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कानपुर: अंतिम संस्कार में दिखाई जल्दबाजी हो गया बवाल

कानपुर में पुलिस ने एक युवक के अंतिम संस्कार में इतनी जल्दबाजी दिखाई कि बवाल हो गया। ग्वालटोली पुलिस ने जिस मुस्लिम युवक के शव का लावारिस दिखाकर अंतिम संस्कार करा दिया, उसके परिजन घाट पहुंच गए। आरोप है कि हंगामे से बचने को पुलिस ने एक हिंदू का शव पकड़ा दिया।
आमजा भारत सवांददाता:- घर पहुंचे परिजनों को जब इसका पता चला तो मोहल्ले वालों के साथ ग्वालटोली थाने पहुंचकर जमकर हंगामा किया। इंस्पेक्टर विजय कुमार पांडेय के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने की मांग करने लगे। सीओ ने जांच के बाद कार्रवाई का आश्वासन देकर शांत कराया।

कर्नलगंज के छोटे मियां का हाता निवासी सब्जी विक्रेता मो. अकील (36) 13 मई को लापता हो गया था। घरवालों ने गुमशुदगी दर्ज करवाई। ग्वालटोली पुलिस को 14 मई को हैनीमैन चौराहे पर एक शव मिला। आरोप है कि पुलिस ने शिनाख्त कराने की कोशिश नहीं की। यह शव अकील का था। 72 घंटे बाद रविवार को पोस्टमार्टम के बाद शव ग्वालटोली पुलिस के सुपुर्द किया गया।

थानेदार विजय कुमार पांडेय के निर्देश पर परमट चौकी प्रभारी ने घाट पर दाहसंस्कार करवा दिया। उधर किसी तरह पता चलने पर अपराह्न तीन बजे घर वाले ग्वालटोली थाने पहुंचे तो फोटो देखकर पुलिस ने भी माना कि शव अकील का था। परिजन परमट चौकी पहुंचे तो पुलिस ने कफन में सिला एक शव पकड़ा दिया जबकि अकील के शव का दाह संस्कार किया जा चुका था।

परिजन शव लेकर घर पहुंचे तो पता चला शव अकील का नहीं है। मृतक के मामा आरिफ ने बताया कि किसी हिंदू का शव था। पोस्टमार्टम में पता चला है कि अकील की मौत सिर पर चोट लगने से हुई थी। परिजनों को आशंका है कि उसकी हत्या की गई है। परिजनों का कहना कि ग्वालटोली और कर्नलगंज पुलिस की लापरवाही में उनके बेटे का शव लावारिस में जला दिया गया।

पुलिस ने कोई गड़बड़ी नहीं की। परिजन शव लेने ही देरी से पहुंचे। नियमानुसार 72 घंटे बाद शव का अंतिम संस्कार कराया गया। रही बात दूसरा शव ले जाने की तो परिजन खुद उसे अकील का शव बताकर ले गए थे। - विजय पांडेय ग्वालटोली इंस्पेक्टर

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