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इतिहास में अंकित मुगलों द्वारा किए गए अत्याचार..............

देवेश प्रताप सिंह राठौर 

(वरिष्ठ पत्रकार)

विश्व के इतिहास को देखा जाए तो पूर्व से ही मुगलों द्वारा हिंदू जैन बौद्ध ईसाई सीखो पर अत्याचार हुए हैं वह इतिहास के पन्नों पर देखे जा सकते है मगर इसका ये मतलब नहीं समझा जाना चाहिए कि उस दौर में हिंदुओं पर बहुत अत्याचार हो रहा था. खासकर ये देखते हुए कि मुगल साम्राज्य के बाद के वक्त में हिंदुओं की तरफ से काफी प्रतिरोध देखने को मिला. राजनैतिक कारणों को उस दौर की राजनीति के मुताबिक ही देखा जाना चाहिए. कई ऐसे विवाद थे, जो बहुत आम किस्म के थे. ऐसे विवाद स्थानीय स्तर के थे. अलग-अलग समुदायों के आपसी रिश्ते ऐसे ही होते हैं. इनमें आमतौर पर थोड़ा समझौता होता है. और थोड़ा विरोध होता है. मतलब कुछ बातों पर समझौता हुआ. रजामंदी बनी. और किसी बात पर प्रतिरोध हुआ. हमें ये याद रखना होगा कि भारत के अंदर धर्म से जुड़े संघर्षों की शुरुआत यहां मुसलमानों के आने से बहुत पहले शुरू हो गई थी. बल्कि तब शुरू हो गई थी, जब इस्लाम का जन्म भी नहीं हुआ था.हम आज कहने को कहते हैं. कि बौद्ध और जैन धर्म हमेशा से हिंदू धर्म का ही हिस्सा थे. मतलब, उस हिंदू धर्म का जिसको आज की तारीख में हम हिंदू धर्म कहते और समझते हैं. इसीलिए कह दिया जाता है कि बौद्धों और जैनों का हिंदुओं के साथ कोई बैर नहीं था. इनके बीच कोई संघर्ष नहीं था. मगर इन धर्मों में अंतर है. इनकी शिक्षाएं अलग हैं. उनकी सामाजिक संस्थाएं भी अलग हैं. परंपराएं अलग हैं. मिसाल के तौर पर जैन और बौद्ध धर्म में भिक्षुओं की परंपरा. इतिहास में कई प्रसंग ऐसे हैं, जहां इन दोनों धर्मों और हिंदू धर्म के बीच की कड़वाहट का जिक्र है. ये इनके बीच आपस में बैर था. झगड़ा था. ऐसे कई प्रसंग हैं. तब हिंदू धर्म ब्राह्मणों का धर्म कहलाता था. इनके और श्रमणों (श्रम करने वालों) के आपसी संघर्ष का जिक्र है इतिहास मे हिन्दुओं का उत्पीडन हिन्दुओं के शोषण, जबरन धर्मपरिवर्तन, सामूहिक नरसहांर, गुलाम बनाने तथा उनके धर्मस्थलो, शिक्षणस्थलों के विनाश के सन्दर्भ में है। मुख्यतः भारत, पाकिस्तान, अफगानिस्तान तथा मलेशिया आदि देशों में हिन्दुओं को उत्पीडन से गुजरना पड़ा था। आज भी भारतीय उपमहाद्वीप के कुछ हिस्सो में ये स्थिति देखने में आ रही हैपाकिस्तान में हिंदू लगातार कम होते जा रहे हैं. उसकी सबसे बड़ी वजह धार्मिक आधार पर उनके साथ वहां होने वाले अत्याचार हैं, जिसकी वजह से बड़े पैमाने पर हर साल हिंदू वहां से भागकर भारत आ रहे हैं. अब भारत सरकार उनको नागरिकता देने के कानून में शिथिलता बरतने जा रही है
नेहरा का खुलासा, पाकिस्‍तान दौरे पर सहवाग और द्रविड़ पर भारी पड़ा ये क्रिकेटर सरकार ने नागरिकता संशोधन बिल  पड़ोसी देशों में हिंदू और सिख अल्पसंख्यकों पर होने वाले अत्याचार और फिर उनके भारत पलायन करने की दृष्टि से बना रही है, जिससे भारत में शरण लेने पर उन्हें राहत मिल सके और देर-सबेर नागरिकता भी. मिल जाएगीअफ़ग़ानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान से भारत आने वाले हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई अवैध प्रवासियों