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सूर्य का उच्च राशि में प्रवेश

कोरोना संकट एक ज्योतिष विश्लेषण आज कोरोना नामक महामारी ने 200 से अधिक देशों को अपनी चपेट में ले लिया है हजारों लोगों की जान जा चुकी है और लाखों लोग इस बीमारी से संक्रमित हैं । ज्योतिष दृष्टिकोण से इस महामारी का  प्रसार  26 दिसंबर 2019  को सूर्यग्रहण के पश्चात हुआ इस सूर्य ग्रहण पर धनु राशि में 6 ग्रहों की युति थी जो शुभ नहीं थी । राहु केतु जो की रहस्यमई बीमारियों के नैसर्गिक कारक हैं, गोचर में अपनी उच्च राशि मिथुन और धनु में अपने ही नक्षत्र राहु आद्रा नक्षत्र में  जिसका स्वामी रूद्र है और केतु मघा नक्षत्र में स्वयं अपने नक्षत्र में बहुत शक्तिशाली है । 13 अप्रैल रात्रि में सूर्य मेष राशि में प्रवेश करेंगे इस राशि में उच्च के हो जाएंगे और बलशाली होंगे । इसके पश्चात स्वास्थ्य सेवाओं में अच्छा लाभ मिलेगा और सूर्य की तेज धूप  प्राकृतिक सैनिटाइजर का कार्य करेगी ।  अभी गुरु नीच राशि मकर में शनि स्वराशि  मकर में मंगल उच्च  मकर राशि में युति कर रहे हैं राहु की दो स्थिति होती हैं । राहु
स्पष्ट 13 अप्रैल को और राहु मध्यम 20 मई को आद्रा नक्षत्र से निकलकर मंगल की मृगशिरा नक्षत्र में आ जाएगा तब राहु की तीक्ष्णता कम होगी और 4 मई को मंगल मकर राशि से निकलकर कुंभ राशि में प्रवेश करेगा ।  20 मई से भारत के लोगों को इस महामारी से राहत मिलेगी, स्वतंत्र भारत की कुंडली वृष लग्न और कर्क राशि की है गोचर में वृष लग्न में शुक्र और भाग्य स्थान पर मकर में शनि के कारण कोरोना वायरस भारत को बहुत नुकसान नहीं कर पायेगा । गोचर में सभी ग्रह राहु केतु के मुख् में हैं, 21 जून अमावस्या  को कंकण सूर्य ग्रहण है, सूर्य चंद्र मिथुन राशि में होंगे यह सूर्य ग्रहण कोरोनावायरस को समाप्त करने में सहायक होगा । विश्व स्तर पर इस  ग्रहण के बाद महामारी पर नियंत्रण लगेगा, 30 जून को गुरु वक्री होकर धनु राशि में आ जाएंगे कोरोना से विश्व को जून में राहत होगी । 23 सितंबर 20 को पूर्ण राहत  होगी जब राहु मिथुन से वृष में और केतु धनु से वृश्चिक में राशि परिवर्तन करेंगे ।

ज्योतिषाचार्य-एस.एस.नागपाल, स्वास्तिक ज्योतिष केन्द्र, अलीगंज, लखनऊ

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