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डीएम ने विकास कार्यों की बिन्दुवार की समीक्षा

ओला से हुए नुकसान की मांगी रिपोर्ट

चित्रकूट, सुखेन्द्र अग्रहरि। जिलाधिकारी शेषमणि पाण्डेय की अध्यक्षता में विकास कार्यों की मासिक समीक्षा बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में संपन्न हुई।
बैठक में प्रभागीय वन अधिकारी, उप प्रभागीय वन अधिकारी तथा डिप्टी आरएमओ के उपस्थित न होने पर जवाब तलब करने के निर्देश दिये। उन्होंने समीक्षा के दौरान अधिकारियों से कहा कि जिन अधिकारियों की रैंकिंग डी श्रेणी में है वह अपने कार्यों पर सुधार लाएं। किसी भी दशा में जनपद की रैंकिंग कम नहीं होना चाहिए। अपर जिलाधिकारी से कहा कि जितने भी भूमाफिया तथा शराब माफिया पर कार्यवाही की गई है उसकी एक रिपोर्ट उपलब्ध कराएं। अवैध खनन तथा परिवर्तन कायं पर कार्यवाही की जाए। जिलाधिकारी ने अधिकारियों से कहा कि 25 मार्च के पहले सभी पत्रावली कार्यों की स्वीकृति करा ले। इसके बाद अगर कोई अधिकारी पत्रावली प्रस्तुत करेगा तो संबंधित के खिलाफ कार्यवाही की जाएगी। धरातल पर कार्य हों। इसमें किसी भी स्तर पर
लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। शासन के मुख्य बिंदुओं के कार्य हैं उन्हें प्राथमिकता के आधार पर करें। उन्होंने कहा कि शासन स्तर पर जो समीक्षा की जाती है उसमें पिछले माह की प्रगति के सापेक्ष किया जाता है। सभी अधिकारी निर्धारित समय सीमा के अंदर विकास कार्यों को पूर्ण करें। मऊ बरगढ़ पेयजल योजनाओं की जो जांच कराई गई है उसमें जो कमियां पाई गई हैं। जल निगम तत्काल निस्तारण और उसकी रिपोर्ट दें। जिला विकास अधिकारी से कहा कि इन गांवों के ग्राम प्रधानों से वार्ता करें। अगर फिर भी कमियां मिले तो जल निगम के अधिकारियों के खिलाफ शासन को पत्र भेजें। हन्ना बिनैका का कार्य फरवरी 2020 तक पूर्ण होना था, लेकिन अभी तक कार्य पूर्ण नहीं हुआ। परियोजना प्रबंधक जल निगम से जवाब तलब के निर्देश दिए। उन्होंने जिला पंचायत राज अधिकारी से कहा कि पेयजल योजनाएं जो आंशिक क्षमता पर है उनमें ग्राम पंचायतों से कार्य जल्द करा दिया जाए ताकि पेयजल की कोई समस्या न हो। खण्ड विकास अधिकारी मानिकपुर को निर्देश दिए अमचुर नेरुवा में जो पेयजल समस्या है उसका तत्काल निस्तारण कराएं। पेंशन योजनाओं पर सभी संबंधित अधिकारियों से कहा कि मेगा कैंप में जो लाभार्थी परक योजनाओं के आवेदन पत्र प्राप्त हुए हैं उनका तत्काल निस्तारण किया जाए। कन्या सुमंगला योजना के आवेदन पत्र खंड विकास अधिकारी तथा उप जिलाधिकारियों के यहां सत्यापन के लिए लंबित हैं उन्हें तत्काल सत्यापन कर उपलब्ध कराएं। ताकि शासन को भेजा जा सके। मेरी छत मेरा पानी अभियान में अभी भी जो सरकारी भवन शेष हैं उन पर कार्यक्रम बनाकर कार्य को कराएं। जिन विभागों के पास धनराशि कम है वह मनरेगा के कनवर्जन से कराएं। अभी से ही प्लान तैयार करा लिया जाये। अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद कर्वी से कहा की होटल आदि पर भी कराया जाए तथा जो नए मकानों के नक्शे बन रहे हैं उन पर भी रेन वाटर हार्वेस्टिंग के कार्य को लागू किया जाये। अधिशासी अभियंता लघु सिंचाई को निर्देश दिए जो बड़े तालाब हैं उनके सुंदरीकरण का प्रस्ताव तैयार कर शासन से धनराशि की मांग की जाए। इसके अलावा पुराने कुएं तालाब बावली आदि पर भी कार्य कराए जाएं। जिलाधिकारी ने सभी खंड विकास अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी गांव में सामुदायिक शौचालय की जमीन चिन्हित कराकर एक सप्ताह के अंदर प्रस्ताव तैयार कराकर उपलब्ध कराएं। धान खरीद का भुगतान अभी तक सभी किसानों का न होने और समितियों से धान का उठान न कराए जाने पर अपर जिलाधिकारी से कहा कि पीसीएफ के अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही कराई जाए। उन्होंने यह भी कहा कि बुन्देलखण्ड एक्सप्रेस वे पर जो कंपनी कार्य कर रही है उससे माइनिंग प्लान प्राप्त कर ले तभी कार्य कराए। अनुमति प्राप्त कर तालाबों की मिट्टी की खुदाई कर मिट्टी ले जाए। उन्होंने स्थाई गौशाला निर्माण पर कारदायी संस्थाओं से कहा कि तत्काल कार्यों को करा दें, क्योंकि शासन से इसकी लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत जो गोल्डन कार्ड बनाए जाने हैं उसमें ग्राम स्तर पर ग्राम प्रधान कोटेदार रोजगार सेवक, आंगनवाड़ी, आशा आदि को लगाकर कराया जाए। उन्होंने उप निदेशक कृषि को निर्देश दिए की फसल बीमा कंपनी के अधिकारियों के साथ जहां पर ओला से किसानों की फसलों का नुकसान हुआ है उसका सत्यापन कराकर रिपोर्ट उपलब्ध कराएं। जिन किसानों का नुकसान हुआ है उनको हरहाल में लाभ दिलाना है। जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य सुविधाएं, एंबुलेंस का संचालन, निराश्रित गोवंश, कन्या सुमंगला योजना, आजीविका मिशन, पोषण मिशन, विद्युत, पेयजल, खाद्यान्न वितरण, स्वच्छ भारत मिशन, छात्रवृत्ति वितरण, प्रधानमंत्री आवास ग्रामीण तथा शहरी मुख्यमंत्री आवास नलकूपों का संचालन, शिक्षा व्यवस्था, सिल्ट सफाई, नहरों का संचालन, किसान सम्मान निधि, फसल बीमा योजना, ओडीओपी, चेकडैम का निर्माण, तालाबों का जीर्णोद्धार, वृक्षारोपण, उद्यानीकरण आदि विभिन्न योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी डॉ महेंद्र कुमार, अपर जिलाधिकारी जीपी सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ विनोद कुमार, जिला विकास अधिकारी आरके त्रिपाठी सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

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