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प्रधानमंत्री का राष्ट्र के नाम संबोधन

नमस्कार !

मेरे प्यारे देशवासियोंमैं आज एक बार फिरकोरोना वैश्विक महामारी पर बात करने के लिए आपके बीच आया हूं। 22 मार्च को जनता कर्फ्यू का जो संकल्प हमने लिया थाएक राष्ट्र के नाते उसकी सिद्धि के लिए हर भारतवासी ने पूरी संवेदनशीलता के साथपूरी जिम्मेदारी के साथ अपना योगदान दिया।

बच्चे-बुजुर्गछोटे-बड़ेगरीब-मध्यम वर्ग-उच्च वर्गहर कोई परीक्षा की इस घड़ी में साथ आया। जनता कर्फ्यू को हर भारतवासी ने सफल बनाया। एक दिन के जनता कर्फ़्यू से भारत ने दिखा दिया कि जब देश पर संकट आता हैजब मानवता पर संकट आता है तो किस प्रकार से हम सभी भारतीय मिलकरएकजुट होकर उसका मुकाबला करते हैं।
आप सभी जनता कर्फ़्यू के लिए प्रशंसा के पात्र हैं।

साथियोंआप कोरोना वैश्विक महामारी पर पूरी दुनिया की स्थिति को समाचारों के माध्यम से सुन भी रहे हैं और देख भी रहे हैं। आप ये भी देख रहे हैं कि दुनिया के समर्थ से समर्थ देशों को भी कैसे इस महामारी ने बिल्कुल बेबस कर दिया है।
ऐसा नहीं है कि ये देश प्रयास नहीं कर रहे हैं या उनके पास संसाधनों की कमी है।

लेकिन कोरोना वायरस इतनी तेजी से फैल रहा है कि तमाम तैयारियों और प्रयासों के बावजूदइन देशों में ये चुनौती बढ़ती जा रही है।

इन सभी देशों के दो महीनों के अध्ययन से जो निष्कर्ष निकल रहा हैऔर एक्सपर्ट्स भी यही कह रहे हैं कि कोरोना से प्रभावी मुकाबले के लिए एकमात्र विकल्प है- Social Distancing.

यानि एक दूसरे से दूर रहनाअपने घरों में ही बंद रहना। कोरोना से बचने का इसके अलावा कोई तरीका नहीं हैकोई रास्ता नहीं है। कोरोना को फैलने से रोकना हैतो इसके संक्रमण की सायकिल को तोड़ना ही होगा। कुछ लोग इस गलतफहमी में हैं कि social distancing केवल बीमार लोगों के लिए आवश्यक है।
ये सोचना सही नहीं। social distancing हर नागरिक के लिए हैहर परिवार के लिए हैपरिवार के हर सदस्य के लिए है। कुछ लोगों की लापरवाहीकुछ लोगों की गलत सोच,  आपकोआपके बच्चों कोआपके माता पिता कोआपके परिवार कोआपके दोस्तों कोपूरे देश को बहुत बड़ी मुश्किल में झोंक देगी। अगर ऐसी लापरवाही जारी रही तो भारत को इसकी कितनी बड़ी कीमत चुकानी पड़ सकती हैइसका अंदाजा लगाना भी मुश्किल है।

साथियोंपिछले 2 दिनों से देश के अनेक भागों में लॉकडाउन कर दिया गया है। राज्य सरकार के इन प्रयासों को बहुत गंभीरता से लेना चाहिए। हेल्थ सेक्टर के एक्सपर्ट्स और अन्य देशों के अनुभवों को ध्यान में रखते हुएदेश आज एक महत्वपूर्ण निर्णय करने जा रहा है। आज रात 12 बजे से पूरे देश मेंध्यान से सुनिएगापूरे देश मेंआज रात 12 बजे से पूरे देश मेंसंपूर्ण Lockdown होने जा रहा है।

हिंदुस्तान को बचाने के लिएहिंदुस्तान के हर नागरिक को बचाने के लिए आज रात 12 बजे सेघरों से बाहर निकलने परपूरी तरह पाबंदी लगाई जा रही है।

