Latest News

एसडीएम ने नगर की मस्जिदों का किया भ्रमण

बिन्दकी-फतेहपुर, शमशाद खान । रमजानुल मुबारक के आखरी अशरे के जुमे को अलविदा जुमा कहा जाता है। इस दिन देश भर के मुसलमानों में बड़ी फजीलत मानी जाती है। देश के मुसलमान इस अलविदा जुमा के दिन बड़े शौक के साथ नहा धोकर नए कपड़े पहनता है। इसके साथ ही खुशबू लगाकर भारी तादाद में मस्जिदों की तरफ रवाना होते हैं और भारी संख्या में इकट्ठे होकर एक साथ मिलकर नमाज अदा करते हैं और मुल्क की सलामती के लिए दुआएं भी करते हैं लेकिन जहाँ पूरे विश्व में कोरोना वायरस जैसी महामारी ने सबको हिला कर रख दिया है। जहाँ सोशल डिस्टेंसिंग ही मात्र इससे बचने का एक उपाय साबित हो रही है। ऐसी स्थिति में पूरे देश में सभी तरह के धार्मिक पूजा
मस्जिद में मुअज्जिन को दिशा-निर्देश देते एसडीएम प्रहलाद सिंह।
स्थलों पर भीड़ इकट्ठी होने पर रोक लगा दी गयी है। ऐसे में उपजिलाधिकारी प्रह्लाद सिंह ने नगर की समस्त मस्जिदों में घूम-घूम कर जायजा लिया। साथ ही मस्जिदों में अजान देने आए मुअज्जिनों से अपील की कि मस्जिदों में नमाज के लिए भीड़ इकट्ठी न की जाए अन्यथा कोरोना जैसी महामारी सभी के लिए चुनौती साबित हो सकती है। कोरोना एक वायरस है। जो किसी धर्म, जाति, सम्प्रदाय को देखकर नहीं होता और न ही किसी को बख्शता है। जो भी इसकी चपेट में आता है तो सबसे पहले उसके परिवार वाले चपेट में आएंगे और फिर मोहल्ला। इसलिए आप अपने लिए न सही अपने परिवार व अपने सगे सम्बन्धियों के लिए ही सही मस्जिदों में भीड़ कतई इकट्ठा न होने दें। अपने अपने अपने घरों में नमाज पढ़ें। इसके साथ ही एसडीएम ने यह भी अपील किया कि सभी लोग अपने घरों में नमाज अदा करने के बाद दुआ में मुल्क की सलामती व पूरे विश्व मे फैले कोरोना वायरस के खात्में के लिए भी दुआ करें।

1 comment: