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मनुस्मृति को अपना संविधान मानती है भाजपा- आरके चौधरी

आरक्षण को बर्दाश्त नहीं कर पा रहे आरएसएस व भाजपा 
बीएस-4 ने निकाला आरक्षण समर्थक पैदल मार्च 

फतेहपुर, शमशाद खान । आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट के आये फैसले को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए बीएस-4 (भारतीय संविधान संरक्षण संघर्ष समिति) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री आरके चैधरी ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी देश के संविधान को न मानकर मनुस्मृति को अपना संविधान मानती है। आरएसएस व भाजपा आरक्षण को बर्दाश्त नहीं कर पा रहे हैं। भाजपा सरकार ने सवर्णों को आरक्षण दे दिया। सरकार का रवैया दलित, आदिवासी व अन्य पिछड़ा वर्ग विरोधी है। जिसके विरोध में आरखण समर्थक पैदल मार्च निकाला जा रहा है। 
सोमवार को बीएसए-4 के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री आरके चैधरी के नेतृत्व में कार्यालय से जिला मुख्यालय तक आरक्षण समर्थक पैदल मार्च निकाला गया। रास्ते पर पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने केन्द्र की भाजपा सरकार व आरआरएस के खिलाफ नारेबाजी की। आरक्षक समर्थक पैदल मार्च समाप्त होने के बाद पूर्व मंत्री आरके चैधरी ने कहा कि आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला दुर्भाग्यपूर्ण आया है। भाजपा सरकार ने कोर्ट में घटिया दलील प्रस्तुत की है। इसी दलील पर फैसला हो गया कि सरकार आरक्षण देने के लिए बाध्य नहीं है। सरकारी
आरक्षण समर्थक पैदल मार्च निकालते बीएस-4 के पदाधिकारी। 
नौकरियों में अनुसूचित जाति, जनजाति को आरक्षण का कोई मौलिक अधिकार नहीं है। सरकार का संवैधानिक कर्तव्य नहीं है कि सरकार आरक्षण की व्यवस्था करे। स्पष्ट है कि आरएसएस व उसकी भाजपा सरकार अनुसूचित जाति, जनताति एवं अन्य पिछड़े वर्ग के संविधान समस्त आरक्षण को बर्दाश्त नहीं कर पा रही है। उन्होने कहा कि संविधान की समतामूलक समाज निर्माण की अवधारणा भाजपा सरकार को हजम नहीं होती है। कहा कि जिस दौर में बाबा साहब संविधान की रचना में व्यस्त थे वहीं आरएसएस के मुखिया गोलवलकर और पूरा संघ परिवार डा0 अम्बेडकर की निन्दा व मनुस्मृति के प्रचार-प्रसार में जुटा था। जिससे बाबा साहब दुखी थे। उन्हें संविधान सभा में कहना पड़ा था कि संविधान चाहे कितना ही अच्छा हो यदि उसे लागू करने वाले अच्छे न हों तो अच्छा संविधान भी बुरा होगा और यदि लागू करने वाले अच्छें हो तो संविधान अच्छा होगा। पूर्व मंत्री ने कहा कि आरएसएस की भाजपा सरकार ने सवर्णों को आरक्षण दे दिया। आठ लाख तक सालाना आय कमाने वाले सवर्ण को गरीब मानकर दस प्रतिशत का आरक्षण दे दिया है। सरकार का रवैया दलित, आदिवासी व अन्य पिछड़ा विरोधी है। इस मौके पर जिला संयोजक डा0 रामनरेश पटेल, रामस्वरूप पटेल, संतलाल, सतेन्द्र, आसिफ, नदीम अहमद, मो0 शकील, राकेश कुमार, सुरेश सहित तमाम लोग मौजूद रहे।

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