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परदेश से आयें लोगों के घरों में छिप जाने से लोग परेशान

सुमेरपुर-हमीरपुर, महेश अवस्थी । कोरोना संक्रमण के दौर में परदेश से आकर अपने घरों में छिपे लोग इतने बेफिक्र है कि मेडिकल जांच कराने तथा अलग से चिन्हित किए गए स्थानों में जाने का मन ही नहीं बना रहे हैं। जबकि गावों के लोग किसी अनहोनी को लेकर परेशान है। वहीं बाहर से एक सप्ताह के दौरान आने वाले लोगों की जिम्मेदारी सौंपे जाने के बाद सफलता न मिलते देख ग्राम प्रधान भी परेशान हैं। इगोहटा के प्रधान शीतल अनुरागी ने बताया कि उनके गांव में दिल्ली, सूरत, रायपुर, पंजाब हरियाणा, मुंबई आदि शहरों से आए करीब 40  लोगों की सूची उनके पास है। उनके रुकने की व्यवस्था पूर्व कन्या माध्यमिक विद्यालय में की गई है। लोगों को सूचना दी गयी है। लेकिन कोई जाने को तैयार नहीं है। ग्राम बिदोखर मेदिनी के प्रधान
प्रतिनिधि आरएन मिश्रा का भी यही कहना है कि उनके यहां बाहर से आने वाले लोगों की 35 संख्या है। उनके रहने, खाने आदि का उचित प्रबंध किया गया है। मगर सूचना के बाद भी केंद्र अभी खाली पड़ा है। ग्राम बंड़ा के प्रधान बद्री प्रसाद वर्मा ने बताया कि उनके यहां 20 लोग बाहर से आए हैं। उनके रहने आदि की व्यवस्था किए जाने के बाद भी लोग घरों से नहीं निकल रहे हैं। ग्राम मवईजार के प्रधान महेश शिवहरे ने बताया कि बाहर से आने वाले दो दर्जन लोग पूरे गांव की नजरों में है। बीमारी की शंका को लेकर लोग भयभीत है। लेकिन गांव की बात को वे लोग हल्के में ले रहे हैं। अपने घर परिवार, मोहल्ला और गांव की उन्हे कोई चिंता ही नहीं है। स्वासा खुर्द के प्रधान जय सिंह वर्मा ने बताया कि उनके यहां 12 लोग बड़े शहरो से आए हैं। उनके अलग ठहराने की उत्तम व्यवस्था की गई है। सभी को मुनादी के अलावा खुद घर घर जाकर सूचना देने के बाद भी रैन बसेरा खाली पड़ा है। कोई सुनने को तैयार ही नहीं है। इस तरह यह समस्या हर जगह विद्यमान हैं। लोगो का कहना है कि बिना सख्ती के कुछ होने वाला नहीं है। किंतु देश समाज के हित में लापरवाही भी ठीक नहीं है। लोगो ने जिले के अधिकारियों से समस्या का समाधान कराए जाने की मांग की है।

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