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छात्रों ने आनलाइन टेस्ट दिया, अभिभावक बने कक्ष निरीक्षक

विद्यावती निगम मेमोरियल पब्लिक स्कूल की नई पहल
  
बांदा, के0 एस0 दुबे । लाकडाउन में पढ़ाई बाधित न हो इसके लिए अधिकांश शिक्षण संस्थान ऑनलाइन क्लासेज संचालित कर रहे हैं। ऐसी ही आनलाइन कक्षाओं का संचालन विद्यावती निगम मेमोरियल पब्लिक स्कूल बांदा के शिक्षकों द्वारा भी किया जा रहा है। जिसमें प्रत्येक दिन निश्चित समय आनलाइन कक्षाओं का संचालन होता है। जिसमें विद्यार्थी अपनी सहभगिता देते हैं। संस्थान ने एक कदम आगे बढ़कर एक नई पहल की है। संस्था ने छात्रों को पढ़ाई के उपरांत आज ऑनलाइन टेस्ट घर पर कराया, जिसमें अभिभावकों को कक्ष निरीक्षक बनाया गया और परीक्षा के तुरंत बाद परिणाम भी घोषित कर दिया गया। इस पहल की अभिभावकों ने सराहना की है।
परीक्षा के तहत अध्यापकों द्वारा आनलाइन प्रश्न मोबाइल पर उपलब्ध कराए गए। खास बात यह रही कि परीक्षार्थी के घर को ही एग्जाम रूम और अभिभावकों कक्ष निरीक्षक का दायित्व सौंपा गया। परीक्षा के दौरान एग्जाम रूम में छात्रों के अभिभावक का मौजूद रहना अनिवार्य रहा। अभिभावकों ने कक्ष निरीक्षक की भूमिका तो निभाई ही साथ ही परीक्षाएं संपन्न होने पर छात्रों की परीक्षा के वक्त की सेल्फी लेकर संस्थान को सबूत के रूप में भेजी। संस्थान जूम एप, यूट्यूब एवं व्हाट्सएप के माध्यम से बच्चों की पढ़ाई जारी रख रहा हैं। बच्चों पढ़ाई को सीरियस ले इसलिए सप्ताह के अंत रविवार के दिन एक घंटे का टेस्ट रखा गया और यह प्रक्रिया लगातार जारी रहेगी। संस्थान के संस्थापक चेयरमैन अरूण कुमार निगम ने बताया कि हम सरकार द्वारा जारी किये गये सभी दिशा-निर्देशों का पालन कर रहे हैं। छात्रों का शिक्षण कार्य प्रभावित न हो इसके लिए यह पहल की गई है, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए है। छात्रों की रुचि एवं अभिभावकों के सहयोग के लिए संस्थान आभारी है। वहीं अध्यापकों ने तत्परता के साथ सभी छात्रों को क्लास वाइज ऑनलाइन पेपर उपलब्ध कराए, यह उनकी कड़ी मेहनत के द्वारा ही संपन्न हो पाया।
आनलाइन टेस्ट देता छात्र और मौजूद मां
ऐसे छात्र जो बाहर के शहरों में लाॅक डाउन की वजह से रह रहे हैं उन्होंने ने भी यह टेस्ट दिया। टेस्ट के पश्चात अभिभावकों से बात करने पर पता चला कि वह भी बहुत खुश है। कक्षा 9 के विद्यार्थी निशांत तिवारी के पिता जी सत्यजीत तिवारी बताते हैं कि मैं टेस्ट के दौरान लगातार अपने पुत्र छात्र टेस्ट देखता रहा। मेरे पुत्र को खुशी तब हुई जब तुरंत ऑनलाइन उसको प्रणाम प्राप्त हुआ। जिससे उसे पता चल गया कि उसने कितना सही कितना गलत किया है। उम्मीद है कि विद्यार्थी आने वाले समय में इसको और अच्छी तरीके से कर पाएंगे। इस प्रकार एक छात्रा के पिता नवीन निगम ने भी बताया यह पहल निश्चित तौर पर ही बच्चों को लाॅक डाउन  के दौरान अच्छी शिक्षा देने में काम आएगी और बच्चे लगन के साथ पढ़ाई भी करेंगे। विद्यालय के साथ-साथ यह हम लोगों का दायित्व भी है कि हम अपने बच्चों की पढ़ाई सही प्रकार से घर पर रहकर कराएं। प्रगति निगम जो कि 10 की छात्रा है ने अपने पिता प्रवीण निगम की देखरेख में परीक्षा दी। उनके पिता ने बताया वैसे मोबाइल के अधिक प्रयोग से बच्चों की सेहत पर असर पड़ता है लेकिन वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए यह एक अच्छा प्रयास है जिसके लिए स्कूल प्रशासन बधाई का पात्र है। वहीं कुछ अभिभावकों ने यह भी बताया  नेटवर्क की समस्या होने की वजह से कुछ विद्यार्थी टेस्ट नहीं दे पाए, हालांकि स्कूल प्रशासन ने उन्हें निर्धारित समय के बाद टेस्ट देने की अनुमति दी जिससे उन्हेंने बाद में टेस्ट दिया और अपनी योग्यता को परखा।

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