प्रदेश सरकार के तानाशाही रवैये से नाराज शिक्षकों ने रखा उपवास - Amja Bharat

Amja Bharat

All Media and Journalist Association

Breaking

Advt.

Advt.

Post Top Ad

Responsive Ads Here

Thursday, May 28, 2020

प्रदेश सरकार के तानाशाही रवैये से नाराज शिक्षकों ने रखा उपवास

मूल्यांकन कार्य में अनुपस्थित परीक्षकों पर कार्रवाई होने से नाराज हुए साथी 
 
फतेहपुर, शमशाद खान । कोरोना वायरस के संक्रमण के दौरान प्रदेश सरकार द्वारा यूपी बोर्ड की उत्तरपुस्तिकाओं के कराये जा रहे मूल्यांकन कार्य का उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ द्वारा लगातार विरोध किया जा रहा है। ऐसे में कई शिक्षक मूल्यांकन कार्य में शामिल नहीं हो पा रहे हैं। सरकार के निर्देश पर डीआईओएस द्वारा अनुपस्थित परीक्षकों के खिलाफ कार्रवाई किये जाने से नाराज शिक्षकांे ने शिक्षक भवन में एक दिवसीय उपवास रखकर विरोध दर्ज कराया। 
शिक्षक भवन में उपवास पर बैठे माध्यमिक शिक्षक संघ के पदाधिकारी।
उपवास के दौरान माध्यमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष आलोक शुक्ला एवं जिला मंत्री पुष्पराज सिंह ने बताया कि कोरोना महामारी के आतंक के साये में प्रदेश सरकार द्वारा मूल्यांकन कार्य जबरन कराया जा रहा है। शिक्षकों का शोषण व दमन का कार्य जनपद में हो रहा है। मूल्यांकन कार्य में लाकडाउन अवधि में उपस्थित न हो पाने पर शिक्षकों को वेतन काटने को नोटिस दी जा रही है। ग्रीष्मावकाश में शिक्षकों को मुख्यालय न छोड़ने एवं आनलाइन शिक्षण कार्य सम्पादित करने का तुगलकी फरमान जारी किया गया है। कहा गया कि जिला विद्यालय निरीक्षक अपने रवैये में सुधार लायें। पूर्व में निर्गत वेतन काटने के आदेश को वापस न यिा गया तो संगठन की रणनीति बनाकर आन्दोलन के लिए तत्पर होंगे। कहा गया कि मूल्यांकन अवधि के बीच जिला विद्यालय निरीक्षक के द्वारा अनुपस्थित परीक्षकों के संदर्भ में किसी भी प्रकार का आदेश निर्गत नहीं किया गया। जबकि मूल्यांकन समाप्ति के पश्चात अनुपस्थित परीक्षकों को कारण बताओ स्पष्टीकरण पत्र निर्गत किया जाना क्या औचित्यपूर्ण है। कहा कि मूल्यांकन कार्य में लगे परीक्षकों को अधिकतम दस दिनों का यात्रा भत्ता व अन्य भत्ते प्रदान करता है। जबकि जिला विद्यालय निरीक्षक के आदेशानुसार परीक्षकों की अनुपस्थिति 21 दिन की मानी जा रही है। इससे डीआईओएस की कार्यशैली पर प्रश्न चिन्ह उठता है। आरोप लगाया कि जनपद के शिक्षकों का शोषण करने पर उतारू हैं। 

2 comments:

Post Bottom Ad

Responsive Ads Here

Pages