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चार माह से नहीं मिला वेतन, मेडिकल कर्मियों का कार्य बहिष्कार

वेतन में हो रही कटौती पर भी जताया गुस्सा 
मास्क और सेनेटाइजर भी नहीं हो पा रहा है उपलब्ध 

बांदा, कृपाशंकर दुबे । राजकीय ऐलोपैथिक मेडिकल कालेज में तैनात आउट सोर्सिंग कर्मचारियों को चार माह से वेतन नहीं मिला है। जबकि मुख्यमंत्री के स्पष्ट आदेश हैं कि स्वास्थ्य कर्मचारियों का वेतन नहीं रोका जाए। अलबत्ता मेडिकल कालेज के तानाशाह प्राचार्य की कारगुजारी की बदौलत बुधवार को मेडिकल कालेज के आउट सोर्सिंग कर्मचारियों ने कार्य बहिष्कार कर दिया। चेतावनी दी कि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो वह कार्य बहिष्कार पर डटी रहेंगी। इधर, कोरोना वायरस के संदिग्ध मरीजों के पहुंचने और उन्हें आईसुलेट किए जाने के कार्य में लगे आउट सोर्सिंग कर्मचारियों को न तो मास्क उपलब्ध कराया जा रहा है और न ही उन्हें सेनेटाइजर ही दिया जा रहा है। खबर पाकर नगर कोतवाली प्रभारी भी मौके पर पहुंच गए। 
राजकीय मेडिकल कालेज में कार्य बहिष्कार के दौरान आउट सोर्सिंग कर्मचारी
राजकीय ऐलोपैथिक मेडिकल कालेज में तैनात एक सैकड़ा से ज्यादा आउट सोर्सिंग कर्मचारी आर्थिक तंगी का सामना कर रहे हैं। कोरोना वायरस के संक्रमण की साइकिल को रोकने के लिए देशव्यापी 21 दिन के लाक डाउन के मद्देनजर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि स्वास्थ्य कर्मचारियों का वेतन किसी भी दशा में नहीं रोका जाए। कोरोना के योद्धाओं को सेनेटाइजर, मास्क और किट उपलब्ध कराई जाए ताकि वह अपने काम को आसानी से अंजाम दे सकें। लेकिन अफसोस कि राजकीय मेडिकल कालेज में मुख्यमंत्री के आदेश को ठेंगा दिखाते हुए प्राचार्य मनमानी पर आमादा हैं। कर्मचारियों को न तो मास्क उपलब्ध कराया जा रहा है और न ही सेनेटाइजर। ऐसे में कर्मचारी सहमे हुए हैं। इस सबसे नाराज मेडिकल कालेज में तैनात आउट सोर्सिंग कर्मचारियों ने बुधवार की दोपहर के समय कार्य बहिष्कार कर दिया। मेडिकल कर्मियों के कार्य बहिष्कार कर देने से उपचार व्यवस्था पटरी से उतर गई। मेडिकल कर्मियों का कहना है कि जो वेतन दिया जा रहा है, वह बहुत ही कम है, बावजूद इसके चार-चार महीने तक वेतन नहीं मिल रहा है। आखिर वह अपना जीवन यापन कैसे करें। खबर पाकर नगर कोतवाली प्रभारी दिनेश सिंह भी मौके पर पहुंच गए और मेडिकल कर्मचारियों से प्राचार्य के साथ बातचीत की जा रही है। कार्य बहिष्कार के दौरान संयुक्त स्वास्थ्य आउट सोर्सिंग संविदा कर्मचारी संघ अध्यक्ष रमा अवस्थी, उपाध्यक्ष चंद्रशेखर मिश्रा के अलावा आधा सैकड़ा आउट सोर्सिंग कर्मचारी मौजूद रहे। 

परमानेंट स्टाफ नहीं, आउट सोर्सिंग कर्मियों की लगाते हैं ड्यूटी 
बांदा। कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों के लिए जो वार्ड बनाया गया है, उसमें काम करना तो दूर की बात, वहां जाने तक से परमानेंट स्टाफ ने मना कर दिया है। ऐसे में राजकीय एलोपैथिक मेडिकल कालेज की आईसुलेशन उपचार व्यवस्था आउट सोर्सिंग कर्मचारियों के ही सहारे है। आउट सोर्सिंग कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि परमानेंट स्टाफ की ड्यूटी नहीं लगाई जाती है, बल्कि आउट सोर्सिंग कर्मचारियों को ही ड्यूटी पर लगाया जा रहा है। इसके साथ ही मास्क और सेनेटाइजर उपलब्ध कराने में कोताही बरती जा रही है। पर्सनल प्रोटेक्शन किट भी उपलब्ध नहीं है। 

मेडिकल कालेज सीएमएस को दिया ज्ञापन 
बांदा। संयुक्त स्वास्थ्य आउट सोर्सिंग संविदा कर्मचारी संघ अध्यक्ष रमा अवस्थी ने बताया कि कार्य बहिष्कार के दौरान प्रिंसिपल मुकेश यादव के द्वारा मेडिकल कालेज सीएमएस डा. सुनील आर्या को भेजा गया था। रमा ने बताया कि सीएमएस को ज्ञापन सौंपते हुए समस्या समाधान की मांग की गई है। रमा अवस्थी ने बताया कि उनकी मुख्य समस्या यह है कि उनका वेतन आधा कर दिया गया है। उसमें भी चार महीने से अभी तक मानदेय नहीं मिला है। इसके साथ ही सेनेटाइजर और मास्क नहीं मिल रहे हैं। आईसुलेशन वार्ड में ड्यूटी करने से इनकार नहीं है, लेकिन जब वेतन ही नहीं मिल रहा है तो परेशान होना जायज है। रमा अवस्थी ने बताया कि ज्ञापन लेने के बाद कोई भी कार्य बहिष्कार करने वाले कर्मचारियों से मिलने नहीं आया। 

सीएम तक से की गुहार, फिर भी समाधान नहीं 
बांदा। संयुक्त स्वास्थ्य आउट सोर्सिंग संविदा कर्मचारी संघ अध्यक्ष ने कहा कि उनका मानदेय आधा कर दिए जाने की समस्या का समाधान कराने के लिए सांसद, विधायक, श्रमायुक्त के अलावा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक फरियाद की गई, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ है। रमा अवस्थी ने कहा कि आउट सोर्सिंग कर्मचारियों के साथ सितम किया जा रहा है। 

कुल 103 कर्मचारी थे, अब घटते जा रहे 
बांदा। राजकीय एलोपैथिक मेडिकल कालेज में कुल 103 आउट सोर्सिंग कर्मचारी थे। लेकिन मानदेय आधा हो जाने और अन्य समस्याओं को लेकर तमाम कर्मचारी काम छोड़ते जा रहे हैं। ऐसे में आउट सोर्सिंग कर्मचारियों की संख्या घटती जा रही है। संयुक्त स्वास्थ्य आउट सोर्सिंग संविदा कर्मचारी संघ अध्यक्ष रमा अवस्थी ने बताया कि मेडिकल कालेज आउट सोर्सिंग कर्मचारियों के साथ जिस तरह का व्यवहार प्राचार्य के द्वारा किया जा रहा है, उससे कर्मचारी वेतन न मिलने के कारण आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं, तमाम काम छोड़कर जा चुके हैं और तमाम छोड़ने की स्थिति में हैं। 

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