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डेढ़ सैकड़ा वर्ष पुरानी डोर को कोरोना ने किया कमजोर

घरों में ही मनाई गई महावीर जयंती, नहीं निकली पालकी यात्रा 
 
बांदा, कृपाशंकर दुबे । लाकडाउन के चलते जैन धर्म के 24वें और अंतिम तीर्थंकर भगवान महावीर की जयंती सोमवार को मंदिरों के बजाए घर-घर धूमधाम से मनाई गई। लगभग डेढ़ सौ साल बाद यह पहला मौका है जब जिले में भगवान महावीर की जयंती पर भव्य पालकी यात्रा नहीं निकाली गई। गरीबों और असहायों को भेजन और मिठाइयां वितरित कीं। कोरोना के मरीजों की जिंदगी बचाने में जुटे चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों के जीवन रक्षा को शांति पाठ विधान किया। 
वैसे तो जिले में जैन मंदिरों की संख्या काफी कम हैं। सिर्फ शहरी इलाके में ही जैन समाज के लगभग पांच बड़े मंदिर हैं। हर साल महावीर जयंती के मौके पर झंडा चैराहा (छोटी बाजार) छोटी बाजार स्थित श्री दिबंगर जैन मंदिर से हर साल जयंती के मौके पर बैंडबाजों के साथ भगवान महावीर की भव्य पालकी यात्रा निकाली जाती थी। इस दौरान भगवान महावीर को स्वर्ण
घरों में पूजा करते लोग
आभा वाली पालकी पर विराजमान कर पालकी यात्रा निकाली जाती थी। इस बार देश भर में लाकडाउन के चलते जैन धर्मालंबियों ने भगवान महावीर जयंती का महोत्सव घर-घर धूमधाम से मनाया। शुभ मुहूर्त में जैन अनुयायियों ने पीले वस्त्र धारण कर विधान पूजा करते हुए ग्रंथों की आरती उतारी। जैनाचार्यों के आशीर्वाद से अपने आवास में ही जन्मोत्सव की खुशियां मनाईं। देर शाम जैन समाज ने व्यवस्थित और सोशल डिस्टेसिंग का पूरा ख्याल रखते हुए गरीबों और असहायों को भेजन और मिठाइयां वितरित कीं। जैन समाज मीडिया प्रभारी दिलीप जैन ने बताया कि इस बार प्रदर्शन की अपेक्षा भगवान महावीर स्वामी की जयंती आत्मदर्शन के लिए मनाई गई। कोरोना के संक्रमण पर रोकथाम के लिए देश भर में लागू किए गए लाकडाउन के चलते लगभग 150 साल पुरानी पालकी यात्रा नहीं निकाली गई। छोटी बाजार स्थित जैन मंदिरों में पूरे समय ताला बंद रहा। लोगों ने घरों में ही भगवानी महावीर स्वामी की जयंती मनाई।

थाली-ताली बजा लगाए महावीर के जयकारे
बांदा। सोमवार को भगवान महावीर स्वामी की जयंती पर जैन धर्मालंबियों ने घर की छत, आंगन और बालकनी में घंटी, तालियां और थालियां बजाकर भगवान महावीर के जन्मदिन की खुशियां मनाई। हरेक जैन धर्मालंबी ने सुबह अपने घर की छत, आंगन और बालकनी में भगवान महावीर के जयकारे लगाए। घंटी, तालियां और थालियां बजाकर जन्मदिन का हर्ष मनाया। देर शाम घरों के बाहर चबूतरे और घरों की छतों तथा आंगन में जैन जमाज की महिलाओं ने दीपक जलाए। कोरोनो से बचाव के लिए जैन समाज की महिलाओं, पुरुषों और बच्चों ने एकजुटता से विशेष प्रार्थना की। इस मौके पर मनोज जैन, राकेश जैन, सुरेश जैन, प्रदीप जैन, पुष्पेंद्र जैन, नरेंद्र जैन, शैलेंद्र जैन, प्रकाश जैन, रीतेश जैन, संजू जैन समेत तमाम लोगों ने प्रार्थना में भागीदारी की। 

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