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क्वॉरेंटाइन सेंटर में युवक की मौत, भाई ने लगाया इलाज नहीं करने का आरोप

मन्दसौर, अंकित जैन। जीएनएम नर्सिंग ट्रेनिंग सेंटर रेवास देवड़ा रोड पर क्वॉरेंटाइन सेंटर बनाया गया है। यहां पॉजिटिव मरीज के अलावा क्वॉरेंटाइन किए गए लोगों को भी रखा जा रहा है। बीती रात क्वॉरेंटाइन किए गए गुदरी क्षेत्र के 34 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई। इस व्यक्ति का 16 मई को सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा गया है जिसकी जांच रिपोर्ट आना बाकी है। मृतक का भाई कोरोना पॉजिटिव है और जीएनएम नर्सिंग ट्रेनिंग सेंटर में ही इलाज करवा रहा है। पॉजिटिव भाई के संपर्क में आने पर मृतक को क्वॉरेंटाइन किया गया था। 8 मई से मृतक क्वॉरेंटाइन था। गुदरी के मामले में लगातार प्रशासनिक लापरवाही जारी है। यहां प्रशासन की लापरवाही यह रही कि कोरोना पॉजिटिव मरीज का संपर्क में आया हुआ भाई 8 मई से क्वॉरेंटाइन किया गया लेकिन जब उसकी तबीयत 16 मई को बिगड़ी तब जाकर सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा गया। जबकि कोरोना पॉजिटिव के संपर्क में आए हुए उसके भाई का सैंपल भी उसी समय भेज देना था ताकि रिपोर्ट समय पर आ जाती और हो सकता है मृतक का इलाज भी शुरू हो जाता लेकिन इंतजार किया गया कि उसमें कोई कोरोना के लक्षण दिखाई दें उसके बाद सैंपल लेकर भेजा जाएगा। जब मृतक की तबीयत बिगड़ी तब 16 तारीख को उसका सैंपल लेकर भेजा गया। इस तरह की लापरवाहियाँ प्रशासन करता रहेगा तो मंदसौर जिले की आने वाले समय में स्थिति क्या होगी यहां कितने मरीज निकल जाएंगे इस लापरवाही से अंदाजा लगाया जा सकता ह। पूर्व में भी प्रशासन ने गुदरी के बुजुर्ग कोरोना
पॉजिटिव मृतक के जनाजे में दर्जनों लोगों को शामिल होने से नहीं रोका जिसका नतीजा यह हुआ कि आज भी गुदरी में मरीज सामने आते जा रहे हैं और फिर से लापरवाही दोहराई गई है, समय पर सैंपल लेकर नहीं भेजा गया सांस लेने में तकलीफ, गले में तकलीफ होने से मरीज बीती रात बहुत तड़पा, उसने उल्टी भी की, दांतो के बीच जुबान आने से जुबान भी कट गई जिस से काफी खून निकला और बाद में मौत हो गई। डॉक्टरों का कहना है कि हमने मरीज का पूरा ध्यान रखा, रात में तबीयत ज्यादा बिगड़ी और मौत हो गई। लेकिन इधर मृतक का भाई प्रशासन पर गंभीर आरोप लगा रहा है। इन आरोपों में कितनी सच्चाई है यह तो हम नहीं कह सकते लेकिन यहां प्रशासन की जो लापरवाही उजागर हुई वो ये है कि मृतक 8 मई से क्वॉरेंटाइन किया गया था, कोरोना पॉजिटिव का सगा भाई था तो इसका सेंपल पहले लिया जाना था ताकि रिपोर्ट आ जाती और इलाज हो जाता शायद मृतक आज जिंदा होता।
 उधर जिला चिकित्सालय में भी गुदरी की एक महिला की सांस लेने में तकलीफ के बाद मौत हो गई है। जिला चिकित्सालय में भर्ती महिला को क्वॉरेंटाइन सेंटर ले जाया जा रहा था लेकिन वहां गुदरी के व्यक्ति की मौत के बाद मृतक के पॉजिटिव मरीज भाई ने हंगामा कर दिया था। इसके चलते वापस महिला को जिला चिकित्सालय लाया गया जहां उसकी मौत हो गई। अब यह मौत कोरोना पॉजिटिव होने से हुई या कोई और तकलीफ थी यह अभी साफ नहीं हो पाया है।

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