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आतंकवाद भारत के अंदर बैठे लोगों को समाप्त करें.....................

देवेश प्रताप सिंह राठौर 
(वरिष्ठ पत्रकार)

.... मोस्ट वांटेड आतंकवादियों मुजाहिदीन का रियाज नायकु जो बहुत बड़ा कमांडर है हिज्बुल मुजाहिदीन का यश के ऊपर 12 लाख का इनाम है भारतीय सेना ने घेर रखा है तथा रियाज नायकू भारतीय सेना ने मार गिराया और बड़ी सफलता भारतीय सेना को प्राप्त हुई है इसके लिए सेना को जितना भी कुछ कहा जाए वह शब्द नहीं है हमें गर्व है अपनी भारतीय सेना पर ।ऑपरेशन सेना का सफल हुआ तो 2016 में बुरहान वानी की मौत के बाद सबसे बड़ा आतंकवादी कमांड र रियाज नायकु ओ मार के गिरा दिया जाएगा भारतीय सेना के द्वारा यह बहुत बड़ी उपलब्धि होगी वैसे भारत को घर के अंदर मौजूद आतंकवादी के शरणदाता पर सख्त कार्रवाई करते हुए उन्हें समाप्त करें तभी संभव है देश से आतंकवाद समाप्त हो सकेगा।भारतीय सेना कीभारत के अंदर जो बैठे हुए हैं जो आतंकवाद को शरण दे रहे हैं वह सबसे घातक है जब तक हम अंदर के आतंकवाद को समाप्त नहीं करेंगे शरण देने वाले जो घर के अंदर मौजूद हैं पहले उन्हें समाप्त करो अभी भारत आतंकवाद से मुक्त हो सकेगा क्योंकि जिस तरह जम्मू-कश्मीर में पत्थरबाज आतंकवादियों की मदद कर रहे हैं वहां के रहने वाले लोग उनको सुना देते हैं ऐसे ही पूरे भारतवर्ष में आतंकवादियों की मदद करने वाले बहुत से लोग हैं जिसके कारण यह घर में रहकर हमको नुकसान पहुंचाते चले आ रहे हैं।आतंकवाद जम्मू कश्मीर से हमेशा वहां के नागरिकों के सहयोग से फलता फूलता रहा है कुख्यात आतंकवादी बुरहान वानी की 2016 में कुख्यात आतंकवादी को मौत के घाट उतारा था उसके बाद बहुत सारे कश्मीरियों ने बुरहान वानी की मौत पर तांडव मचाया हमारे वीर सैनिकों ने एक से एक महारथी जो हमारी सेना के अंग हैं उन्होंने आतंकवादियों के नकेल डाल दो और आज किस देश में आतंकवाद कश्मीर का धीरे धीरे अन्य पिछले इतिहास के पन्नों को उठाएं आज कम है। कश्मीर में दो-तीन दिन पहले जिस तरह से सीजफायर का उल्लंघन पाकिस्तान हमेशा करता रहा है उसने हमारे कुछ सैनिक अधिकारी एवं सेना के वीर महारथी शहीद हुए हैं भारत और महान सपूतों की शहादत का बदला पाकिस्तान के सैकड़ों लोगों की मौत के घाट उतार कर अवश्य लेगा क्योंकि यह कायर पाकिस्तान छिपकर वार करता है उसकी सामने आने की औकात नहीं है मर रहा है वह  आज क्या स्थित है पाकिस्तान की परंतु
आतंकवाद को फैलाने में कतई कोई कुताही नहीं कर रहा है  और कश्मीर में 30 सालों से फैले आतंक की आग को मात्र तीन लोग बुझा सकते हैं। इस पर विश्वास नहीं होता। लेकिन यह सत्य है कि कश्मीर में फैले आतंक के लिए वर्तमान में जिम्मेदार तीन आतंकी कमांडरों की गिरफ्तारी मात्र कश्मीर में आतंक की ज्वाला को ठंडा कर सकती है। और ये तीनों कमांडरों आज पाकिस्तान में हैं जिनके नाम उस सूची में सबसे प्रमुख स्थान पर हैं जिसे भारत ने पाकिस्तान को कई बार सौंपा है।