देश के हर राज्य कोहर केंद्र शासित प्रदेश कोहर जिलेहर गांवहर कस्बेहर गली-मोहल्ले को अब लॉकडाउन किया जा रहा है। ये एक तरह से कर्फ्यू ही है। जनता कर्फ्यू से भी कुछ कदम आगे की बातजनता कर्फ्यू से और सख्त।

कोरोना महामारी के खिलाफ निर्णायक लड़ाई के लिए ये कदम अब बहुत आवश्यक है। निश्चित तौर पर इस लॉकडाउन की एक आर्थिक कीमत देश को उठानी पड़ेगी।
लेकिन एक-एक भारतीय के जीवन को बचाना इस समय मेरीभारत सरकार की,
देश की हर राज्य सरकार कीहर स्थानीय निकाय कीसबसे बड़ी प्राथमिकता है।

इसलिए मेरी आपसे प्रार्थना है कि आप इस समय देश में जहां भी हैंवहीं रहें।
अभी के हालात को देखते हुएदेश में ये लॉकडाउन 21 दिन का होगा। आने वाले 21 दिन हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं।

हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तोकोरोना वायरस की संक्रमण सायकिल तोड़ने के लिए कम से कम 21 दिन का समय बहुत अहम है। अगर ये 21 दिन नहीं संभले तो देश और आपका परिवार 21 साल पीछे चला जाएगा। अगर ये 21 दिन नहीं संभले तो कई परिवार हमेशा-हमेशा के लिए तबाह हो जाएंगे।

इसलिए बाहर निकलना क्या होता हैये इन 21 दिनों के लिए भूल जाइए। घर में रहेंघर में रहें और एक ही काम करें कि अपने घर में रहें।

साथियों,
आज के फैसले नेदेशव्यापी लॉकडाउन ने आपके घर के दरवाजे पर एक लक्ष्मण रेखा खींच दी है। आपको ये याद रखना है कि  से बाहर पड़ने वाला आपका सिर्फ एक कदमकोरोना जैसी गंभीर महामारी को आपके घर ला सकता है। आपको ये याद रखना है कि कई बार कोरोना से संक्रमित व्यक्ति शुरुआत में बिल्कुल स्वस्थ लगता हैवो संक्रमित है इसका पता ही नहीं चलता।
इसलिए ऐहतियात बरतिएअपने घरों में रहिए।

वैसेजो लोग घर में हैंवो सोशल मीडिया पर नए-नए तरीकों सेबहुत इनोवेटिव तरीके से इस बात को बता रहे हैं। एक बैनर मुझ भी पसंद आया है। ये मैं आपको भी दिखाना चाहता हूं। कोरोना यानि कोई रोड पर ना निकले।

साथियों,
एक्सपर्ट्स का ये भी कहना है कि आज अगर किसी व्यक्ति में कोरोना वायरस पहुंचता है तो उसके शरीर में इसके लक्षण दिखने में कई-कई दिन लग जाते हैं।
इस दौरान वो जाने-अनजाने हर उस व्यक्ति को संक्रमित कर देता है जो उसके संपर्क में आता है।

वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन की रिपोर्ट बताती है कि इस महामारी से संक्रमित एक व्यक्ति सिर्फ हफ्ते-दस दिन में सैकड़ों लोगों तक इस बीमारी को पहुंचा सकता है।

यानि ये आग की तरह तेज़ी से फैलता है। वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन का ही एक और आंकड़ा बहुत महत्वपूर्ण है।

साथियों,
दुनिया में कोरोना वायरस से संक्रमित व्यक्तियों की संख्या को पहले 1 लाख तक पहुंचने में 67 दिन लगे थे। इसके बाद सिर्फ 11 दिन में ही एक लाख नए लोग संक्रमित हो गए।

सोचिए,
पहले एक लाख लोग संक्रमित होने में 67 दिन लगे और फिर इसे 2 लाख लोगों तक पहुंचने में सिर्फ 11 दिन लगे। ये और भी भयावह है कि दो लाख संक्रमित लोगों से तीन लाख लोगों तक ये बीमारी पहुंचने में सिर्फ चार दिन लगे। आप अंदाजा लगा सकते हैं कि कोरोना वायरस कितनी तेजी से फैलता है। और जब ये फैलना शुरू करता हैतो इसे रोकना बहुत मुश्किल होता है।

