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लाकडाउन में घुट रहे लोग भाग रहे सड़क की ओर

आवश्यक सामग्री की खरीददारी के दौरान बाजार और दुकानों में जमा हो रहे लोग 
लाक डाउन पार्ट-2 के दिनों में लाक डाउन की उड़ रही हैं धज्जियां
 
(देशव्यापी लाकडाउन का 35वां दिन)

बांदा, के0 एस0 दुबे । कोरोना वायरस के संक्रमण की साइकिल को तोड़ने के लिए प्रधानमंत्री के आवाहन पर देशव्यापी लाकडाउन घोषित किया गया है। तीन मई तक तक लोगों को घरों की लक्ष्मण रेखा पार न करने का आवाहन किया गया है। लाक डाउन का अब तक लोगों ने पूरी शिद्दत के साथ पालन किया। लेकिन अब लोगों को घरों में और बिना काम-काज के घुटन महसूस होने लगी है। लोग अपने घरों से सड़क की ओर भागने लगे हैं। पुलिस भी चैराहों-चैराहों और अति व्यस्त इलाकों में तैनात नजर आई। लेकिन अब हालात कुछ बिगड़ते नजर आ रहे हैं। 
सोमवार को शहर के मुख्य मार्ग पर दोपहर के समय पसरा सन्नाटा
देशव्यापी लाक डाउन का लोग पालन तो कर रहे हैं, लेकिन अब वह घरों में रहने और बिना काम के रहने के कारण घुटन महसूस कर रहे हैं। लाक डाउन के 35वें दिन मंगलवार को कई स्थानों पर लोगों की भीड़ नजर आई। पुलिस भी चैराहों-चैराहों पर तैनाती रही और लोगों को आने-जाने पर रोकती और टोंकती नजर आई। अलबत्ता लाकडाउन के में अब पुलिस सुस्त नजर आ रही है। शहर के विभिन्न इलाकों में तैनात पुलिस की नजरों के सामने से बाइक, चैपहिया वाहनों और पैदल लोग आवागमन करते रहे और पुलिस ने कतई उन्हें टोंकने की
जेएन कालेज के पास वाहन चेकिंग करते एसआई चंद्रपाल
जहमत नहीं उठाई। सार्वजनिक स्थानों पर आवश्यक सामग्री खरीदने के लिए लोगों की भीड़ जमा रही। इस पर भी पुलिस ने कोई सख्ती नहीं दिखाई। कुल मिलाकर अब ऐसा महसूस हो रहा है कि पुलिस की सख्ती पूरी तरह से ढीली हो गई है और लाकडाउन का पालन करा पाने में वह नाकाम साबित हो रही है। लाक डाउन का अब तक का कंपरीजन किया जाए तो सोमवार को लाक डाउन के 34वें दिन तो बस नाम का लाक डाउन रहा। इक्का-दुक्का सड़कों पर कुछ सन्नाटा जरूर नजर आया, लेकिन दूसरी तरफ दोपहिया और चार पहिया वाहनों
गरीबों को लंच पैकेट का वितरण करते हुए लोग
का भी आवागमन जारी रहा। अगर ऐसा ही हाल रहा तो कोरोना वायरस के संक्रमण की साइकिल को तोड़ पाना मुमकिन नहीं होगा। पुलिस को चाहिए कि आवश्यक सामग्री खरीदने के लिए निर्धारित समय के बाद कोई छूट नहीं दी जानी चाहिए। तय समय के अलावा अगर कोई बाहर निकले तो उस पर कार्रवाई करना होगा, तभी लाक डाउन का सख्ती से पालन हो सकेगा। 

लाक डाउन बढ़ने की आशंका से परेशान हो उठे लोग 
बांदा। देश व्यापी लाक डाउन पार्ट-2 तक तो लोगों ने चुप रहते हुए लाक डाउन का पालन कर रहे हैं। लेकिन सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा मुख्यमंत्रियों के साथ बातचीत के
इस तरह बैरिकेडिंग लगाकर पुलिस कर्मियों को किया गया है तैनात
बाद जो लाक डाउन बढ़ने की संभावनाओं को समझा तो पब्लिक परेशान हो उठी है। हालांकि प्रधानमंत्री ने जिलेवार छूट दिए जाने की बात कही है। लेकिन काफी हद तक यह सूबे के मुख्यमंत्री पर निर्भर करता है। लोगों का कहना है कि अगर अब तीन मई के बाद लाक डाउन बढ़ाया जाता है तो बहुत ही मुश्किल हो सकती है। मध्यम वर्गीय परिवारों के घरों में खर्च के लिए न तो रुपया बचा है और न ही रोज कमाने खाने वालों के घर में राशन ही बचा है। ऐसे में लोग अब लाक डाउन पार्ट-3 को स्वीकार नहीं कर पाने की बात कह रहे हैं।


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