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महाराष्ट्र व गुजरात से श्रमिकों को छिपाकर ला रहे ट्रक को पुलिस ने पकड़ा

मजदूरों को भेजा गया क्वारन्टीन सेंटर, मेडिकल टीम ने की स्वास्थ्य जाँच
सीमायें सील फिर भी चोरी छिपे प्रवासी श्रमिकों का आना जारी
  
फतेहपुर, शमशाद खान । लॉकडाउन के दौरान भी सुरक्षा कर्मियों को चकमा देकर प्रवासी मजदूरों का आना जारी है। लगतार गैर प्रान्तों से मजदूरो के आने से अभी तक कोरोना वायरस से मुक्त जनपद में भी संक्रमण फैलने का खतरा गहरा रहा है। जनपद को कोरोना मुक्त बनाये रखने के लिये जिले की सीमाओं को पूरी तरह सील रहने के लिये मण्डलायुक्त एवं आईजी रेंज के निर्देष के बाद जिलाधिकारी संजीव सिंह व पुलिस अधीक्षक प्रशांत वर्मा द्वारा लगातार जनपद की सीमाओं का निरीक्षण कर चाक चैबंद व्यवस्था के निर्देश दिए जा रहे है लेकिन उसके बाद भी प्रवासी मजदूरों का आना जारी है। जिससे कहीं न कहीं सीमाओं में ढील व जनपद में कोरोना संक्रमण होने का खतरा मंडरा रहा है। सोमवार को गुजरात प्रान्त से प्रदेश के जौनपुर जनपद जा रहे ट्रक को रोककर तलाशी लेने पर उसमे श्रमिकों को बैठे देखकर पुलिस ने 27 श्रमिकों को उतारकर क्वारन्टीन सेंटर भेज दिया। 
बरामद ट्रक व श्रमिक।
मलवां थाना क्षेत्र के जखनी पुल के समीप चैकी इंचार्ज सन्दीप तिवारी द्वारा वाहनों की चेकिंग की जा रही थी। तभी ट्रक जीजे-15एटी/5005  आता दिखाई दिया। जिसे रोकने पर ड्राइवर द्वारा पहले तो ब्लीचिंग पावडर लेकर जाने की बात कही गयी। पुलिस द्वारा तलाशी लेने पर उसमे बैठे 27 श्रमिक दिखाई दिये। सभी श्रमिक जौनपुर जनपद के रहने वाले है और गुजरात स्थित निजी फर्म में काम करते है। ट्रक में ब्लीचिंग पाउडर ले जाने का पास भी लगा हुआ है। जिसे बताकर वह दो प्रदेश की सीमाओं को आसानी से पार कर गया। लॉकडाउन के दौरान पुलिस को चकमा देकर जा रहे श्रमिकों को पुलिस ने रोक कर उन्हें महात्मा गांधी महाविद्यालय में बनाये गये क्वारन्टीन सेंटर भेज दिया। जहाँ स्वास्थ टीमों द्वारा उनके स्वास्थ की जाँच की जायगी और 14 दिनों के क्वारन्टीन की अवधि पूरी करने के पश्चात ही इन मजदूरों को उनके गृह जनपद भेज दिया जायेगा। इसी तरह मध्य प्रदेश के भोपाल से आ रहे तरबूज के ट्रक एमपी-06एचसी/8647 में छिपकर जा रहे श्रमिकों को यातायात पुलिस द्वारा शहर के चित्रांश नगर स्थित 50 नम्बर ओवर ब्रिज पर रोककर जांच की गई तो उसमें महाराष्ट्र के नासिक से जा रहे 19 श्रमिकों को रोककर उन्हें क्वारन्टीन सेंटर भेज दिया गया। श्रमिक मऊ, गाजीपुर, बलिया बस्ती, समेत पूर्वांचल के अलग-अलग जनपदों के रहने वाले है। जिले की सभी सीमाओं के सील होने के बाद भी प्रवासी मजदूरों का लगतार प्रवेश करना जनपद के लिये खतरे की घण्टी है। अभी तक कोरोना से मुक्त रहने का सौभाग्य हासिल जनपद में भी कोरोना वायरस फैलने का संकट गहरा सकता है।

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