Latest News

‘भूसा घर नहीं बने तो होगी कार्यवाही’

सीडीओ ने बैठक कर मातहतों के कसे पेंच, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को दी प्रतिकूल प्रविष्टि, आडिट के दिए निर्देश

चित्रकूट, सुखेन्द्र अग्रहरि। मुख्य विकास अधिकारी डॉ महेंद्र कुमार की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में गौशाला संचालन की समीक्षा बैठक हुई। उन्होंने सभी खंड विकास अधिकारियों से कहा कि जहां पर भूसा घर नहीं बने हैं वहां अस्थाई बनवा लें। किसानों से संपर्क कर भूसा दान कराएं। जिला विकास अधिकारी से कहा कि जब तक सभी गौशालाओं पर भूसा घर न बन जाए तब तक खंड विकास अधिकारियों का माह अप्रैल का वेतन न दें। तीन दिन के अंदर अगर नहीं बनाते हैं तो खिलाफ चार्जशीट दी जाए। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ केपी यादव से कहा कि जिन गौशालाओं के भरण पोषण की पत्रावलिया लंबित हैं उनका तत्काल भुगतान कराएं तथा पत्रावलियों का परीक्षण अवश्य करें। उन्होंने खंड विकास अधिकारियों से कहा कि
बैठक में निर्देश देते सीडीओ।
पहले ग्राम पंचायतों को दी गई धनराशि पर उपभोग प्रमाण पत्र दें। ग्राम पंचायतों का ऑडिट भी कराएं। ऑडिट के लिए अकाउंटेंट नियुक्त किया गया है। कार्य नहीं करने पर तत्काल हटा दिया जाए। सीडीओ ने मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को कार्य में रुचि न लेने पर प्रतिकूल प्रविष्टि देने के निर्देश दिए। ऑडिट की आपत्तियां भी समिति के सामने प्रस्तुत करें। कहा कि ग्राम पंचायत गौशाला समिति का भी रजिस्ट्रेशन हो। उन्होंने सभी खंड विकास अधिकारियों से कहा कि सभी गौशालाओं पर रजिस्टर्ड फर्म से ही भूसा खरीदें। व्यवस्थाएं दुरुस्त रखें। कहीं पर कोई समस्या नहीं होना चाहिए। मनरेगा के कार्यों पर प्रगति लाएं। शासन से भी मनरेगा योजना की लगातार समीक्षा की जाती है। इसमें मेहनत कर अधिक से अधिक रोजगार उपलब्ध कराएं। लाक डाउन के समय लोगों को रोजगार और गांव का विकास होंगा। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतें। बैठक में अपर जिलाधिकारी जीपी सिंह, जिला विकास अधिकारी आरके त्रिपाठी, उप जिलाधिकारी सहित संबंेिधत अधिकारी माजूद रहे।

1 comment:

  1. भरण पोषण की जिम्मेदारी जिन विभागों की है , उन्हें भूसा बैंक बनाने के दायित्व का नॉर्व्हन करना होगा ।
    पशु पालन विभाग पर चिकित्सा , बधियाकरण ,करात्रिम गर्भाधान का उत्तरदायित्व है अतः हर दायित्व का पशुपालन विभाग से अपेक्षित नही होना चाहिए।

    ReplyDelete