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बुहान से निकला कोरोना वायरस विश्व महामारी के रूप में......................... देवेश प्रताप सिंह राठौर ( वरिष्ठ पत्रकार) .

.. बुहान चीन से शुरुआत एक नए किस्म के कोरोनवायरस के संक्रमण के रूप में मध्य चीन के वुहान शहर में 2019 के मध्य दिसंबर में हुई। कोरोना वायरस से पूरा भारत से लेकर पूरा विश्व आज उस तबाही के दौर से गुजर रहा है जिसे पूरा विश्व का बहुत सी सरकार है वहां के प्रधानमंत्री राष्ट्रपति समझ नहीं पा रहे हैं ना ही इस कोरोनावायरस का कोई इलाज प्राप्त हो सका है ।सिर्फ एक इलाज है इसका घर पर है सुरक्षित रहें इस धारणा के साथ हमारे प्रधानमंत्री माननीय श्री नरेंद्र मोदी जी ने सवा महीने से अधिक लोग डाउन से देश को सुरक्षित रखने का पूर्ण प्रयास कर रहे हैं और कोरोनावायरस विश्व स्तर को देखते हुए भारत में अभी नियंत्रण में है क्योंकि यहां के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने जो निर्णय सही समय पर लिया है । बुहान शहर में जब यह महामारी शुरू हुई उस समय बहुत से लोगों को बिना किसी कारण निमोनिया होने लगा और यह देखा गया की पीड़ित लोगों में से अधिकतर लोग वुहान सी फूड मार्केट में मछलियाँ बेचते हैं तथा जीवित पशुओं का भी व्यापर करते हैं। चीनी वैज्ञानिकों ने बाद में कोरोनावायरस की एक नई नस्ल की पहचान की जिसे 2019 कोरोना वायरस प्रारंभिक पदनाम दिया गया।  पाए गए जो सार्स-कोरोनावायरस में पाए जाते हैं। संक्रमण का पता लगाने के लिए एक विशिष्ट नैदानिक पीसीआर परीक्षण के विकास के साथ कई मामलों की पुष्टि उन लोगों में हुई जो सीधे बाजार से जुड़े हुए थे और उन लोगों में भी इस वायरस का पता लगा जो सीधे उस मार्केट से नहीं जुड़े हुए थे। पहले यह स्पष्ट नहीं था कि यह वायरस सार्स जितनी ही गंभीरता या घातकता का है अथवा नहीं।23 जनवरी 2020 को, विश्व स्वास्थ्य संगठन ने प्रकोप को अंतरराष्ट्रीय चिंता का एक सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित करने के खिलाफ फैसला किया डब्ल्यूएचओ ने पहले चेतावनी दी थी कि एक व्यापक प्रकोप संभव था और चीनी नव वर्ष के आसपास चीन के चरम यात्रा सीजन के दौरान आगे संचरण की चिंताएं थीं। कई नए साल की घटनाओं को संचरण के डर से बंद कर दिया गया है, जिसमें बीजिंग में निषिद्ध शहर, पारंपरिक मंदिर मेलों और अन्य उत्सव समारोह शामिल हैं। रोग की घटनाओं में अचानक वृद्धि ने इसके उद्गम, वन्यजीव व्यापार, वायरस के प्रसार और नुकसान पहुंचाने की क्षमता के बारे में अनिश्चितताओं से संबंधित प्रश्न उठाए हैं,[ क्या यह वायरस पहले से अधिक समय से घूम रहा है, और इसकी संभावना प्रकोप एक सुपर स्प्रेडर घटना है।20 जनवरी 2020 को चीनी प्रीमियर ली केकियांग ने नावेल कोरोनावायरस के कारण फैलने वाली निमोनिया महामारी को रोकने और नियंत्रित करने के लिए निर्णायक और प्रभावी प्रयास करने का आग्रह किया। विश्व मेंलाखों की संख्या मेंमौतें हो चुकी हैं। इस वायरस के पूरे चीन में, और मानव-से-मानव संचरण के प्रमाण हैं। फरवरी तक व्यापक परीक्षण में अधिक पुष्ट मामलों का खुलासा हुआ था, जिनमें से कुछ स्वास्थ्यकर्मी भी हैं।  