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लॉकडाउन:- पत्नी की दवा लेने साइकिल से कानपुर आया हमीरपुर का युवक

कोरोना वायरस से बचाव के लिए हुई संपूर्ण बंदी ने कई दुश्वारियां बढ़ा दी हैं। ऐसी दुश्वारियों में शामिल है पहले से बीमार चल रहे लोगों की देखभाल और उनके लिए समय पर दवा की उपलब्धता कराना। ऐसी ही समस्या से जूझ रहा हमीरपुर के बिवांर कस्बे का युवक दयाराम आठ घंटे साइकिल चलाकर कानपुर पहुंचा।
आमजा भारत सवांददाता:- पत्नी की दवा लेने के लिए सुबह चार बजे घर से निकले दयाराम दोपहर 12 बजे कानपुर पहुंचे। दयाराम की पत्नी सुषमा बीते छह माह से बीमार हैं और उनका मानसिक रोग विशेषज्ञ कानपुर के डॉ. महेंद्रू से इलाज चल रहा है। दयाराम ने पत्नी के पुराने पर्चे दिखाए और एक माह की दवा ली।

करीब एक घंटा कानपुर में रुकने के बाद वे अपनी 100 किलोमीटर लंबी यात्रा के लिए फिर तैयार हो गए। 8-9 घंटे साइकिल चलाने के बाद थक हार कर नौबस्ता चौराहे के पास हमीरपुर हाइवे पर बैठे मिले। परेशान दिखने पर हाल चाल पूछा तो बताया कि जीवन में पहली बार उन्होंने इतनी लंबी साइकिल चलाई है।

पत्नी की हालत ऐसी नहीं होती तो कानपुर नहीं आते। वाहन चल नहीं रहे और हमीरपुर में दवा मिल नहीं रही। ऐसे में साइकिल से चलकर आना उनकी मजबूरी थी। इतनी दूर तक साइकिल चलाने के बाद उन्हें अब ऐसा लग रहा है कि चक्कर खाकर गिर पड़ेंगे, लेकिन उन्हें रात होने से पहले घर भी पहुंचना है।

दो बज चुके हैं और 100 किलोमीटर का सफर तय करना है। चारों तरफ बंदी होने की वजह से रास्ते में कहीं पानी भी नहीं मिलता। कानपुर शहर के अंदर एक चौराहे पर जरूर कुछ लोगों ने खाने पीने का सामान दिया तो राहत मिली।

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