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कहीं लाक डाउन का पालन तो कहीं हो रहा उल्लंघन

लाक डाउन के 14वें दिन पुलिस करती रही लगातार गश्त 
राह पर मिलने वाले लोगों से की जा रही है पूछतांछ 
लाक डाउन खोलने और कायम रखने की चर्चाएं जोरों पर 

बांदा, कृपाशंकर दुबे । कोरोना संक्रमण की साइकिल को तोड़ने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवाहन पर पूरे देश को 21 दिन के लिए लाक डाउन किया गया है। लाक डाउन के 14वें दिन मंगलवार को सड़कों पर सन्नाटा नजर आया। सुबह जरूरत का सामान खरीदने के लिए ही लोग अपने घरों से बाहर निकले। इधर, आगामी दिनों में लाक डाउन खुलने या उसे बढ़ाए जाने को लेकर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। लोगों का कहना है कि अब लाक डाउन खोल दिया जाना चाहिए, जबकि कुछ लोग लाक डाउन को अभी कायम रखने की बात कह रहे हैं। 
शहर के बाबूलाल चैराहा इलाके में सड़क पर पसरा सन्नाटा
21 दिन का लाक डाउन होने के कारण लोगों को घरों में उलझन सी महसूस हो रही हैं। कभी टीवी देखने तो कभी घर का काम करने के बाद लोगों का मन घर से बाहर निकलने के लिए हो रहा है। जरूरत का सामान खरीदने के बहाने लोग घरों के बाहर निकल रहे हैं और दुकान से सामान लेने के बाद फिर से घर वापस आकर घुस जाते हैं। हालांकि लाक डाउन को अब
जिला अस्पताल में मरीजों का उपचार करते चिकित्सक 
लोग मुसीबत समझ रहे हैं। लोगों का कहना है कि आखिर वह घर में कब तक घुसे रहें। हालात लगातार खराब होते जा रहे हैं। किसी न किसी बहाने से लोग अपने घरों से बाहर निकल रहे हैं। इधर, पुलिस है कि अब सख्ती पर उतारू हो गई है। मंगलवार को कई स्थानों पर पुलिस ने लाठियां पटककर लोगों को घरों के अंदर रहने की बात कही। सुबह छह बजे से नौ बजे
सब्जी बिक्री के लिए दुकान लगाए महिलाएं
तक आवश्यक सामान की खरीददारी करने के लिए छूट दी गई है। लेकिन उसके बाहर घर से बाहर निकलने की इजाजत नहीं है। लेकिन सुबह के तीन घंटे की छूट लोगों के लिए नाकाफी साबित हो रही है। उनका कहना है कि सामान की खरीददारी करने के लिए यह समय पर्याप्त नहीं है। लोगों का कहना है कि बाजार में दुकानें देर से खुलती हैं, जिसके कारण
कालूकुआं चौराहे पर बाइक सवार को रोककर पूछतांछ करता पुलिस कर्मी
सामान खरीदने के दौरान ही समय खत्म हो जाता है। इससे आवश्यक सामग्री खरीदने में मुश्किल हो रही है।
गौरतलब हो कि लाक डाउन के दौरान आवश्यक सेवाओं को अलग रखा गया है, इनमें दूध, किराना मेडिकल, अस्पताल आदि शामिल हैं। अस्पताल तो पूरे समय खुले रहेंगे। लेकिन आवश्यक सामग्री की खरीददारी के लिए सुबह 6 बजे से 9 बजे तक का समय निर्धारित किया गया है। इन तीन घंटों में ही लोगों को खरीददारी करनी होगी। इसमें भी यह शर्त है कि किसी
बाजार में सुबह के समय सब्जी की खरीददारी करते लोग
भी दुकान पर भीड़ जमा नहीं होनी चाहिए। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना होगा। अगर ऐसा नहीं हुआ तो पुलिस सख्ती से पेश आएगी। कुल मिलाकर घरों के अंदर रह-रहकर लोग परेशान होते जा रहे हैं। घर से बाहर निकलने पर ही उन्हें सुकून मिल रहा हैं। अलबत्ता पुलिस अब सख्त मिजाज नजर आ रही है।

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