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12 मई को ज्येष्ठ का पहला बड़ा मंगल

वैशाख पूर्णिमा के बाद ज्येष्ठ माह के पहले मंगल से लखनऊ में बड़े मंगल के रूप में मनाते है। इस बार 12 मई , 19 मई, 26 मई और 2 जून को चार बड़े मंगल पड़ रहें है। इन बड़े मंगल पर पूरे शहर में जगह-जगह प्रसिद्व हनुमान मन्दिरों में श्रृंगार, पूजा-पाठ बड़े भक्ति एवं उत्साह से मनाते हैं। इस बार लॉक डाउन के चलते यह आयोजन नहीं हो पाएंगे हनुमान जी कलयुग में सर्वाधिक पूजें जाने वाले देवता है। हनुमान जी भगवान शिव के अवतार है। इनकी पूजा तत्काल फल देने वाली है इन्हें हनुमान, संकटमोचन, बजरंगबली, महावीर, पवन पुत्र, आंजनेय, केसरीनन्दन आदि नामों से पुकारा जाता है। इन्हें ग्राम देवता के रूप में भी पूजा जाता है। ये शक्ति, तेज और साहस के प्रतीक है। हनुमान भक्त व्रत रख कर राम, सीता, लक्ष्मण और हनुमान जी का पूजन कर भजन- कीर्तन करते है और रामचरित मानस के सुन्दर काण्ड का पाठ करना बहुत लाभ दायक होता है। लाल वस्त्र , लाल चन्दन, लाल फूल, सिन्दूर चमेली के तेल का लेप, तुलसी पत्र, बेसन के लडडू और बूंदी से
ये शीघ्र प्रसन्न होते है । 
ज्योतिष दृष्टिकोण से ज्येष्ठ माह में हनुमान जी की विशेष पूजा आराधना से मंगल ग्रह सम्बंधी दोष दूर होते है जैसे- मंगल ग्रह हमारे भाईयों और मित्रों का कारक है उनसे लाभ होता है और मंगल जनित रोगों जैसे - खून, बल्र्ड प्रेशर आदि रोगों से राहत मिलती है एवं स्वास्थ्य लाभ होता है। मंगल प्रापर्टी लाभ , शत्रु नाश और मुकदमों में विजयी का कारक है 

हनुमानजी की सरल पूजा विधि

देशभर में लॉकडाउन है। ऐसी  में घर में पूजा की जो सामग्रियां उपलब्ध हैं उनसे ही पूजा करें। अगर चीजें ना हो तो सिर्फ दीपक जलाकर हनुमान चालीसा का पाठ कर सकते हैं, घर के मंदिर में  सबसे पहले श्रीगणेश का पूजन करें। गणेश पूजन के बाद पहले श्री राम जी का स्मरण करें हनुमानजी का पूजन करें। हनुमानजी की मूर्ति को स्नान कराएं। वस्त्र अर्पित करें। हार.फूल चढ़ाएं।  हनुमानजी को सिंदूर का तिलक लगाएं। धूप दीप घी या तेल का जलाएं। प्रसाद चढ़ाएं। फल मिठाई पान अर्पित करें । ऊँ ऐं हनुमते रामदूताय नमः मंत्र का जाप हनुमान चालीसा बजरण बाण का पाठ आरती करें। पूजा में अनजानी भूल के लिए क्षमा मांगे 

- ज्योतिषाचार्य-एस.एस.नागपाल, स्वास्तिक ज्योतिष केन्द्र, अलीगंज, लखनऊ

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