20 मार्च 2020 तक थाईलैंड, दक्षिणकोरिया, जापान, ताइवान, मकाऊ, हांगकांग, संयुक्त पहले संदिग्ध मामलों को 31 दिसंबर 2019 को WHO को सूचित किया गया था,रोगसूचक बीमारी के पहले उदाहरणों के साथ 8 दिसंबर 2019 को केवल तीन सप्ताह पहले दिखाई दिया था। 1 जनवरी 2020 को बाजार बंद कर दिया गया था, और जिन लोगों में कोरोनावायरस संक्रमण के संकेत और लक्षण दिखाई दिए, उन्हें अलग कर दिया गया थे। संभावित रूप से संक्रमित व्यक्तियों के साथ संपर्क में आने वाले बहुत से अधिक स्वास्थ्य कर्मचारियों सहित सैकड़ों लोगों की अधिक लोगों की शुरुआत में निगरानी की गई थी। संक्रमण का पता लगाने के लिए एक विशिष्ट नैदानिक पीसीआर परीक्षण के विकास के बाद,   जिनमें से एक बाज़ार में मौजूद नहीं था, और एक अन्य तीन जो एक ही परिवार के सदस्य थे, जो बाज़ार के समुद्री खाने की दुकानों पर काम करते थे कोरोनावायरस संक्रमण से पहली पुष्टि की गई मौत 9 जनवरी 2020 को हुई। 23 जनवरी 2020 को, वुहान को अलग रखा गया था, जिसमें वुहान के अंदर और बाहर सभी सार्वजनिक परिवहन को निलंबित कर दिया गया था। भारत देश की सबसे बड़ी आमदनी का जरिया सरकार का रेल रेलवे जो पूर्ण रूप से बंद चल रही है भारत सरकार ने आर्थिक नुकसान सहना मुनासिब समझा परंतु यहां की हर व्यक्ति की जान की कीमत उन्होंने समझा और हमारे प्रधानमंत्री जी ने कहा जान है तो जहान है यह शब्द आज उन संस्थाओं के लिए लागू होते हैं जो प्राइवेट संस्थाएं अपने स्वार्थ बस लोगों को  बुलाने के लिए बिना सुविधाओं कोरोना वायरस के दिए गए निर्देशों के अनुसार जो सरकार द्वारा प्रदान किए गए निर्देश उनका पालन ना करते हुए ऑफिस खोलने की प्राइवेट संस्थाएं चाहती हैं ।परंतु जब पूरा देश यहां तक देश की सर्वोच्च आय का जरिया रेलवे हवाई जहाज सेवा परिवहन सेवा अन्य जितनी भी सेवाएं हैं सब कोरोना वायरस से बंद पड़ी है यह एक बड़ा मुद्दा है इस पर प्राइवेट संस्थाओं को ऑफिस खोलने से पहले सरकारी तंत्र को सरकार के दिए गए निर्देशों को और कर्मचारी के हित के लिए उनके जीवन के लिए ऑफिस में पूर्ण रूप से सुविधाएं प्रदान कर कोरोना वायरस से से संक्रमित कीटाणु से बचाना भी एक बहुत बड़ी समस्या है है क्योंकि आज के वातावरण को देखते हुए कोरोना वायरस कोई एक छोटी हल्की महावारी नहीं है। जिसमें पूरा विश्व तबाही के दौर से गुजर रहा है वहां पर कोई चूक कोई लापरवाही किसी के लिए भी घातक बन सकती है। भारत देश में एक अरब30 करोड़ आबादी वाला देश आज कोरोना वायरस के कारण बिल्कुल रुक गया है और भारत सरकार आज अपने देश की जनता को सुरक्षित रखने के लिए यहां के प्रधानमंत्री जी ने श्री नरेंद्र मोदी जी जो सही समय पर सही कदम उठाए हैं उससे पूरा विश्व आज भारत के प्रधानमंत्री की हर देश सम्मान के तरीके से भारत के प्रधानमंत्री की तारीफ करते हैं परंतु आज के दौर में सरकारी तंत्र बंद है आवश्यकता है वाले जो कुछ विभाग हैं उन्हें खोला गया है और उन्हें खोलने पर जो ऑफिसों में सरकार के दिए गए निर्देशों का पालन हो रहा है और सेनेटराइस ऑफिस को किया गया है और कर्मचारियों की विशेष सुरक्षित स्थित में कार्य करने की दिशा