साथियों,
यही वजह है कि चीनअमेरिकाफ्रांसजर्मनीस्पेनइटली-ईरान जैसे देशों में जब कोरोना वायरस ने फैलना शुरू कियातो हालात बेकाबू हो गए। और ये भी याद रखिएइटली हो या अमेरिकाइन देशों की स्वास्थ्य सेवापूरी दुनिया में बेहतरीन मानी जाती है। बावजूद इसकेये देश कोरोना का प्रभाव कम नहीं कर पाए। सवाल ये कि इस स्थिति में उम्मीद की किरण कहां है?
उपाय क्या हैविकल्प क्या है?

साथियों,
कोरोना से निपटने के लिए उम्मीद की किरणउन देशों से मिले अनुभव हैं जो कोरोना को कुछ हद तक नियंत्रित कर पाए। हप्तों तक इन देशों के नागरिक घरों से बाहर नहीं निकलेइन देशों के नागरिकों ने शत-प्रतिशत सरकारी निर्देशों का पालन किया और इसलिए ये कुछ देश अब इस महामारी से बाहर आने की ओर बढ़ रहे हैं।


हमें भी ये मानकर चलना चाहिए कि हमारे सामने यही एक मार्ग है-
हमें घर से बाहर नहीं निकलना है। चाहे जो हो जाएघर में ही रहना है। कोरोना से तभी बचा जा सकता है जब घर की लक्ष्मण रेखा  लांघी जाए। हमें इस महामारी के वायरस का संक्रमण रोकना हैइसके फैलने की चेन को तोड़ना है।

साथियों,
भारत आज उस स्टेज पर है जहां हमारे आज के एक्शन तय करेंगे कि इस बड़ी आपदा के प्रभाव को हम कितना कम कर सकते हैं। ये समय हमारे संकल्प को
बार-बार मजबूत करने का है। ये समय कदम-कदम पर संयम बरतने का है।

आपको याद रखना हैजान है तो जहान है।

साथियों,
ये धैर्य और अनुशासन की घड़ी है। जब तक देश में lockdown की स्थिति है,
हमें अपना संकल्प निभाना हैअपना वचन निभाना है। मेरी आपसे प्रार्थना है कि घरोंमें रहते हुए आप उन लोगों के बारे में सोचिएउनके लिए मंगलकामना करिए जो अपना कर्तव्य निभाने के लिएखुद को खतरे में डालकर काम कर रहे हैं।

उन डॉक्टर्सउन नर्सेसपैरा-मेडिकल स्टाफ, pathologists के बारे में सोचिए,
जो इस महामारी से एक-एक जीवन को बचाने के लिएदिन रात अस्पताल में काम कर रहे हैं।

अस्पताल प्रशासन के लोगएंबुलेंस चलाने वाले ड्राइवर, ward boys, उन सफाई कर्मचारियों के बारे में सोचिए जो इन कठिन परिस्थितियों में दूसरों की सेवा कर रहे हैं।

आप उन लोगों के लिए प्रार्थना करिए जो आपकी सोसायटीआपके मोहल्लों,
आपकी सड़कोंसार्वजनिक स्थानों को sanitize करने के काम में जुटे हैं,
जिससे इस वायरस का नामो-निशान  रहे। आपको सही जानकारी देने के लिए 24 घंटे काम कर रहे मीडिया के लोगों के बारे में भी सोचिएजो संक्रमण का खतरा उठाकर सड़कों पर हैंअस्पतालों में हैं।

आप अपने आस पास के पुलिस कर्मियों के बारे में सोचिए जो अपने घर परिवार की चिंता किए बिनाआपको बचाने के लिए दिन रात duty कर रहे हैंऔर कई बार कुछ लोगों का गुस्सा भी झेल रहे हैं।

