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लॉकडाउन कानपुर:- चूहे, कबूतर और कीड़े-मकौड़ों से छात्र-छात्राओं के भविष्य पर मंडरा रहा खतरा

लॉकडाउन के चलते पांच सेंटरों में रखीं करीब नौ लाख कॉपियों को चूहे, कीड़े-मकौड़े और सीलन से चुनौती मिल रही है। डर है कि कहीं चूहे छात्र-छात्राओं का भविष्य न कुतर दें। कुछ सेंटरों पर कबूतर भी समस्या बन गए हैं। जिला विदयालय निरीक्षक का कहना है कि 18 मार्च से कॉपियां सुरक्षित ढंग से रखवा दी गई थीं। शनिवार से इन सेंटरों पर रखीं कॉपियों की सुरक्षा को नए सिरे से देखा जाएगा। जहां जरूरत होगी वहां दवाओं का छिड़काव भी किया जाएगा।
आमजा भारत कार्यालय संवाददाता:- उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा खत्म होने के बाद 16 मार्च से नगर के पांच सेंटरों जीआईसी चुन्नीगंज, बीएनएसडी इंटर कॉलेज, डीएवी इंटर कॉलेज, हरसहाय इंटर कॉलेज, सरयू नारायण बाल विद्यालय और एबी विद्यालय में मूल्यांकन की शुरुआत हुई थी। 18 मार्च को कोरोना से सावधानी के चलते इसे बंद कर दिया गया था। कॉपियां जैसी भी थीं, उसी दशा में बोरे में रखाकर बंद कर रख दी गईं। यहां गैमेक्सीन पाउडर का छिड़काव भी किया गया ताकि खतरा न हो।

चूहों की संख्या अधिक
मूल्यांकन केंद्र जिन विद्यालयों को बनाया गया है, वह पुराने विद्यालय हैं। यहां चूहों की संख्या अधिक है। इन विद्यालयों में आम दिनों में ही चूहे दिखते हैं। बड़े क्षेत्र या ऐसे क्षेत्र में यह विद्यालय हैं जहां चूहों को मात देना मुश्किल होता है। एक सेंटर इंचार्ज ने बताया कि सील कमरों को खोल कर देखा नहीं जा सकता। इसके लिए पूरी प्रक्रिया अपनानी होती है। बाहर से जरूर सेंटर और कमरों को देखा गया है। एक अन्य सेंटर इंचार्ज का कहना था कि बाहर से देखने में ऊपर की ओर से कुछ कबूतर अन्दर जाते दिखे। इसे देखते हुए एक प्लास्टिक की चादर ऊपर डलवा दी गई है।

आज से करेंगे चेक
चूहों, कीड़ों और नमी से खतरा तो रहता ही है। इसे देखते हुए जब कॉपियां रखवाई गई थीं तब पूरी सतर्कता बरती गई थी। गैमेक्सीन का छिड़काव किया गया था। कोशिश यह थी कि कोठार ऐसा हो जहां कॉपियां पूरी तरह सुरक्षित रह सकें। शनिवार से इन सेंटरों को पूरी प्रक्रिया के तहत चेक कराया जाएगा ताकि इसे और सुरक्षित बनाया जा सके।

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