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Fight Against Coronavirus : अब कानपुर में भी कोरोना की जांच

सूबे में कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए शासन ने जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज की लैब में भी जांच कराने का निर्णय लिया है। कॉलेज प्रशासन को आवंटित 1.2 करोड़ रुपये से आरटी-पीसीआर मशीन मंगा ली गई। उसे स्थापित करने के साथ इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आइसीएमआर) को ईमेल कर दिया गया है। वहां से अनुमति मिलते ही शनिवार तक कोरोना वायरस की जांच शुरू होने की संभावना है।
बीएसएल थ्री लैब में अपग्रेड करने का फैसला
आमजा भारत कार्यालय संवाददाता:- मेडिकल कॉलेज के हैलट अस्पताल परिसर स्थित मेटरनिटी विंग में कोविड-19 हॉस्पिटल बनाया गया है। यहां कोरोना संदिग्धों की जांच नहीं होती है। उनके थ्रो और नेजल स्वाब के नमूने लेकर जांच के लिए लखनऊ भेजे जाते हैं। जांच रिपोर्ट आने में 24 से 36 घंटे लगते हैं। इस दौरान संदिग्ध और संक्रमित मरीज साथ-साथ रहने से संक्रमण फैलने का खतरा रहता है। शासन ने कॉलेज के माइक्रोबायोलॉजी विभाग स्थित लैब को बायो सेफ्टी लेवल (बीएसएल) थ्री लैब में अपग्रेड करने का निर्णय लिया है। यहां माइनस 18 डिग्री सेल्सियस का डीप फ्रीजर भी मंगाया है। सभी जरूरी सुरक्षा उपकरण भी आ गए हैं ताकि जांच करने वालों को संक्रमण का खतरा कम से कम हो।

ट्रेनिंग के लिए जाएंगे संकाय सदस्य
लखनऊ के केजीएमयू स्थित आइसीएमआर की लैब में ट्रेनिंग के लिए माइक्रोबायोलॉजी विभाग के दो संकाय सदस्य जाएंगे। वहां से ट्रेनिंग लेने के बाद विभाग की लैब में जांच करने वाले पैरामेडिकल स्टाफ को भी प्रशिक्षित करेंगे। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य प्रो. आरती लाल चंदानी ने बताया कि कोरोना वायरस की जांच के लिए आरटी-पीसीआर मशीन आ गई। डीप फ्रीजर समेत अन्य उपकरण भी शाम तक आ गए। आइसीएमआर को ईमेल कर अनुमति मांगी है। अनुमति मिलते ही फैकल्टी को ट्रेनिंग के लिए लखनऊ भेजेंगे। सभी प्रक्रिया शनिवार तक पूरी कर जांच शुरू करा देंगे।

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