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कोरोना कहर:- लॉकडाउन में फंसे 200 मजदूर फुटपाथ पर बिता रहे जिंदगी

लॉकडाउन के चलते मेस्टन रोड से लेकर मूलगंज चौराहे के बीच काम करने वाले करीब 200 मजदूर फंस गए हैं। सभी करीब 20 दिन से खुले आसमान के नीचे फुटपाथ पर जिन्दगी बिता रहे हैं। 15 दिन से मजदूर नहाए नहीं हैं।
आमजा भारत कार्यालय संवाददाता:- मेस्टन रोड से मूलगंज के बीच में ज्यादातर थोक का काम होता है। वहां पर गोरखपुर, बिहार, बीघापुर, रायबरेली, हरदोई समेत अन्य जिलों के मजदूर आकर काम करते हैं। लॉकडाउन के बाद से सभी मजदूर फंस गए हैं। रोजगार न होने से खाने के लाले हैं। जेब में पैसा नहीं है, उस पर से घर भी नहीं जा पा रहे हैं। कुछ ने घर जाने का प्रयास किया तो पुलिस ने उनको रोक दिया। अब सभी दुकानें बंद होने की वजह से फुटपाथ पर बोरा बिछाकर सो रहे हैं। उनकी आंखों में आंसू भी हैं, जिसे पोछने वाला कोई नहीं है। उनके मालिकों ने भी पल्ला झाड़ लिया है। कई दिन से नहाएं नहीं हैं। अब मजदूरों के पास से बदबू आने लगी है। उनके पास पहनने के लिए साफ कपड़े तक नहीं है।

पुलिस के भरोसे खाना, नहीं तो भूखे सो रहे
बीघापुर के नवीन अवस्थी ने बताया कि फुटपाथ पर सोते हैं। पुलिस के भरोसे खाना रहता है। एक टाइम मिला या न भी मिला। ऐसे में भूखे पेट सोना पड़ता है। हैंडपंप से पानी पीकर गुजारा कर रहे हैं। फिर भी देखने वाला कोई नहीं है।

शौचालय में मांग रहे पैसे
गोरखपुर निवासी प्रेम चंद्र ने बताया कि अब शौचालय वाले भी पैसा मांग रहे हैं। इससे नित्य क्रिया तक नहीं कर पा रहे हैं। नहाने के लिए साबुन खरीदने के पैसे नहीं हैं। बद से बदतर जिन्दगी गुजर रही है। पता नहीं कब घर जा पाएंगे। धूप में मर रहे हैं।

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