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लॉकडाउन:- कानपुर में फिर खुलेगी रोजगार की राह

एक जिला एक उत्पाद योजना में चमड़े के साथ टेक्सटाइल और होजरी उद्योग के शामिल होने से जिले में रोजगार की नई राह खुलेगी। क्षेत्र में काम कर रहे उद्यमियों को तो फायदा मिलेगा ही साथ ही बड़ी संख्या में बेरोजगार सरकार की योजनाओं का लाभ लेकर रोजगार शुरू कर सकेंगे। जिले में होजरी और टेक्सटाइल उद्योग को आगे बढ़ाने की कार्य योजना तैयार की जा रही है। माना जा रहा है की लॉकडाउन खत्म होने के बाद सरकार शहर की पहचान कहे जाने वाले चमड़ा उद्योग और अब ओडीओपी में शामिल टेक्सटाइल और होजरी उद्योग को आगे बढ़ाने के लिए बड़े बजट की घोषणा कर सकती है।
हर कोई शुरू कर सकता कपड़ा संबंधी काम
आमजा भारत कार्यालय संवाददाता:- एक जिला एक उत्पाद योजना के तहत चमड़ा उद्योग के विकास के लिए सरकार की ओर से शुरू की गई ऋण योजना में शहरियों ने बहुत अधिक रुचि नहीं दिखाई, क्योंकि बीते 2 वर्षों से टेनरियों की बंदी चल रही है। चमड़े और इसके उत्पादों का उत्पादन पूरी तरीके से ठप है। ऐसे में न तो नए उद्यमियों को इसमें कोई राह नजर आ रही है और ना पुराने उद्यमियों को भविष्य। इसके अलावा चमड़े का कार्य करने के लिए खास वर्ग की जरूरत होती है जबकि होजरी और टेक्सटाइल यानी कपड़े से संबंधित काम हर कोई कर सकता है। इस वजह से माना जा रहा है कि इस क्षेत्र में  बड़े पैमाने पर रोजगार की राह खुलेगी।

इस वजह से हुआ बदलाव
दरअसल, एक जिला एक उत्पाद योजना में चमड़ा कारोबार के फिट न बैठने की वजह से सरकार की यह महत्वाकांक्षी परियोजना कानपुर में धड़ाम हो गई है। बीते एक वर्ष से इस योजना में उत्पाद के बदलाव की मांग की जा रही थी। प्रदेश सरकार के तत्कालीन सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्योग मंत्री सत्यदेव पचौरी ने भी इसमें बदलाव की मांग सरकार से की थी। इसके बाद जिला उद्योग केंद्र की तरफ से जिला उद्योग बंधु की बैठक में भी ओडीओपी में होजरी, टेक्सटाइल या रेडीमेड गारमेंट शामिल करने का प्रस्ताव रखा गया था। वहां से यह प्रस्ताव राज्य स्तरीय उद्योग बंधु को भेजा गया। मामला शासन तक पहुंचा तो कैबिनेट की बैठक में इसे मंजूरी दी गई। अब इसका शासनादेश उद्योग विभाग को भेज दिया गया है।

20 जिलों के उत्पादों में हुआ बदलाव
एक जिला एक उत्पाद योजना में कानपुर समेत प्रदेश के 20 जिलों के उत्पादों में बदलाव किया गया है। कानपुर और उसके आसपास आने वाले जिलों में कानपुर देहात में जस्ते के बर्तन के साथ प्लास्टिक के उत्पाद, चित्रकूट में लकड़ी के खिलौने के साथ कास्ठ कला के उत्पाद, महोबा में गोरा पत्थर शिल्प के साथ धातु शिल्प का काम भी शामिल किया गया है।

एक जिला एक उत्पाद योजना में चमड़े के साथ होजरी और टेक्सटाइल को शामिल करने की मंजूरी काफी पहले मिल चुकी थी। अब इसका शासनादेश जारी हुआ है। अब इन दोनों उद्योगों के विकास की रूपरेखा तैयार की जाएगी। एक जिला एक उत्पाद योजना में कानपुर में अब तीन तरह के उद्योग शामिल हो गए हैं। इससे यहां बड़े पैमाने पर रोजगार की राह खुलेगी। - सर्वेश्वर शुक्ला संयुक्त आयुक्त उद्योग

एक जिला एक उत्पाद योजना में चमड़े के साथ होजरी और टेक्सटाइल को शामिल करना अच्छा कदम है। शहर के उद्यमी इसकी सराहना करते हैं।सरकार को चाहिए कि अब इन दोनों तरह के उद्योगों के विकास के लिए धरातल पर देखने वाली योजनाएं लाए, ताकि शहर का भला हो सके।  - मनोज बंका, प्रदेश अध्यक्ष, होजरी मैन्युफैक्चरिंग एसोसिएशन

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