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लाक डाउन और सोशल डिस्टेंसिंग की उड़ रही धज्जियां

सार्वजनिक स्थानों पर खरीददारी के दौरान उमड़ती है लोगों की भीड़ 
चौराहों पर तैनात पुलिस भी लोगों को रोकने के साथ ठोक रही 
लाक डाउन के बचे तीन दिन, बेसब्री से 15 अप्रैल का हो रहा इंतजार 

बांदा, कृपाशंकर दुबे । 21 दिवसीय लाक डाउन के दिन पूरे होने में अब आज से तीन ही दिन शेष बचे हैं। लाक डाउन खत्म होने की आस लगाए लोग बेसब्री से उस दिन का इंतजार कर रहे हैं जब वह अपने घरों से बाहर निकलने और सैर-सपाटा के लिए पूरी तरह से आजाद होंगे। लेकिन केंद्र और प्रदेश सरकार की ओर से जो संकेत मिल रहे हैं, उससे नहीं लगता कि लाक डाउन को विराम दिया जाएगा, क्योंकि कोरोना का संक्रमण लाक डाउन के 17वें दिन भी जारी रहा। इधर, शुक्रवार की सुबह लाक डाउन के 17वें दिन लोग सुबह के समय
मुख्य बाजार में घर से बाहर निकले युवक पर डंडा चलाते पुलिस कर्मी
खरीददारी के लिए निकले तो मंडी समिति, सब्जी, दूध आदि की दुकानों में जबरदस्त भीड़ रही। सोशल डिस्टेंसिंग के कोई मायने नजर नहीं आए। चैराहों पर तैनात पुलिस भी लोगों को रोक-रोककर थकती नजर आ रही है। मजबूरन उसने बाहर निकलने वालों को कई स्थानों पर रोका और डंडे भी चटकाए। 
शहर के अति व्यस्त मार्ग पर पसरा सन्नाटा
शुक्रवार को लाक डाउन का 17वां दिन था। इस एक पखवारे में पुलिस कभी सख्त तो कभी नरम नजर आ रही है, लेकिन लाक डाउन का सख्ती से पालन नहीं हो पा रहा है। शहर में तो पुलिस भ्रमण कर रही है लेकिन गली-कूचों में लाकडाउन का कोई मायने नहीं है। सुबह 6 बजे से नौ बजे तक लोग आवश्यक सामग्री की खरीददारी करने के लिए अपने घरों से बाहर निकलते हैं। इस दौरान अगर कुछ सामग्री खरीददारी से छूट गई तो दोबारा जाने में उन्हें पुलिस की घुड़की और लाठियों का सामना करना पड़ रहा है। आवश्यक सामग्री घर-घर पहुंचाए जाने के दावे तो जैसे हवाहवाई साबित हो रहे हैं। लाक डाउन के 17वें दिन अब घरों में कैद रहे लोग बाहर की ओर भाग रहे हैं। सड़क पर खड़ी पुलिस डंडा दिखाकर लाक डाउन का
गली-मुहल्लों में घूम रही सेनेटाइजर टीम
पालन करा रही है। शहर के कालूकुआं इलाके में लाकडाउन के दौरान निकले बाइक सवारों और पैदल लोगों को रोककर पुलिस ने पूछतांछ की। कई बाइक सवारों को बैरंग वापस कर दिया। इसके अलावा अन्य लोगों से भी सख्ती के साथ पूछतांछ की जा रही है। लाक डाउन का पालन कराने के लिए पुलिस अपना काम कर रही है लेकिन अब आवश्यक सामान लेने या फिर अन्य गंभीर कारणों के चलते लोगों को मजबूरन अपने घरों से बाहर निकलना पड़ रहा है। इधर, तमाम लोग तो यूं ही घरों से बाहर निकल रहे हैं। पुलिस राह पर मिलती है तो कोई आवश्यक कार्य बताकर निकल जाते हैं। फिर भी पुलिस माजरे को भांपते हुए लोगों को अपने घरों में ही कैद रहने की हिदायत दे रही है। 

लाक डाउन तक सील रहेगा गूलरनाका इलाका 
बांदा। हालांकि अब गूलरनाका मुहल्ला निवासी साजिद अली और बिसंडा थाना क्षेत्र के सिव गांव निवासी अनवर अली की रिपोर्ट कोरोना नेगेटिव आ गई है। लेकिन पूर्व में कोरोना पाजिटिव पाए जाने के बाद इन दोनो मरीजों के निवास स्थलों व उनके आसपास के इलाकों को पूरी तरह सील कर दिया गया। इतना ही नहीं इनके परिवारीजनों को भी क्वारंटीन कर दिया
शहर की दुकानों को सेनेटाइज करते टीम के सदस्य
गया था। सिव गांव में तो अब भी बैरिकेडिंग लगी हुई है और एहतियात के तौर पर वहां पुलिस फोर्स भी तैनात है ताकि गांव का कोई भी व्यक्ति अंदर बाहर न आ-जा सके। इधर, गूलरनाका इलाके में भी अभी भी बैरिकेडिंग लगी हुई। शहर के चारों ओर यानि कि गूलरनाका की ओर जाने वाले सभी रास्तों को लाक किया गया है। लाक डाउन रहने तक यह सभी रास्ते बंद रहेंगे। किसी को भी आवागमन की इजाजत नहीं होगी। 


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