निर्देश एवं कार्य रूप प्रदान किया गया है। आज जो हालात है हालातों के तहत जो आज की स्थिति है उसे देखते हुए लॉक डाउन अभी और बढ़ाया जाएगा ऐसी संभावना है क्योंकि जांच प्रक्रिया अगर अधिक मात्रा में की जाएगी कोरोनावायरस बहुत से लोग कोरोनावायरस से संक्रमित हो सकते हैं क्योंकि अभी जो सरकार की गाइडलाइन प्राप्त है उसमें विदेशी एवं विदेश से आए व्यक्तियों के द्वारा टच में रहे लोग या किसी ऐसी जगह रहे हो जहां पर कोरोना वायरस के संक्रमित लोग के टच में आ गए हो उन्हीं लोगों की जांच हो रही है जांच का दायरा अगर बढ़ाया जाएगा तो अभी कुछ और कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों पाए जा सकते हैं क्योंकि जो लक्षण कोरोनावायरस के हैं वह लक्षण देश की 130 करोड़ आबादी मैं लगभग एक अरब लोगों के यह जुकाम खासी नजला मौसम के बदलाव के कारण अधिक लोगों को हो जाता है इस  स्थित में  अधिकतर लोग शंका के आधार पर टेस्टिंग की स्थिति में समझने लगते हैं परंतु डॉक्टरों द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुसार हर व्यक्ति खांसी जुकाम नजला होने पर जरूरी नहीं है कि उसको रोना वायरस का संक्रमित हो क्योंकि उस व्यक्ति का इतिहास जानना है वह कहां से हो किस स्थान से किन किन लोगों के टच में रहा है उसमें कौन-कौन से लोग देशी एवं विदेशी रहे हैं क्या वहां पर कोई ऐसा व्यक्ति रहा है जिसके को रोना संक्रमित के वर्ण पाए गए हैं वह स्थित में हो जांच के दायरे में आता है वरना मौसम के हिसाब से यह चीजें जुखाम आदि होना स्वाभाविक है। आज लोगों के डर बैठा हुआ है घर से निकले हमें सरकार द्वारा दिए गए निर्देशों के तहत पालन करने के साथ अगर बाहर निकलते हैं तो उस आधार पर अधिकांश लोग उन नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं जिसके कारण कोरोना वायरस की लड़ाई में शीघ्र विजय मिलना मुश्किल है क्योंकि सोशल डिस्टेंस बनाकर रहना सेंट्राइस वगैरा का पालन करना व्यक्ति के सामने पूर्ण रूप से उसे ना समझना  मजाक में लेने की आदत बन गई है। इसके कारण हर इंसान तक सरकार का पहुंचना मुश्किल है परंतु सख्त नियम कानून के तहत लॉक डाउन को अपनाया जाएगा उस स्थिति में पोरोना वायरस से विजय मिलने की शीघ्र उम्मीद है परंतु भारत देश में जरा सी छूट देने पर आप टेलीविजन चैनलों के समाचारों में देखते होंगे इस तरह बिगड़ झुकती है की सोशल डिस्टेंस सारे नियम कानून तोड़ देते हैं यही कारण है हमारे यहां समझते हुए भी ना समझ लो बने रहते हैं। जबकि इस माहवारी को पूरा विश्व कोरोना वायरस के सामने नतमस्तक है क्योंकि इसका आज तक इलाज नहीं बना है। इसका इलाज सावधानी बरतें सुरक्षित रहे घर पर रहे और दूसरों को भी बताएं जरूरत के समय पर ही घर से निकले जो समय दिया गया हो सरकार द्वारा उसका पालन करें यही हमारा कोरोना वायरस से जीत संभव है। पूछ  हंसी में लेते हैं उन्हें गंभीरता को समझना चाहिए और यह देखना चाहिए क्या कभी पूरा भारत इस तरह थमा था आज पूरा भारत के साथ विश्व थम गया है तो कोरोना वायरस में कुछ तो गंभीरता है तभी विश्व के साथ देश जगह पर रुक गया है।

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