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न. पा. की ग्रांट में हुई भारी कटौती, वेतन के भी पड़ेंगे लाले

ईओ ने डीएम से लगाई गुहार, ग्रांट बढ़वाने की मांग  

शिकोहाबाद, विकास पालीवाल  ।  कोरोना महामारी में जहां नगर पालिका पर सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। पालिका द्वारा पूरे नगर में सीलिंग का कार्य कराया जा रहा है। इसके बाबजूद इस दौरान शासन स्तर से पालिका को राजवित्त आयोग में मिलने वाली ग्रांट में 50 प्रतिशत की कटौती कर दी गई है। जिसके बाद अब पालिका को अपने कर्मचारियों को वेतन, पेंशन व अन्य जरूरी भुगतान करने के भी लाले पड़ जायेंगे।  शासन ने पालिका की ग्रांट में भारी कटौती कर दी है। जिसकी बजह से पालिका को अपने अधिकारी, कर्मचारियों को वेतन देने के लाले पड़ जायेंगे। 
       
पालिका सूत्रों की मानें तो राज्य वित्त आयोग के माध्यम से नगर पालिका को दो करोड़ 29 लाख रुपये की ग्रांट मिलती थी। जिसमें से कर्मचारियों के वेतन, पेंशन व अन्य देयों का भुगतान कर जो धन राशि शेष बचती थी, उससे नगर पालिका क्षेत्र में विकास कार्य कराये जाते थे। विगत वर्षों से पालिका द्वारा जलकर, गृह कर की वसूली नहीं कर पा रही है। जिससे पालिका की अतिरिक्त आय भी नहीं हो पा रही है। इस बार प्रशासन ने दो करोड़ 29 लाख में से मात्र एक करोड़ 33 लाख रुपये की ग्रांट भेजी है। जिसमें से पालिका के कर्मचारियों का वेतन भी नहीं पूरा हो सकता है। जबकि वर्तमान में कोरोना के चलते पालिका पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है।  इस संबंध में  अधिशाषी अधिकारी अवधेश कुमार यादव  का कहना है कि शासन ने पालिका की ग्रांट में लगभग 50 प्रतिशत की कटौती की है, जिससे पालिका के सामने कर्मचारियों को वेतन और पेंशन के भुगतान करना भी मुश्किल हो जायेगा। उन्होंने कहा कि जिलाधिकारी से ग्रांट बढ़वाये जाने की मांग की जायेगी।

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