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फंसे यात्रियों को रोडवेज बसों से भेजा गया घर

लाक डाउन के चलते फंस गए थे सैकड़ों यात्री 
डीएम के निर्देश पर कानपुर और सतना रवाना हुईं 13 बसें 
अस्पताल में हुआ स्वास्थ्य परीक्षण, सैनिटाइज कराए गए यात्री

बांदा, कृपाशंकर दुबे । लॉकडाउन में फंसे लोगों को घर पहुंचाने के लिए प्रदेश सरकार के निर्देश पर रोडवेज की बसों का संचालन शुरू कराया है। लाकडाउन में फंसे यात्री अपने घर तक सुरक्षित पहुंच सके। इसी क्रम में बांदा डिपो से 13 बसों का संचालन शुरू किया गया। यह सभी बसें कानपुर और मध्य प्रदेश के सतना भेजी गई हैं। लाकडाउन में फंसे यात्रियों को घर पहुंचाने का काम करेगी। जिला अस्पताल में स्वास्थ्य परीक्षण और सैनिटाइज कराकर ही यात्रियों को रोडवेज बस में बैठाया गया।
कोरोना वायरस के चलते देशभर में 21 दिन के लॉकडाउन से अन्य प्रदेश और शहरों में फंसे लोगों को उनके घर भेजने की व्यवस्था प्रशासन द्वारा की जा रही है। इसी कड़ी में शनिवार को जिला प्रशासन ने 13 बसों में बिठाकर यात्रियों को उनके घर भिजवाया। डिपो से रवाना की गईं तीन बसें यहां से शिवरामपुर (चित्रकूट) होते हुए सीमावर्ती मध्य प्रदेश के सतना भेजी गईं। जबकि 10 बसों को कानपुर के लिए रवाना किया गया। इसके बाद
रोडवेज बसों में सवार होते लाक डाउन में फंसे रहे यात्री
आगे ये यात्री अपने घरों के लिए दूसरे वाहनों की मदद से रवाना होंगे। बस में मजदूर, नौकरीपेशा, छात्र सहित कुछ अन्य लोग भी सवार थे। सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक (एआरएम) परमानंद ने बताया कि जिलाधिकारी अमित सिंह बंसल ने 13 बसों के संचालन की अनुमति प्रदान की है। लाकडाउन के दौरान दूसरे शहरों में फंसे यात्रियों को इन बसों से उनके घरों तक पहुंचाया जाएगा। जिला अस्पताल में बसों से जाने वाले हरेक यात्री का जिला अस्पताल में स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया। सैनिटाइज कराने के बाद ही यात्रियों को रोडवेज बसों पर में बैठाया गया। चालक और परिचालकों को मास्क, दस्ताने और सैनिटाइज दिया गया है। परिचालकों से कहा गया है कि किसी भी यात्री पर किराया के लिए दवाब न बनाएं। 

यात्रियों से खचाखच भरी रही सभी रोडवेज बसें
बांदा। शहर और दूसरे जिलों में फंसे लोगों की समस्याओं को देखते हुए शुक्रवार शाम को सरकारी तंत्र ने यात्रियों की सुविधा के लिए कई नई व्यवस्थाएं की। इनमें सबसे प्रमुख यह कि लॉकडाउन के कारण दूसरे जिलों में फंसे लोगों को उनके घरों तक पहुंचाया जाए। इसके लिए प्रशासन ने टीम बनाई और बाहर जाने वाले लोगों को शनिवार सुबह कचहरी स्थित रोडवेज बस स्टैंड पहुंचने को कहा। इसके बाद सुबह से ही बाहर जाने वाले बस स्टैंड पर पहुंचा शुरू हो गए। सबसे पहले इस बसों को सेनिटाइज किया गया। इसके बाद जिला अस्पताल में हरेक यात्री की चिकित्सकों ने जांच की। बसों में सवार होने से पहले यात्रियों के हाथ धुलवाए गए। फिर उन्हें बसों में सवार किया गया। बस के आखिरी ठिकाने को इस प्रकार से चुना गया कि ज्यादा से ज्यादा जिले कवर हो सकें और यात्रियों को उनके घर पहुंचाया जाए।

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