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हुजूर इधर भी ध्यान दीजिए, कुछ हमारा भी इंतजाम कीजिए

क्या होगा हमारा,और हमारे व्यापार का

वाराणसी।। (विक्की मध्यानी)लाॅक डाउन में आम आदमियों कामगारों के साथ छोटे व्यापारियों की मुश्किलें कम होने का नाम ही नहीं ले रही है।मंदी और बंदी को झेल रहे छोटे पूंजी के व्यापारियों के लिए यह बुरी खबर है कि सरकार कोविड-19 वायरस संक्रमण को देखते हुए ऑनलाइन व्यापार को चालू कराएगी,जो सुविधा सरकार द्वारा 20 अप्रैल से ऑनलाइन दी जाने वाली है जैसे कि फ्रीज,टीवी,कूलर लैपटॉप,मोबाइल फोन,रेडीमेड गारमेंट्स ऑनलाइन पर बिकेंगे। इससे छोटे व्यापारी नाखुश हैं, व्यापारियों का कहना है कि कोरोना जैसी वैश्विक महामारी से हम सरकार का सहयोग करते हुए अपने प्रतिष्ठान को पूर्ण रूप से बंद कर के रखे हैं।जबकि हमारा व्यापार बंद तो हमारी जीविका बंद हमारे परिवार का पालन पोषण कैसे होगा सारी सुविधाएं न मिलने के बावजूद भी हम अपने कर्मचारियों की तनख्वाह बिजली का बिल व दुकान का किराया,र्टेक्स व बैंकों के ईएमआई भर रहे हैं। यहां तक कि कितने व्यापारियों ने अपने व्यापार बंद होने के बावजूद भी अपनी क्षमता अनुसार प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री के राहत कोष में दान दिया,हजारों,लाखो लोगों में भोजन वितरण किया। व्यापारियों का कहना है कि जहाॅ हॉटस्पॉट एरिया नहीं है वहां के व्यापारियों के प्रतिष्ठानों को खुलने की सुविधा समय सीमित अवधि तक देनी चाहिए।हम भी लाॅक डाउन,सोशल डिस्टेंस व सुरक्षा को देखते हुए अपना व्यापार चलाएंगे। इलेक्ट्रॉनिक,इलेक्ट्रिक दुकानदारों का कहना है की कुछ चीजें तो केवल सीजनली आइटम में आती है,जैसे कि कूलर,फ्रीज,पंखे,पंप इत्यादि इस सीजन खत्म होने पर यह सारा डेड स्टॉक हो जाएगा। जिससे कि हमारे माल के साथ हमारी पूंजी भी फसी रहेगी जिससे हमारा काफी आर्थिक नुकसान होगा।कपड़ों के व्यवसाईयो ने बताया कि यह दोनों महीने हमारे विवाह लगन में आते हैं,जिसके लिए हम कुछ माह पूर्व ही खरीदारी करके स्टाक इकट्ठा करते हैं।लाॅक डाउन के कारण हमारे सारे विवाह संबंधित साड़ियां व कपड़े फंसे हुए हैं,जिससे हमारी पूंजी व हमारा माल डेट स्टॉक के साथ काफी नुकसान हो रहा है।कन्फेक्शनरी व मिठाइयों के व्यापारियों का कहना है कि लॉक डाउन की जानकारी पहले से न होने के कारण हमारे लाखों का नुकसान पहले से ही हो चुका है,और यही निरंतर रहा तो हम रोड पर भूखे मरेंगे।अगर सरकार ऑनलाइन सुविधाएं चालू करेंगी तो हमारे व्यापारी भाई कुछ माह पूर्व में ही पूरे भारतवर्ष में हर शहर हर गांव में छोटे बड़े दुकानदारों ने अपने शोरूम व गोडाउन में माल भरकर रखा है उसका क्या होगा सब माल ऑनलाइन ही बिक जाएगा, तो हमारे माल का क्या होगा। हमारा व्यापार बंद तो इनका भी बंद रहना चाहिए। जो समस्या अभी है वह आगे भी निरंतर बनी रहेगी हम बैंको व बड़े व्यापारियों  के कर्जदार हैं और सदैव बने रहेंगे।हमें कैसे इससे मुक्ति मिलेगी। जिससे हम सालों साल उभर नहीं पाएंगे। क्या कभी ऑनलाइन वालों ने सरकार का या निराश्रित व जरूरतमंदों का कुछ सहयोग किया है।और तो और यह हमारा व्यापार भी चौपट कर रहे हैं।सरकार को इन सब बातों का ध्यान रखते हुए ऑनलाइन सुविधा पर रोक लगानी चाहिए।और जहां हॉटस्पॉट नहीं है उन जगह के प्रतिष्ठानों को सीमित समय अवधि देखकर खुला रखने का आदेश पारित करना चाहिए।जिससे हमारी जीविका और हमारे परिवार का पालन पोषण हो सके।
 विक्की मध्यानी

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