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औषधीय गुणों से भरपूर महुआ

हमीरपुर, महेश अवस्थी  । महुआ के फूल, फल, बीज लकड़ी सभी चीजें काम में आती है

महुआ के फूल
महुआ के फूलों को सुखाकर चपाती या हलवे में भी इस्तेमाल करके खाते हैं।
महुआ के फूलों से खीर बनाई जाती है।
फूलों में प्रोटीन, शुगर, कैल्शियम, फास्फोरस और वसा होती है। 
महुआ के फूल कृमिनाशक और कफ से राहत देने वाले होते हैं इसका इस्तेमाल निमोनिया को दूर करने में किया जाता है। 
महुआ कई तरह से त्वचा के लिए भी फायदेमंद है, इसके पेड़ की छाल त्वचा को मुलायम बनाने में मदद करती है।  
महुअे के फूलों को जानवरों के लिए पोषक आहार माना जाता है। यह गौं, भैसों को भी खिलाया जाता है । जिससे वे मोटी होती हैं । और उनका दूध बढ़ता है 
महुआ के फूल बवासीर में भी फायदेमंद हैं। आप इसके फूलों को घी में भुनें और रोगी को इसे नियमित रूप से खिलाएं। इससे फायदा मिलेगा, यह दर्द को कम करने करके                    आपको आराम देता है। 
महुआ के फूलों का शहद आंखों में लगाने से आपकी आंखों की सफाई होती है और आंखों की रौशनी तेज होती है। इसके अलावा आंखों से पानी आने व आंखों में खुजली होने पर            इलाज के तौर पर भी इससे बना शहद गुणकारी होता है।  

महुआ के फल
इसका फल परवल के आकार का होता है और 'कलेंदी' कहलाता है। इसे छील उबालकर और बीज निकालकर तरकारी (सब्जी ) भी बनाई जाती है। 
महुआ के फलों का अचार  भी बनाया जाता है।

महुआ की छाल
डायबिटीज के रोगियों के लिए महुआ की छाल से बना काढ़ा लाभदायक होता है। इसके औषधीय गुण शरीर में ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल रखने में मदद करते हैं।
महुआ की छाल टॉन्सिलिटिस, डायबिटीज, अल्सर और गठिया के लिए इस्तेमाल की जाती है।
महुआ की टहनी और छाल दांतों के दर्द में फायदेमंद है। दांतों में दर्द और मसूड़ो से खून निकल रहा हो, तो आप महुआ की छाल से निकलने वाले रस के साथ थोड़ा पानी मिलाएं           और इस पानी से गरारे करें।
महुआ की तने की छाल के पाउडर, गुलर के साथ मिलाकर दिन में दो बार पांच ग्राम की खुराक में सांस की बीमारी के लिए दिया जाता है।
महुए के छाल का काढ़ा बनाकर इसे शरीर में दाग और धब्बे के ऊपर लगाने से दाग धब्बे दूर हो जाते हैं।
महुआ का उपयोग मादक पदार्थ जैसे शराब बनाने में भी इसका इस्तेमाल करते हैं।।

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