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लॉकडाउन कानपुर:- कोरोना वायरस के कहर और लॉकडाउन जैसे संकटकाल में भी लोग अपनी छोटी-मोटी दुश्मनी निभाने से बाज नहीं आ रहे

कोरोना वायरस के कहर और लॉकडाउन जैसे संकटकाल में भी लोग अपनी छोटी-मोटी दुश्मनी निभाने से बाज नहीं आ रहे हैं। इसके लिए वे पुलिस और प्रशासन को इस्तेमाल कर रहे हैं। पुलिस कंट्रोल रूम में आस-पड़ोस के बारे में फर्जी सूचनाएं दे रहे हैं। पुलिस ऐसे लोगों को चेतावनी दे रही है। ऐसे लोगों को यह नहीं मालूम है जितना वक्त पुलिस-प्रशासन का फर्जी सूचनाओं को अटेंड करने में जाता है, उतने वक्त में वे कुछ सार्थक कार्य कर सकते हैं।
आमजा भारत कार्यालय संवाददाता:- 112 कंट्रोल रूम में जितनी ज्यादा समस्याओं के लिए फोन आ रहे हैं, उतनी ही फर्जी शिकायतों की कॉल पुलिस को परेशान कर रही है। इनमें कुछ कॉल तो ऐसी आती हैं जिसमें शिकायतकर्ता यह तक कह देता है कि उसका पड़ोसी कोरोना पॉजिटिव है। पुलिस मौके पर पहुंचती है तो शिकायत फर्जी निकलती है। मैं पकोड़े नहीं बना पा रहा, मुझे मजा नहीं आ रहा... आदि तरह-तरह की बातें लोग फोन पर करते हैं।

औसतन 50-60 शिकायतें रोज 
कंट्रोल रूम से मिली जानकारी के मुताबिक, लॉकडाउन में औसतन 50-60 फर्जी कॉल प्रतिदिन आती हैं। मजबूरन पुलिस और प्रशासन को सही मानकर उन्हें अटेंड करना पड़ता है। एक ही तरह की सूचना बार-बार आती है तब पुलिस सूचना देने वाले को चेतावनी देती है।

मेरे पड़ोसी को कोरोना हो गया
पिछले दो दिनों में पड़ोसी को कोरोना पॉजिटिव बताते हुए छह अलग-अलग स्थानों से कंट्रोल रूम में फोन किया गया। संबंधित थानाक्षेत्रों की पुलिस मौके पर गई मगर वहां पर कुछ नहीं मिला।

ठेले के लिए पांच बार फर्जी सूचना
रायपुरवा क्षेत्र में लक्ष्मीपुरवा मोहल्ला पप्पी वाली गली, एल्डिको गार्डन के सामने वाली गली और सैयद बाबा मजार के बगल वाली गली के आस-पास लॉकडाउन की धज्जियां उड़ाने के अलावा शाम को अंडे और बिरयानी के ठेले लगने की शिकायत पांच बार की गई। हर बार पुलिस मौके पर गई। एहतियात के तौर पर वहां पर फोर्स भी लगा दी गई। आखिर में पुलिस ने फर्जी सूचना देने वाले को चेतावनी दी। साथ ही जिस व्हाट्सएप ग्रुप पर मैसेज चलाया जा रहा था, उसके एडमिन को भी चेतावनी जारी की गई।

लॉकडाउन से लोग परेशान हैं, यह समझ में आता है। मगर लोगों को समझना चाहिए कि पुलिस उनकी मदद के लिए है। फर्जी सूचनाएं देना कानूनी अपराध है और इससे जरूरी कामकाज पर भी असर पड़ता है। पुलिस को आप सूचना दें मगर ध्यान रखें कि उसका वक्त कीमती है। कंट्रोल रूम में फर्जी कॉल करने वाले को जरूरत पड़ने पर चेतावनी भी दी जाती है। -मोहित अग्रवाल, आईजी रेंज

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