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कोरोना कहर:- 15 जिलों में सील किए गए हॉटस्पॉट इलाकों में कुछ ऐसी रहेगी व्यवस्था, जानिए सील का क्या है मतलब

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कोरोना के बढ़ते प्रभाव पर नियंत्रण पाने के लिए बुधवार को कड़ा फैसला लिया। योगी सरकार ने यूपी के 15 जिलों के सर्वाधिक प्रभावित इलाकों ( हाट स्पाट) को पूरी तरह से सील कर दिया है। इसमें पूरे जिले को शामिल नहीं किया गया है। प्रतिबंध बुधवार की रात 12 बजे से 15 अप्रैल तक रहेगा। यह प्रतिबंध केवल उन शहरों में लागू किया गया है, जहां छह अथवा छह से अधिक कोरोना संक्रमण के मामले आए हैं। 
आमजा भारत कार्यालय सवांददाता:- इन सर्वाधिक प्रभावित क्षेत्रों में बैंक, आवश्यक वस्तुओं, सब्जी की दुकानें भी पूरी तरह से बंद रहेंगी। यहां मीडिया को भी जाने की इजाजत नहीं होगी, जिससे सोशल डिस्टेंसिंग व लॉकडाउन का कड़ाई से पालन हो सके। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में बुधवार की सुबह हुई बैठक में यह फैसला लिया गया।

शहर के अन्य स्थानों पर खुले रहेंगे मेडिकल स्टोर
इन शहरों में अन्य स्थानों पर निकलने के लिए जरुरी सेवाओं के लोगों को मास्क पहनना जरूरी होगा। अन्य स्थानों पर जरूरी खाद्य सामग्री की दुकानें खुली रहेंगी। साथ ही मेडिकल स्टोर भी खुले रहेंगे।
इसके बाद मुख्य सचिव राजेंद्र कुमार तिवारी व अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश अवस्थी ने उच्च स्तरीय बैठक में हुए फैसले के बाद मंडलायुक्तों, जिलाधिकारियों व पुलिस अधिकारियों को इस संबंध में निर्देश भेज दिया। अवनीश कुमार अवस्थी ने बताया कि कोरोना संक्रमण को कम करने के लिए सर्वाधिक प्रभावित इलाकों को सील करने का फैसला किया गया है।

आइए जानते हैं सील से जुडे कुछ सवाल और जवाव :

- जिला सील यानी क्या ?
पूरा जिला सील नहीं होगा। केवल जिले के सबसे प्रभावित इलाके सील रहेंगे। यानी वहां किसी को आने-जाने की अनुमति नहीं होगी।

- क्या सब्ज़ी / दवा / किराना लेने कोई निकल सकता है या नहीं?
सील किए गए इलाके में कोई भी नहीं निकल सकेगा। इसमें प्रशासन दूूध, खााद्य सामग्री व दवाएं पहुंचाएगा।

- क्या मोहल्ले की दुकानें खुलेंगी या नहीं?
सील किए गए मोहल्ले की कोई दुकान नहीं खुलेगी। अन्य इलाकों में जहां सील नहीं है या यूं कहें कोरोना का प्रभाव अभी तक सामने नहीं आया है, वहां केवल राशन, दूध-दवाओं की दुकानें खुुली रहेंगी।

- होम डिलीवरी का अब तक का अनुभव बहुत अच्छा नहीं रहा है, तो इसे मज़बूत कैसे बनाया जाएगा ?
स्थानीय जिला प्रशासन इसे पंजीकृत वेंडरों व खााद्य विभाग के जरिये सुनिश्चित कराएगा। होम डिलीवरी रहेगी।

-जो लोग गरीब हैं, रोज़ कमा कर खाते हैं, उनके लिए उस दौरान क्या व्यवस्था रहेगी ? क्या कम्युनिटी किचन चलेगा? राशन की दुकानें खुलेंगी?
सील किए गए इलाकों में जिला प्रशासन गरीबों को राशन आदि बांटेगा। गरीबों को मुफ्त में सामग्री दी जाएगी। सील किए गए इलाकों में कोई कम्युनिटी किचन नहीं चलेगा।

- जो लोग, राहत का काम कर रहे हैं, राशन वितरण या खाना बाँटने का काम कर रहे है, उनपर किसी तरह की रोक तो नहीं होगी?
सील किए गए इलाके में कोई भी गतिविधि नहीं होने दी जाएगी।

- कैंसर या गंभीर बीमारी से जूझ रहे लोग क्या करें? जैसे अगर किसी को दाँत उखाड़ने की ज़रूरत है तो वह क्या करेगा?
-सील इलाकों में डाक्टर का पर्चा दिखाकर पुलिस को सूचित कर मदद ली जा सकेगा। अन्य खुले इलाकों में मरीजों की आवाजाही पर कोई रोक नहीं रहेगी।

लाक किए गए इलाकों में सबसे ज्यादा आगरा के
पूरी तरह लीक किए गए इलाकों में सबसे ज्यादा आगरा के 22 मुहल्ले हैं। इसके अलावा लखनऊ के 11, गाजियाबाद 13, नोएडा 12, कानपुर नगर 12, वाराणसी चार, शामली तीन, मेरठ सात, बरेली एक, बुलंदशहर तीन, बस्ती के तीन, फिरोजाबाद तीन, सहारनपुर चार, महाराजगंज चार व सीतापुर के एक क्षेत्र को पूरी तरह से सील कर दिया गया है। एनसीआर में एक -दो स्थानों से सूचना मिली है कि ये ठीक नहीं हैं।

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