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चिन्हित इकाइयों पर 6 मई से शुरू होगा नियमित टीकाकरण

वीएचएनडी सत्रों में आवश्यक सावधानी और सामाजिक दूरी का हो पालन: सीएमओ 
 
बांदा, के0 एस0 दुबे । लाक डाउन के दौरान अपने बच्चों का नियमित टीकाकरण न करवा पाने से परेशान लोगों के लिए अच्छी खबर है। इस दौरान बाधित की गई टीकाकरण व मातृ एवं नवजात स्वास्थ्य सेवाओं को जनपद में 6 मई से चिन्हित स्थानों पर पुनरू शुरू किया जाएगा। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. संतोष कुमार ने बताया कि कोरोना संक्रमण के चलते मातृ एवं नवजात स्वास्थ्य संबन्धी सेवाओं को स्थगित कर दिया गया था। पर शिशु मृत्यु दर में बढ़ोतरी न हो, इसलिए प्रमुख सचिव स्वास्थ्य के निर्देशानुसार इन्हें चिन्हित स्वास्थ्य इकाइयों पर वीएचएनडी के माध्यम से व नियमित सत्र लगाकर 6 मई से फिर शुरू किया जाएगा। शुरुआत में जसपुरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र व कमासिन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर 6 मई से प्रत्येक बुधवार व शनिवार को पहले की तरह वीएचएनडी सत्रों का आयोजन किया जाएगा। वहीं बांदा शहर के जिला अस्पताल स्थित पीपीसी व अतर्रा पीपीसी में प्रतिदिन सुबह 10 से शाम 4 बजे तक टीकाकरण किया जाएगा। शेष सामुदायिक व प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों के लिए बाद में निर्देश जारी किये जाएंगे।
उन्होंने बताया कि कोरोना संक्रमण के चलते आवश्यक सावधानी बरतकर व सामाजिक दूरी का पालन करते हुए सत्रों का आयोजन सुनिश्चित किया जाए, इसके लिए एएनएम व आशाओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। सत्र आयोजन के पहले ही आशा सभी गर्भवती महिलाओं का सर्वे कर उन महिलाओं को चिन्हित करेंगी जिनमें खांसी, बुखार व सांस लेने में तकलीफ जैसे लक्षण हों और इसकी जानकारी तत्काल मुख्य चिकित्सा अधिकारी या प्रभारी चिकित्सा अधिकारी को देंगी। वीएचएनडी स्तर पर स्लॉट में लोगों को बुलाया जाएगा जिससे भीड़ इकट्ठी न हो और लाभार्थियों के बाच कम से कम 1 मीटर की दूरी सुनिश्चित हो। 
बैठक के दौरान मौजूद स्वास्थ्य कर्मी

एएनएम व सुपरवाइजरों को दिया प्रशिक्षण
बांदा। वीएचएनडी सत्रों के दौरान लाभार्थियों और कार्यकर्ताओं को संक्रमण का खतरा न हो, इसके लिए जसपुरा की एएनएम व सुपरवाइजरों को आज प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण में उन्हें बताया गया कि सत्र के आयोजन के समय सामाजिक दूरी, मास्क पहनने, साबुन से हाथ धोने व संक्रमन नियंत्रण सम्बन्धी निर्देशों का कड़ाई से पालन किया जाए। सत्र के परिसर को पंचायत की मदद से सेनिटाइज कराया जाए। एएनएम इस्तेमाल किये जाने वाले सभी उपकरणों को भी सेनिटाइज करें। वीएचएनडी सत्र पर हाथ धोने के लिए एक कार्नर बनाया जाएगा जहाँ पर एक बाल्टी, स्वच्छ पानी, मग और साबुन की व्यवस्था की जाएगी। सभी लाभार्थी साबुन से कम से कम 20 सेकेण्ड तक हाथ धोकर ही अन्दर प्रवेश कर सकेंगे। एएनएम लाभार्थी और साथ आए व्यक्तियों को मास्क का उपयोग करने के लिए भी प्रेरित करेंगी। प्रशिक्षण में जसपुरा के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डा. संदीप, आरओ एआरआई राधा शर्मा व यूनिसेफ के जिला मोबिलाइजेशन समन्वयक फुजैल ए सिद्दिकी शामिल रहे। 

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