ये तीन आतंकी कमांडर हैं जैश-ए-मुहम्मद का सर्वेसर्वा मौलाना मसूद अजहर। लश्करे तौयबा को चलाने वाला हाफीज मुहम्मद सईद और हिज्बुल मुजाहिदीन का सुप्रीम कमांडर सैयद सलाहुद्दीन। इन तीनों के प्रति एक चौंकाने वाला तथ्य यह है कि जम्मू कश्मीर पुलिस का यह मानना है कि अगर तीनों को पाकिस्तान भारत सरकार को सौंप देता है तो कश्मीर में आतंकवाद की कमर पूरी तरह से तो नहीं लेकिन 90 प्रतिशत अवश्य टूट जाएगी।

 भारत सरकार ने पाकिस्तान को आतंकियों की जो सूची सौंप रखी है, उसमें कश्मीर में आतंक के लिए यह तीनों ही जिम्मेदार बताये गये हैं। फिलहाल कश्मीर पुलिस को इंतजार है कि वह दिन अवश्य आएगा जिस दिन पाकिस्तान इन तीनों को भारत के हवाले करेगा जो सीधे और अप्रत्यक्ष रूप से कश्मीर में फैले आतंकवाद के लिए जिम्मेदार हैं।
 यह बात अलग है कि लश्करे तौयबा का प्रमुख हफीज मुहम्मद सईद कभी कश्मीर में नहीं आया लेकिन वह कश्मीर में फैले आतंकवाद के लिए जिम्मेदार इसलिए माना जाता है क्योंकि कश्मीर पुलिस के मुताबिक: 'कश्मीर में उसके गुट द्वारा की जाने वाली घटनाओं के लिए हम उसके मुखिया को ही जिम्मेदार मानते हैं।'लेकिन जैश-ए-मुहम्मद के मौलाना मसूद अजहर तथा हिज्बुल मुजाहिदीन के सैयद सलाहुद्दीन अवश्य कश्मीर में सीधे आतंकी घटनाओं के लिए जिम्मेदार माने जा सकते हैं। इनमें से सैयद सलाहुद्दीन तो कश्मीर का नागरिक भी है जिसने 1987 के विवादास्पद विधानसभा चुनावों में हिस्सा भी लिया था और कथित चुनावी धांधलियों के विरोध में उसने बंदूक उठा ली थी। सैयद सलाहुद्दीन आप ही हिज्बुल मुजाहिदीन का सुप्रीम कमांडर बन बैठा था जब मास्टर अहसान डार को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। सुप्रीम कमांडर बनने के उपरांत वह पाक कब्जे वाले कश्मीर में चला गया था।इन तीनों आतंकी कमांडरों के विरूद्ध कश्मीर घाटी में कई मामले दर्ज हैं। कईयों में उनकी संलिप्तता प्रत्यक्ष दर्शाई गई है तो कईयों में अप्रत्यक्ष। कश्मीर पुलिस के महानिदेशक के. राजेंद्रन के बकौल, इन तीनों संगठनों के तीनों कमांडर पूरी तरह से कश्मीर में फैले आतंकवाद के लिए जिम्मेदार हैं और आज यही तीन गुट कश्मीर में सक्रिय हैं जबकि बाकी अन्य का सफाया हो चुका है।इन नेताओं के खिलाफ कश्मीर में जो मामले दर्ज हैं उनमें सैयद सलाहुद्दीन के खिलाफ जम्मू कश्मीर के विद्युत मंत्री गुलाम हसन बट के कत्ल का मामला भी है जिनकी एक बारूदी सुरंग विस्फोट में मौत हो गई थी तो जैश-ए-मुहम्मद के सर्वेसर्वा मौलाना मसूद अजहर के खिलाफ प्रथम अक्तूबर को कश्मीर विधानसभा के बाहर हुए मानव बम तथा आत्मघाती हमले की जिम्मेदारी का मामला पुलिस फाइलों में दर्ज है जिसमें कई लोग मारे गए थे।