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13 अप्रैल को मेष संक्रांति खरमास समाप्त

 13 अप्रैल को सूर्य देवगुरू बृहस्पति की मीन राशि से निकलकर अपनी उच्च राशि मेष में रात्रि 8रू23 पर प्रवेश करेंगे उसी के साथ 14 मार्च से चल रहा खरमास भी समाप्त हो जाएगा खरमास समाप्त होने पर विवाह आदि मांगलिक कार्य प्रारंभ हो जाते हैं परंतु इस वर्ष कोरोना महामारी के चलते देशभर में लाक डाउन की स्थिति के कारण विवाह आदि  कार्य आगे की तिथियां में इनको शिफ्ट करना पड़ सकता है मई माह के आगे की विवाह मुहूर्त निम्न दिए गए हैं फिर 01 जुलाई से देवशयनी
एकादशी से चातुर्मास  मास प्रारम्भ होकर 25 नवम्बर तक रहेगा। इस बीच भी विवाह आदि कार्य नहीं होगें। 31 मई से 9 जून तक शुक्र  अस्त रहेंगें जिसके चलते भी विवाह आदि कार्य नहीं होगें। विवाह मुर्हत में गुरू शुक्र अस्त का भी विचार किया जाता है। अच्छा शुक्र भोग विलास का नैसर्गिक कारक है और दाम्पत्य सुख कोे दर्शाता है गुरू कन्या के लिये पति सुख का कारक है। दोनों ग्रहों का शुभ विवाह हेतु उदय होना शास्त्र सम्मत है। 16 दिसम्बर से सूर्य के धनु राशि में प्रवेश करने से खरमास लग जायेगा और मकर संक्रान्ति 14 जनवरी 2021 तक विवाह आदि कार्य नहीं होगें-

इस वर्ष विवाह मुर्हूत-

मई’    2020    1 2, 3 4 6, 7, 8, 9 10 11 12, 13, 17, 18, 19, 23, 24, 25,
जून’   2020    13, 14, 15 25, 26, 27, 28, 29, 30,
नवम्बर’ 2020    26, 29, 30
दिसम्बर’ 2020   1 2 6, 7, 8 9 10, 11

ज्योतिषाचार्य-एस.एस.नागपाल, स्वास्तिक ज्योतिष केन्द्र, अलीगंज, लखनऊ

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