएंगी। 
होम क्वारंटाइन के दौरान इन चीज़ों का रखना होगा ध्यान  होम क्वारंटाइन की अवधि के दौरान उनके परिवार को यह सुनिश्चित करना होगा कि जहाँ तक संभव हो प्रवासी घर में अलग कमरे में रहे।  साथ ही व मास्कए गमछे या दुपट्टे से मुंह को अवश्य ढंके।  हाथों को साबुन व् पानी से बार.बार धुलें। ऐसे घर में किसी भी अन्य व्यक्ति के प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। घर के किसी एक ही सदस्य को जरूरी सामान की खरीद फरोख्त के लिए घर से बाहर निकलने दिया जायेगा। बाहर जाने वाला व्यक्ति लौटने पर हाथों को साबुन व् पानी से धुलेगा। अनिवार्य रूप से मास्कध्गमछाध्दुपट्टे से मुंह ढंकेगा और दो गज की दूरी से ही लोगों से मिलेगा। 

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