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कानपुर लॉकडाउन: नवरात्रि के पहले दिन बंद रहे मंदिरों के कपाट

कानपुर में नवरात्र के पहले दिन घरों में मां शैलपुत्री का आह्वान किया गया। बुधवार को भक्तों ने माता का पूजन कर घर पर ही कलश स्थापित किया। भोर से ही घरों में कलश स्थापना शुरू हो गई। परिवारों ने विधि-विधान से मां शैलपुत्री का आह्वान कर कोरोना महामारी से परिवार की रक्षा की प्रार्थना की। सभी देवी मंदिरों के कपाट बंद रहे। 
आमजा भारत संवाददाता:- घंटे, घड़ियाल और शंख आदि बजाकर माता की आरती उतारी गई। इस दौरान भक्तों ने माता के जयकारे भी लगाए। वैदिक ज्योतिष परिषद के संरक्षक पंडित विधुशेखर  पांडेय ने बताया कि कल ब्रह्मचारिणी का दिन हैं । इसका अर्थ हुआ तप का आचरण करने वाली।

माता का यह स्वरूप तप, त्याग और संयम में बढ़ोतरी देने में सहायक है। इस दिन साधक का मन ‘स्वाधिष्ठान ’चक्र में स्थित होता है। इस चक्र के जरिए योगी मां की कृपा प्राप्त करते हैं। पंडित उमा शंकर ने बताया कि इस दिन ऐसी कन्याओं का पूजन किया जाता है कि जिनका विवाह तय हो गया है लेकिन अभी शादी नहीं हुई है।

इन्हें घर बुलाकर पूजन के पश्चात भोजन कराकर वस्त्र, पात्र आदि भेंट किए जाते हैं।  इस दिन साधक कुंडलिनी शक्ति को जागृत करने के लिए भी साधना करते हैं जिससे उनका जीवन सफल हो सके और अपने सामने आने वाली किसी भी बाधा का सामना कर सकें। देवी मंत्र की एक माला का जप करना परम कल्याणकारी होता है। 

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