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पेयजल समस्या समाधान के लिए अब जिला स्तर पर बनेंगे कन्ट्रोल रूम

फर्जी निस्तारण करने पर सम्बन्धित के खिलाफ होगी कड़ी कार्रवाई 
कृषकों से भूसा क्रय कर गौशाला में करायें संरक्षित
  
फतेहपुर, शमशाद खान । ग्रीष्म ऋतु में पेयजल की समस्या, गौशालाओं में आवश्यक व्यवस्थाओं को सुनिश्चित करने सहित दिहाड़ी मजदूरों को शासकीय सहायता उपलब्ध कराये जाने को लेकर आयोजित समीक्षा बैठक को सम्बोधित करते हुए जिलाधिकारी संजीव सिंह ने कहा कि ग्रीष्म ऋतु के दृष्टिगत पेयजल समस्या के समाधान के लिए अब जिला स्तर पर कन्ट्रोल रूम स्थापित किये जायें। समस्या का फर्जी निस्तारण करने पर सम्बन्धित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जायेगी। डीएम ने यह भी निर्देश दिया कि कृषकों से सीधे भूसा क्रय कर गौशाला में संरक्षित कराया जाये। 
बैठक में भाग लेते जिलाधिकारी संजीव सिंह।
विकास भवन के सभागार में जिलाधिकारी संजीव सिंह की अध्यक्षता में बैठक आयोजित हुयी। बैठक को सम्बोधित करते हुए जिलाधिकारी ने ग्रीष्म ऋतु में पेयजल की समस्या के समाधान शासन के निर्देशानुसार ब्लॉक एवं जिला स्तर पर कंट्रोल रूम स्थापित करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि सभी खण्ड विकास अधिकारी सुनिश्चित करेंगे कि कंट्रोल रूम के नंबर पर आने वाली कॉल को रिसीव किया जाए तथा उसे शिकायती रजिस्टर में अभिलिखित किया जाए। पूर्ण निस्तारण होने के उपरांत ही उस शिकायत को क्लोज किया जाए। खण्ड विकास अधिकारी द्वारा शिकायत रजिस्टर एवं उसके निस्तारण की गुणवत्ता को स्वयं शिकायतकर्ता से रैंडम आधार पर बात कर परीक्षण भी कराया जाए। शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण न करने या फर्जी निस्तारण करने वाले कर्मचारी के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाए। खण्ड विकास अधिकारी समस्त ग्राम पंचायत सचिवों के माध्यम से गौशालाओं में संरक्षित गोवंश हेतु प्रत्येक ग्राम पंचायत में कृषकों से सीधे भूसा क्रय कर संरक्षित करना सुनिश्चित करें। इससे जहां एक ओर कृषक गांव में ही भूसे को उचित दर पर विक्रय कर सकेंगे। वहीं दूसरी ओर गौशाला हेतु पर्याप्त भूसे की पर्याप्त उपलब्धता भी सुनिश्चित होगी। यदि किसी कृषक द्वारा हार्वेस्टर से कटिंग कराई गई है, तो पंचायत द्वारा द्वारा फसल अवशेष से भूसा भी बनवाया जा सकेगा। इससे पराली जलाए जाने की घटनाएं भी नहीं होगी। यदि कोई व्यक्ति गौशाला हेतु भूसा दान करना चाहता है तो विकास खण्ड के कंट्रोल रूम या संबंधित सचिव या ग्राम प्रधान से संपर्क कर सकता है। उन्होने सभी कृषकों से अपील किया कि गेहूं की पराली किसी भी दशा में न जलाएं। उन्होने मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार सभी पात्र दिहाड़ी मजदूरों को 1000 रूपये की सहायता प्राथमिकता पर उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। उप जिलाधिकारी तथा समस्त खण्ड विकास अधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि कोई भी व्यक्ति राशन की कमी के कारण भूखा न रहे। विकास खण्ड स्तरीय के कंट्रोल रूम द्वारा ग्रामीण क्षेत्र में विद्युत तथा राशन कार्ड की समस्याओं को भी संज्ञान लेकर उनका निराकरण कराया जाएगा। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी, परियोजना निदेशक (डीआरडीए), जिला विकास अधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी, श्रम प्रवर्तन अधिकारी तथा समस्त खंड विकास अधिकारी मौजूद रहे।

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