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आइसोलेशन सेंटर में डॉक्टर व स्टाफ पर थूक रहे तब्लीगी जमात वाले

छुट्टा घूमते फैला रहे गंदगी
नई दिल्ली: निज़ामुद्दीन मरकज से क्वॉरेंटाइन के लिए तुग़लक़ाबाद जाने के क्रम में सड़क पर थूकने वाले तबलीगी जमात के 167 लोगों ने अब यहां डॉक्टरों और स्टाफ पर थूका और बदतमीज़ी की। रेल अधिकारियों के मुताबिक़ सभी हॉस्टल में गंदगी फैला रहे हैं और इधर-उधर घूम रहे हैं। रेलवे के एक प्रवक्ता ने बुधवार को यह जानकारी दी। निजामुद्दीन मरकज में तबलीगी जमात के कार्यक्रम में शामिल हुए लोगों में से 167 को मंगलवार शाम तुगलकाबाद में रेलवे के पृथक केंद्रों में लाया गया था। 
तबलीगी जमात के लोगों ने अब क्वॉरेंटाइन में डॉक्टरों और स्टाफ पर थूका। उल्लेखनीय है कि मरकज में हुए कार्यक्रम में शामिल हुए लोगों में से अनेक को कोरोना वायरस के संक्रमण की
पुष्टि हो चुकी है और कुछ की मौत हो चुकी है। सूत्रों ने बताया कि रेलवे के केंद्र में इन 167 लोगों को रखे जाने के बाद रेलवे कॉलोनी के लोगों ने अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई। इस पर वरिष्ठ अधिकारियों ने स्थानीय अधिकारियों से तत्काल कार्रवाई करने का आग्रह किया। उत्तर रेलवे के प्रवक्ता दीपक कुमार ने कहा, पृथक केंद्रों में उन्होंने (निजामुद्दीन मरकज से निकालकर लाए गए लोगों ने) स्टाफ के साथ दुर्व्यवहार किया और खुद को दिए जा रहे भोजन को लेकर आपत्ति जताई...यहां तक कि उन्होंने उन्हें देख रहे डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों पर थूक तक दिया। इन लोगों ने पृथक केंद्रों में इधर-उधर घूमना बंद करने से भी मना कर दिया। कुमार ने कहा, 'हमले जिलाधिकारी दक्षिण-पूर्वी दिल्ली को सूचना दी और उन्हें (पृथक केंद्रों में रखे गए लोगों) नियंत्रित करने के लिए आवश्यक सुरक्षा करने या इन्हें किसी अन्य उपयुक्त स्थान पर भेजने का आग्रह किया। शाम साढ़े पांच बजे दिल्ली पुलिस के चार और
सीआरपीएफ के छह जवानों और एक पीसीआर वैन को पृथक केंद्रों पर तैनात किया गया।'  अधिकारियों ने इन लोगों में से 97 को डीजल शेड ट्रेनिंग स्कूल हॉस्टल पृथक केंद्र और 70 को आरपीएफ बैरक पृथक केंद्र में रखा गया है। रेलवे कॉलोनी के लोगों ने आरोप लगाया कि मरकज से वहां लोगों को लाए जाने के 24 घंटे बाद भी कॉलोनी को संक्रमण मुक्त नहीं किया गया है। वायरस के प्रसार के डर से निवासी घरों के अंदर रहे और आवश्यक चीजें लेने भी बाहर नहीं जा पाए। कॉलोनी के एक निवासी ने कहा, 'बस के पास खड़े बहुत से लोगों ने खांसा, छींक मारी और सड़क पर थूका भी। हम कैसे सुरक्षित महसूस कर सकते हैं?' सूत्रों ने बताया कि रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी मुद्दे पर पहले ही जिले के अधिकारियों से बात कर चुके हैं।

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