को नागरिकता मिलने का रास्ता खुल जाएगा इसलिए नागरिकता संशोधन बिल मुख्य रूप से पाकिस्तान में बांग्लादेश में अफगानिस्तान में हिंदुओं के साथ अत्याचार होने के लिए यह नागरिकता संशोधन बिल से उन्हें भारत की नागरिकता मिलने में आसानी हो जाएगी। नागरिकता संशोधन बिल जो भारत में लागू हुआ है जिसके कारण देश के मुसलमान इसका विरोध कर रहे थे वहीं पर बड़े-बड़े धर्मगुरु इलेक्ट्रॉनिक्स मीडिया के माध्यम से यह बता रहे थे की भारत का कोई भी नागरिक भारत का ही रहेगा उसे नागरिकता संशोधन बिल से परेशान होने की जरूरत नहीं है लेकिन फिर भी सब लोग इसका जबरदस्त विरोध कर रहे थे किसी की बात नहीं मान रहे थे दिल्ली के शाहीन बाग में महीनों से धरना प्रदर्शन नागरिकता संशोधन बिल पर चल रहा था परंतु बीच में कोरोना वायरस की देश में जो आपता आई जिस कारण बड़ी मुश्किल से सरकार नहीं साइन बाग दिल्ली के नागरिकता संशोधन बिल के विरोध में बैठे लोग हटाया क्योंकि नागरिकता संशोधन बिल मैं ऐसा कुछ भी नहीं है जिससे देश का कोई भी नागरिक की नागरिकता चली जाए परंतु यह लो जो विरोध करते थे और कर रहे हैं उन्हें यह नहीं मालूम यह पूरा देश देश के माननीय प्रधानमंत्री जी देश के माननीय मंत्री जी फन बहुत से धर्मगुरु बता रहे थे समझा रहे थे की नागरिकता संशोधन बिल पर इसी को घबराने की जरूरत नहीं है जो भारत का है वह भारत का ही नागरिक रहेगा परंतु कोई भी व्यक्ति समझने को तैयार नहीं था सिर्फ एक ही राग अलाप्ते थे कि हम नागरिकता संशोधन बिल पर हमें देश से निकाल दिया जाएगा जबकि ऐसा कुछ नहीं है समझना नहीं चाहते वही हाल आज इतनी बड़ी संकट में आज देश है कोरोना वायरस के पूरा विश्व परेशान है वहीं पर ही है भारत में अच्छा कंट्रोल कर रखा था पर यही लोग नागरिकता संशोधन बिल के विरोधी लोग तबलीगी जमात ई ने देश में कोरोना को बढ़ा दिया आज भी सरकार के लाख समझाने पर पूरे देश में घूम रहे हैं यह नहीं कि सरकार के सामने आकर अपनी भारतीयता का राष्ट्रहित का प्रमाण दे देंगे और पूर्णा वायरस से संक्रमित लोग अपने आप सरकार के सामने सरेंडर कर दें परंतु ऐसा नहीं कर रहे पूरा विश्व में आज कोरोना वायरस त्राहि-त्राहि मची है वहीं पर यही तबलीगी जमात ई नाच रहे हैं थूक रहे लोगों पर घोर अन्याय कर रहे हैं मुझे लगता है सरकार जब तक कठोर से कठोर कदम नहीं उठाएगी यह समझने वाले नहीं है आज सब्जी बेचने वाले थूक लगाकर सब्जी बेच रहे हैं फल में थूक लगा रहे हैं ऐसे में देश परेशान हैं कि हम सामान कहां से लें सब्जियां रोजमर्रा की चीजें किस से लें क्योंकि हर जगह अधिकांश मात्रा में यह सब धंधा करने वाले यही लोग होते हैं व्यक्त मजबूर होकर यह सब सह रहा है की यह मानव के दुश्मन सामान को भी गंदा करके लोगों तक पहुंचा रहे हैं हैं।। बड़े अफसोस की बात यह लोग इतनी घिनौनी हरकत कैसे कर सकते हैं और कर रहे हैं मुझे पूर्ण संदेह होता है यह लो ग भारत के हित के लिए कार्य नहीं कर सकते क्योंकि जो इस सोच के साथ देश में रहकर इस तरह के हरकत कर रहा है वह है देश विरोधी है सरकार को अब समझने चाहिए की आज हालात यह है आने वाले समय में इस देश के हालात इस तरह हो जाएंगे यह एक चिंतनीय विषय है।

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