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अशिक्षा की बड़ी कठिन है डगर..................

देवेश प्रताप सिंह राठौर 
(वरिष्ठ पत्रकार)

हमारा भारत देश लगभग 30 मुख्यमंत्रियों का भारत आज का भारत पहले की अपेक्षा मजबूत हुआ है परंतु शिक्षा के अभाव के कारण कुछ चाहे देश हित की बात हो चाहे राजनीति की बात हो चाहे देश की एकता अखंडता की बात को यहां का नागरिक कभी भी गंभीरता से किसी विषय को नहीं लेता है आज पूरा भारत केंद्र के द्वारा राज्य सरकारों द्वारा टीवी चैनलों द्वारा व्यक्तिगत तौर से देश के मुखिया माननीय प्रधानमंत्री जी बार-बार आज की स्थिति के बारे में जनता को संबोधित करते हैं या जो हो रहा है कोरोना वायरस उसके बचाव के तरीके बताए जा रहे हैं परंतु शिक्षा का अभाव के कारण कुछ लोग इसको मजाक में ले रहे हैं जो देश के लिए घातक बनता जा रहा है आज शिक्षा के क्षेत्र में विकास हुआ है परंतु इस विकास के बाद भी यहां का इंसान किसी अच्छी बात को देश हित की बात को आदमी की जान की बात को कोई भी विषय गंभीर हो उस पर गंभीरता से विचार नहीं किया करते आज बहुत से लोग शिक्षित जो है समझते हैं देश आज पूरा विश्व क्या हालात है परंतु अशिक्षित लोग अभी भी
इसे इमानदारी के साथ गंभीरता से इस संकट को स्वीकार नहीं कर रहे हैं जिसके कारण पूरा भारत पूरा देश परेशान है और संख्या दर संख्या बढ़ती जा रही है।क्याभारत सरकार ने शिक्षा का अधिकार कानून बनाकर भले ही बहुत महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखे हों लेकिन एक सरकारी शैक्षिक थिंक टैंक की बात माने तो देश भर के स्कूलों में बुनियादी ढांचे की हालत बहुत दयनीय है।
कानून में साफ साफ इस बात का उल्लेख है कि स्कूल के लिए सभी मौसम में पढ़ाई करने योग्य इमारत होनी चाहिए तथा एक शिक्षक के लिए एक कक्ष होना चाहिए। इसके अलावा लड़के और लड़कियों के लिए अलग-अलग शौचालय होने चाहिए।
इस तथ्य के बावजूद राष्ट्रीय शैक्षणिक योजना और प्रशासन विश्वविद्यालय द्वारा कराए गए सर्वेक्षण 'इलेमेंटरी एजुकेशन इन इंडिया : प्रोग्रेस टूवर्डस् यूनिवर्सलाइजेशन ऑफ इलेमेंट्ररी एजुकेशन' से पता चला है कि देश भर में मान्यता प्राप्त करीब 12 लाख 90 हजार प्राथमिक स्कूलों में से आधे में लड़कियों के लिए अलग से शौचालय नहीं है।गत वर्ष के आँकड़ों के मुताबिक 88 प्रतिशत प्राथमिक स्कूलों में पीने के पानी की सुविधा है। कानून में कहा गया है कि मध्यान्ह भोजन योजना के तहत प्रत्येक स्कूल में रसोई घर की सुविधा होनी चाहिए लेकिन अध्ययन में पाया गया है कि 57 प्रतिशत सरकारी और मान्यता प्राप्त स्कूलों में इसकी सुविधा नहीं है।
कानून में उल्लेख है कि प्रत्येक 30 बच्चों पर एक शिक्षक होना चाहिए लेकिन गत वर्ष के आँकड़ों के मुताबिक एक स्कूल पर केवल 4.5 शिक्षक उपलब्ध थे। आजशिक्षा क्षेत्र में बच्चे बड़े कॉलेज स्कूल सब बंद है क्यों बंद है क्योंकि यहां पर हर व्यक्ति स्वस्थ रहें इसलिए भारत के प्रधानमंत्री जी ने देश में समय से लॉक डाउन किया परंतु तबलीगी जमात ई जो हाल देश का कर दिया अशिक्षा का प्रणाम उन्होंने दिखा दिया हम कुछ नहीं समझते हमें जो करना है हम करेंगे और वह लोग कर रहे हैं पूरे देश में जा जाकर को रोंना को बढ़ा रहे हैं। यही शिक्षा का अभाव है जो अंधे होकर धर्म जात पर तक की शिक्षा ग्रहण की है मानवता इंसानियत सब भूल गए हैं आज देश विकास की गत पर चल रहा था परंतु यह कोरोना वायरस का झटका हर क्षेत्र में देश को हिला कर रख दिया परंतु कुछ लोग जो हमेशा हर पार्टी उनके लिए बहुत योजनाएं बनाती है मनाया जाता है कहीं गुस्सा ना हो जाए इसीलिए आज यही लोग पूर्ण रूप से देश विरोधी गतिविधियों से लिप्त है अशिक्षा का कारण स्पष्ट दिखाई दिया जो पूरे हिंदुस्तान में तबलीगी जमात ई मैं जिस तरह संख्या क्या बड़ा दिया है वो पूरे देश के लिए ए चिंता का विषय बन गया है। इतना सब विकसित होते हुए भी आज बहुत से लोग देश के साथ कोई गंभीर मसला होता है वहां भी अशिक्षा का प्रमाण  प्रदान करते हैं। आज आप देख रहे हैं देश और विश्व के क्या हालात हैं फिर भी यह लोग जिन्हें हम कह सकते हैं जमाती जो शिक्षित है या नहीं है यह सवाल बाग में बनता है लेकिन जहां पर देश की बात आती है वहां पर व्यक्ति को देश हित में सोचकर सरकार के द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन करना चाहिए और जो नहीं करता है वह इस देश का भारतीय होने में संदेह है क्योंकि अशिक्षा का प्रमाण यहां पर इस भारत देश में बहुत है नियम कानून तोड़ना यहां स्वाभिमान है यही सब शिक्षा देश के लिए घातक बन जाती है जिसमें हमारे सुरक्षाकर्मी अन्य तंत्र परेशान होते हैं इन्हें समझाने में इन्हें किस तरह सोचा और समझा जाए आज पूरा भारत जिस स्थित से गुजर रहा है सभी जानते हैं पर कुछ लोग हैं जो दंगे फसाद करके सुर्खियों में रहते हैं और पाकिस्तान की भाषा बोलते हैं ऐसे लोग अशिक्षित हैं या वो जानबूझकर करते हैं इन लोगों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। पूरा भारत आज थम गया है शिक्षा थम गई है सब कुछ थमा है क्यों क्योंकि हमारी आपकी सुरक्षा हो सके इसलिए परंतु  आप सुरक्षित रहें सरकार के नियमों को मानना नहीं चाहते हैं।

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