साथियों,
कोरोना वैश्विक महामारी से बनी स्थितियों के बीचकेंद्र और देशभर की राज्य सरकारें तेजी से काम कर रही है। रोजमर्रा की जिंदगी में लोगों को असुविधा  हो,
इसके लिए निरंतर कोशिश कर रही हैं। सभी आवश्यक वस्तुओं की supply बनी रहेइसके लिए सभी उपाय किए गए हैं और आगे भी किए जाएँगे। निश्चित तौर पर संकट की ये घड़ीगरीबों के लिए भी बहुत मुश्किल वक्त लेकर आई है।

केंद्र सरकारराज्य सरकारों के साथ समाज के अन्य संगठनसिविल सोसायटी के लोगगरीबों को मुसीबत कम होइसके लिए निरंतर जुटे हुए हैं। गरीबों की मदद के लिए अनेकों लोग साथ  रहे हैं।

साथियों,

जीवन जीने के लिए जो जरूरी हैउसके लिए सारे प्रयासों के साथ ही जीवन बचाने के लिए जो जरूरी हैउसे सर्वोच्च प्राथमिकता देनी ही पड़ेगी। इस नई महामारी से मुकाबला करने के लिए देश की स्वास्थ्य सुविधाओं को तैयार करने का काम केंद्र सरकार लगातार कर रही है।

विश्व स्वास्थ्य संगठनभारत के बड़े चिकित्सा और अनुसंधान संस्थानों तथा स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह और सुझाव पर कार्य करते हुए सरकार ने निरंतर फैसले लिए हैं।

अब कोरोना के मरीजों के इलाज के लिएदेश के हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर को और मजबूत बनाने के लिए केंद्र सरकार ने आज 15 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान किया है।

इससे कोरोना से जुड़ी टेस्टिंग फेसिलिटीजपर्सनल प्रोटेक्टिव इक्वीपमेंट्स, Isolation Beds, ICU beds, ventilators, और अन्य जरूरी साधनों की संख्या तेजी से बढ़ाई जाएगी। साथ ही मेडिकल और पैरामेडिकल मैनपावर की ट्रेनिंग का काम भी किया जाएगा।

मैंने राज्य सरकारों से अनुरोध किया है कि इस समय उनकी पहली प्राथमिकता,
सिर्फ और सिर्फ स्वास्थ्य सेवाएं ही होनी चाहिएहेल्थ केयर ही प्राथमिकता होनी चाहिए।

मुझे संतोष है कि देश का प्राइवेट सेक्टर भी पूरी तरह से कंधे से कंधा मिलाकर संकट और संक्रमण की इस घड़ी में देशवासियों के साथ खड़ा है।

प्राइवेट लैब्सप्राइवेट अस्पतालसभी इस चुनौतीपूर्ण दौर में सरकार के साथ काम करने के लिए आगे  रहे हैं। लेकिन साथियोंये भी ध्यान रखिए कि ऐसे समय में जाने-अनजाने कई बार अफवाहें भी फैलती हैं।

मेरा आपसे आग्रह है कि किसी भी तरह की अफवाह और अंधविश्वास से बचें। आपके द्वारा केंद्र सरकारराज्य सरकार और medical fraternity द्वारा दिए गए निर्देश और सुझावों का पालन करना बहुत जरुरी है।

मेरी आपसे प्रार्थना है कि इस बीमारी के लक्षणों के दौरानबिना डॉक्टरों की सलाह केकोई भी दवा  लें। किसी भी तरह का खिलवाड़आपके जीवन को और खतरे में डाल सकता है।

साथियों,
मुझे विश्वास है हर भारतीय संकट की इस घड़ी में सरकार केस्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करेगा। 21 दिन का लॉकडाउनलंबा समय हैलेकिन आपके जीवन की रक्षा के लिएआपके परिवार की रक्षा के लिएउतना ही महत्वपूर्ण है।

मुझे विश्वास हैहर हिंदुस्तानी इस संकट का  सिर्फ सफलता से मुकाबला करेगा बल्कि इस मुश्किल घड़ी से विजयी होकर निकलेगा।

आप अपना ध्यान रखिएअपनों का ध्यान रखिए।

जय हिंद !

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