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जलशक्ति मंत्री को बनना होगा भागीरथ: अजीत

चित्रकूट, सुखेन्द्र अग्रहरि। मंदाकिनी से जुड़े लाखों लोगों के भविष्य को बचाना है तो जलशक्ति मंत्री को भागीरथ बनना होगा। बाण सागर के पानी को नदी में जोड़ने के साथ ही पेयजल के लिए नदी किनारे गहरी बोरिंग की व्यवस्था भी अब आवश्यक है। मंदाकिनी का पानी एकबार फिर कर्वी में हरा हो गया है। यह समस्या हर साल विकट होती जा रही है।
मंदाकिनी नदी से निकली बोरियां।
बुन्देली सेना के जिलाध्यक्ष अजीत सिंह ने बताया कि जलशक्ति मंत्री महेंद्र सिंह के निर्देश पर मंदाकिनी की सफाई का अभियान रामघाट में जारी है। रोज हजारों की तादाद में नदी से बोरियां निकाली जा रही हैं। बोरियों के निकलने से रामघाट की तो सफाई हो जाएगी, लेकिन नदी को बचाने के लिए जलशक्ति मंत्री को भागीरथ बनना पड़ेगा। बाण सागर के पानी को जब तक मंदाकिनी में नहीं जोड़ा जाता तब तक नदी के भविष्य में खतरा है। हर साल गर्मी के महीनों में पेयजल की समस्या विकट होती है। इस बार फिर भीषण तपिश में खरपतवार नष्ट होने से नदी का पानी हरा हो गया है। कर्वी और आसपास पेयजल की समुचित आपूर्ति के लिए टंकियों के आसपास गहरी बोरिंग कराए जाने की आवश्यकता है। ताकि नदी के अलावा भी पेयजल का विकल्प बरकरार रहे। अजीत सिंह ने बताया कि मंदाकिनी केवल नदी नहीं बल्कि लाखों लोगों की जीवनधारा और करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था की केंद्र है। नदी को बचाने के लिए वर्षा जल का संचय और बाण सागर का पानी नदी में जोड़ना जरूरी है। वर्तमान समय मे यूपी-एमपी और केंद्र में भाजपा की ही सरकार है और जलशक्ति मंत्री अगर भागीरथ बनकर आगे आ जाएं तो नदी का संकट समाप्त हो जाएगा। बोरियों को निकलवाने में जलशक्ति मंत्री ने सराहनीय पहल की है। अब उन दोषियों के खिलाफ भी कठोर कार्यवाही होनी चाहिए जिन्होंने मंदाकिनी में लाखों बोरियां छोंड़ दी थी।

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