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कोरोना वायरस के कारण अमेरिका चीन में तनातनी.............................

देवेश प्रताप सिंह राठौर 
( वरिष्ठ पत्रकार)

पूरा विश्व कोरोना वायरस से ग्रस्त चल रहा है और आप देख रहे हैं अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप चाइना का वायरस कोरोना का जो चीन के बुहान से निकला है और अमेरिका को बहुत ही जन एवं धन की बहुत हानि हो रही है ,तथा ट्रंप ने सख्त लहजे में चेतावनी दी है चीन को इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी जो महावारी हो रही है इसका मुख्य कर्ता-धर्ता चीन है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के द्वारा भी सही समय पर निर्णय नहीं लिए जाने एक गैर जिम्मेदाराना (डब्ल्यूएचओ )द्वारा कार्य किया गया है। सही समय पर कोरोना वायरस की जानकारी प्राप्त हो जाती तो इतनी बड़ी महामारी से विश्व में नहीं होती जहां पूरी दुनिया कोरोना वायरस से एकजुट होकर लड़ रही है, वहीं इसकी उत्पत्ति को लेकर वह दो खेमों में बंट भी गई है। अमेरिका का दावा है यह एक चीनी वायरस है जबकि चीन का विदेश मंत्रालय इस वायरस को चीन में लाने के लिए अमेरिकी सेना पर दोष मढ़ रहा है। आरोप-प्रत्यारोप का यह दौर राजनीतिक, कूटनीतिक, राजनयिक खेमों के अलावा दोनों देशों के वैज्ञानिक द्वारा भी चलाया जा रहा है। इसकी दो मुख्य वजहें हैं। पहली इसी वर्ष अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव होने वाले हैं और आतंकवाद के अलावा चीन के साथ व्यापारिक युद्ध अमेरिकी लोगों के बीच एक भावनात्मक मुद्दा बन सकता है। चीन को एक विलेन के रूप में दिखाकर डोनाल्ड ट्रंप व्हाइट हाउस में अपनी वापसी का रास्ता तैयार कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर यह वैश्विक बाजार  में चीन के बढ़ते प्रभुत्व को रोकने की कोशिश भी हो सकती है। जब अमेरिका चीन से सीधा सीधा मुकाबला नहीं कर पा रहा तो ऐसे में एक वायरस के जरिए वह चीन की अर्थव्यवस्था को को पैरालाइज कर सकता था। इस बात का खुलासा चीन के वैज्ञानिकों ने किया है। उन्होंने इस वायरस के जीनोम का विश्लेषण कर साबित करने की कोशिश की है किसकी उत्पत्ति उनके यहां नहीं बल्कि किसी यूरोपीय देश में हुई है। उनका दावा है कि इसे जैविक युद्ध के लिए तैयार करने वाली एक प्रयोगशाला में बनाया गया और अमेरिकी सैनिकों के जरिए चीन पहुंचा दिया गया। उनका दावा है कि यह वायरस कनाडा की एक जैविक हथियार तैयार करने वाली प्रयोगशाला में तैयार किया गया। हालांकि यह प्रयोगशाला कनाडा नहीं अमेरिका चलाता है। वहीं, टेक्सास विश्वविद्यालय में केलवेशन नेशनल लैब के वैज्ञानिक जिम ले ड्यूक और बोस्टन यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिक जेरार्ड क्यूश ने भी कोविड-19 के जीनोम का विश्लेषण कर यह साबित किया है यह प्राकृतिक रूप से उपजा वायरस है जो चमगादड़ों के जरिए मनुष्य तक
पहुंचा है। पूरा विश्व चीन के कोरोना वायरस का सत्यता को छुपाने के लिए आज विश्व में कोरोना वायरस से महामारी का रूप धारण कर लिया है आप समझ सकते हैं अमेरिका में लाखों की संख्या में कोरोना वायरस के मरीजों की मृत हो गई है। अमेरिका और चीन में इस समय तनातनी चल रही है अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा चीन को इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी हर हाल में चीन कोई घटना को छुपाने का दंड भुगतना पड़ेगा। वैसे आज के हालातों के हिसाब से चीन और भारत के संबंध अच्छे नहीं है आज चाइना बॉर्डर पर सन 1962 के हिसाब से भारत को आज दिखा रहा है और 1962 की लड़ाई में जिस जमीन के कारण भारत और चीन का युद्ध हुआ था उसी पर चीन अपनी आंख गड़ाए हैं आजकल चीन में भारत के सैनिकों की भिड़ंत चल रही है भारतीय सेना चीन सेना को भरपूर जवाब दे रही है चाइना को समझना चाहिए अब भारत 1962 वाला नहीं है आज का भारत श्री नरेंद्र मोदी जी जैसे देश के प्रधानमंत्री मजबूत विचारधारा वाले विश्व के प्रशंसक श्री नरेंद्र मोदी जी आज देश को पूर्ण रूप से सुरक्षित रखने की भारत देश की हिम्मत है ।भारत बहुत मजबूत है और आज मजबूत कंधों में भारत की बागडोर है इसलिए देश को चाइना जैसे कायर देश के लिए डरने की जरूरत नहीं है।

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