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करहिया में पेयजल संकट, सरकारी नलकूप बंद, बिल का भुगतान नही

हमीरपुर, महेश अवस्थी । गर्मी ने दस्तक दे दी है। मौदहा तहसील के करहिया में पानी का संकट गहरा गया है। अनुसूचित बस्ती को आपूर्ति करने वाले नलकूप को बंद कर देने से लोग पानी को तरस रहे हैं। वहीं जलनिगम की पेयजल योजना से पानी ले रहे लोगों के बिल भुगतान नहीं करने पर नलकूप बंद कर दिया गया है।
15 वर्ष पूर्व करहिया, सिजनौड़ा, भैंस्ता गांव के लिए पेयजल योजना बनाई गई थी, लेकिन इससे करहिया को पानी नहीं मिला। तब पांच वर्ष पूर्व करहिया गांव के लिए पेयजल योजना अलग से बनाई गई। मगर तीन वर्ष तक पाइप लाइनों का विस्तार नहीं हुआ। सपा सरकार में विधायक रहे शिवचरन प्रजापति ने पेयजल योजना के लिए
गढ्ढे से पानी भरती युवती
बजट मुहैया कराया। पाइप लाइनों का विस्तार किया गया, पानी की टंकी बनी, लेकिन वह भी कुछ मोहल्लों तक ही सीमित रही। इसी के बाद ग्रामीणों की मांग पर अनुसूचित बस्तियों में पानी देने के लिए एक नया नलकूप निर्मित हुआ। इससे क्षेत्र में कुछ पानी मिलने लगा, लेकिन गर्मी शुरू होते ही गांव के तकई मोहल्लों व ऊंचाई वाले इलाकों में पानी न पहुंचने से गड्ढे खोदकर गहराई से पानी निकलना लोगों की मजबूरी है। मौजूदा समय में 50 से अधिक गड्ढे सड़क किनारे खुदे पड़े हैं। प्रधान शिवशरण सिंह का कहना है कि जल निगम ने पूरे गांव में पाइप लाइन का विस्तार नहीं हुआ है। बताया चार दिन से जलनिगम के अवर अभियंता ने एक नलकूप पूरी तरह बंद कर दिया है। इसके बंद होने से अनुसूचित बस्तियों में पानी आपूर्ति ठप है। गांव निवासी जितेंद्र का कहना है कि जल निगम की लापरवाही से पानी की समस्या हो रही है। पानी के लिए लोगों को भटकता पड़ रहा है। जल निगम के अवर अभियंता नीरज प्रजापति ने बताया गांव में करीब 500 कनेक्शन हैं। प्रत्येक कनेक्शन धारक का चार्ज 860 रुपये होता है। मगर ग्रामीण नहीं दे रहे हैं। इस गांव से करीब साढ़े चार लाख रुपये वसूलने हैं। बिजली का भी बिल अदा नहीं हो पा रहा है। ग्रामसभा भी इसे हैंडओवर नहीं कर रही है। ऐसी स्थिति में नए नलकूप को बंद कर दिया है।

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