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लॉकडाउन कानपुर:- कोरोना महामारी के कारण लॉकडाउन के चलते अदालतें लगभग एक माह से बंद हैं,न्यायिक कार्य ठप होने से कुछ अधिवक्ताओं और मुंशियों के आगे आर्थिक संकट गहरा गया

कोरोना महामारी के कारण लॉकडाउन के चलते अदालतें लगभग एक माह से बंद हैं। न्यायिक कार्य ठप होने से कुछ अधिवक्ताओं और मुंशियों के आगे आर्थिक संकट गहरा गया है। शहर में जहां एक ओर लखपति व करोड़पति अधिवक्ता हैं वहीं एक वर्ग ऐसा भी है जो रोज कमाने खाने वाला है। लॉकडाउन ने उनकी कमर तोड़कर रख दी है।
आमजा भारत सवांददाता:- ऐसे अधिवक्ता जगह-जगह मदद की गुहार लगाकर किसी तरह एक-एक दिन गुजार रहे हैं। अधिवक्ता कल्याण की जिम्मेदारी उठाने वाली बार कौंसिल ऑफ यूपी व बार कौंसिल ऑफ इंडिया ने भी अब तक ऐसे अधिवक्ताओं की कोई सुध नहीं ली वहीं प्रदेश व केंद्र सरकार भी अधिवक्ताओं की ओर से मुंह मोड़े हैं।

स्थानीय स्तर पर कुछ अधिवक्ता, नेता व बार एसोसिएशन मदद कर रहे हैं लेकिन अब भी सैकड़ों वकील परेशानहाल हैं। हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेते हुए एक जनहित याचिका पर सुनवाई तो शुरू की है लेकिन इस पर कब और क्या निर्णय होगा, अधिवक्ताओं की निगाहें इस पर टिकी हैं।
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सीएम से मांगी मदद, हाईकोर्ट में दाखिल की याचिका
अधिवक्ता कल्याण संघर्ष समिति के संयोजक पं.रवींद्र शर्मा ने लॉकडाउन की घोषणा के अगले ही दिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र भेजकर अधिवक्ताओं की आर्थिक मदद का मुद्दा उठाया था। उन्होंने विधायक सुरेंद्र मैथानी को ज्ञापन भी दिया। इसके बाद डॉ. पवन कुमार तिवारी ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर अधिवक्ताओं के आर्थिक संकट के मुद्दे को बड़े स्तर पर उठाया। महिला एडवोकेट वर्तिका दवे ने भी मुख्यमंत्री व जेल मंत्री को ज्ञापन भेजकर मदद मांगी है और अब भी प्रयासरत हैं। अधिवक्ता शशांक वर्मा, मयूर सैनी आदि ने भी मुख्यमंत्री, राज्यपाल, प्रधानमंत्री व राष्ट्रपति तक को ई-मेल भेजकर समस्या से रूबरू कराया लेकिन अब तक प्रदेश व केंद्र सरकार की ओर से अधिवक्ताओं को कोई पैकेज की घोषणा नहीं की गई।

सक्षम लोग कर रहे मदद
बार एसोसिएशन की ओर से जरूरतमंद अधिवक्ताओं को आटा, दाल, चावल, रिफाइंड व साबुन के पैकेट वितरित किए गए। राष्ट्रीय आपदा कोष बनाकर सक्षम लोगों से जरूरतमंद अधिवक्ताओं की मदद के लिए आर्थिक सहायता देने की अपील की गई है। लॉयर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष दिनेश शुक्ला व एडवोकेट मनोज सिंह के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने सांसद सत्यदेव पचौरी से मुलाकात की और उनकी मांग पर सांसद ने पांच सौ अधिवक्ताओं व मुंशियों के लिए एक-एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता की घोषणा कर दी। मनोज सिंह ने बताया कि प्रदेशभर से अधिवक्ताओं व मुंशियों की एप्पीकेशन आ रही हैं। सूची बनाई जा रही है। इसके अलावा एक्टिव एड्वोकेट्स एसोसिएशन के अनूप कुमार द्विवेदी व अन्नपूर्णा समिति के मनहरण गोपाल अवस्थी, शिवाकांत दीक्षित, राघवेंद्र प्रताप सिंह आदि भी अधिवक्ताओं को राशन के पैकेट घर-घर पहुंचाने की व्यवस्था कर रहे हैं। कई और सक्षम अधिवक्ता भी अपने स्तर से जरूरतमंदों की मदद कर रहे हैं।

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