तीनों आतंकी कमांडरों का प्रत्यर्पण कैसे आतंकवाद की मौत के लिए जिम्मेदार होगा, के प्रश्न के उत्तर में एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी का मत थाः 'आतंकवादियों के लिए नेता एक बल के रूप में होता है और नेता की मौत उनके मनोबल को तोड़ देती है। यही हाल कश्मीर में सक्रिय आतंकवादियों का हो सकता है अगर पाकिस्तान इन तीनों कमांडरों को भारत के हवाले कर दे तो। आज भारत देश चार दशकों से आतंकवादी से जूझ रहा है कोई नक्सली है कोई पाकिस्तान द्वारा भेजे गए आतंकवादी है कोई माओवादी है हर क्षेत्र में कोई ना कोई रूप में आतंकी गतिविधिया देश में बनी रहती हैं जिसे समाप्त करने के लिए सरकार को ग्रह आतंकवाद को समाप्त कर उसके बाद बाहर से आया हुआ आतंकवाद स्वता नष्ट कर दिया जाएगा इतनी भारतीय सेना में जो आज घर की लड़ाई से लेकर बाहर की लड़ाई तक हर जगह हमारी सेना देश की रक्षा करती आई है और पाकिस्तान की तरफ से भेजे गए आतंकवाद जब तक पाकिस्तान को सख्त कार्यवाही नहीं की जाएगी तथा काश्मीर के रहने वालों को उनके द्वारा दिए गए किसी भी आतंकवादी को शरण दे रहा है वह सबसे बड़ा आतंकवादी है सबसे पहले उन्हें समाप्त करने की जरूरत है क्योंकि रहते हैं भारत में भारत विरोधी गतिविधियों से लिप्त लोग यहां नेता बने बैठे हैं जब तक लोगों को समाप्त ही नहीं करें पाएंगे तब तक आतंकवाद समाप्त होने की स्थिति नहीं है। तब हमारी वीर सेना आतंकवादियों से लड़ती है वहा के रहने वाले लोग पत्थर मारते हैं और आतंकवादियों को बचाने के लिए हर संभव प्रयास करते हैं सेना हमारी हेलो पर दया करती है यह भारतीय इन पर गोली नहीं चलाएं ह परंतु यह लोग मानने वाले नहीं है। काश्मीर में आतंक जभी समाप्त होगा होगा काश्मीर के रहने वाले कुछ लोग आतंकवादियों को शरण देना जारी रखेंगे और भारत में रहकर भारत का नुकसान करने वाले यह लोग इन्हें सरकार सबसे पहले इनको समाप्त करें आतंकवाद स्वयं आने का कोई रास्ता शरणदाता नहीं रहेगा कोई आतंकवादी घुसपैठिए जो छिपकर वार करते हैं हमारी सेना पर वह नहीं हो पाएगा और हमारी सेना इन गद्दारों को सर्वप्रथम समाप्त करें तभी हम आतंकवाद से मुक्त हो सकेंगे। हिजबुल कमांडर रियाज नायकु को मार गिराया गया 12लाख रुपए का इनामी कमांडर रियाज नैकू मार गिराया जो बहुत ही बड़ी है भारतीय सेना को उपलब्ध हुई है इसके लिए भारतीय सेना को हृदय से प्रणाम करते हैं वह दिन दूर नहीं कश्मीर से पूरा आतंकवाद खत्म हो जाएगा और अंदर बैठे उनके सहयोगी जोड़ने शरण दे रहे हैं उनका भी सफाया होगा वह दिन जरूर आएगा या तनख्वाह खत्म होएगा और भारत पाकिस्तान के मंसूबे को कभी पूरा नहीं होने देगा कि भारत एक शक्ति है भारत का एक सेना पाकिस्तान के हजार के बराबर है हमें गर्व है अपनी सेना पर अभी कुछ दिन पहले हमारे सैनिक शहीद हुए थे रियाज नायकू आतंकवादीको मारकर शहीद हुए जवानों को सच्ची श्रद्धांजलि हमारे भारतीय सेना ने प्रदान की है हमें गर्व है अपनी सेना पर आतंकवाद शीघ्र समाप्त होगा लेकिन इसमें घर के बैठे आतंकवादी घर बैठे आतंकवादी को पहले  नष्ट करना है।

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