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...तो कोरोना को बढ़ाने में सहायक जल संस्थान की लापरवाही!

बिना ब्लीचिंग के शहर में हो रही पानी की सप्लाई
कई वर्षों से नहीं हुई टंकी की सफाई

बांदा, कृपाशंकर दुबे । जल संस्थान के अधिकारियों और उनके कर्मचारियों की लापरवाही से शहर के लोग इन दिनों दूषित पानी पीने को मजबूर हैं। जबकि वर्तमान समय में पूरे देश में एहतियात बरता जा रहा है, लेकिन इस तरफ कोई ध्यान नहीं दे रहा है। बिना ब्लीचिंग के ही शहर में पानी की आपूुर्ति की जा रही है। यदि ऐसा ही चलता रहा तो वह दिन दूर नहीं कि कोरोना सहित डायरिया व अन्य बीमारियों की चपेट में शहर के लोग आ जायेंगे। वजह बिना ब्लीचिंग पाउडर के आधे शहर में इस समय पानी की आपूर्ति जल संस्थान द्वारा की जा रही है। इसके अलावा सूत्रों की मानें तो लगभग ढाई वर्षों अलीगंज जोन व कटरा जोन की पानी की टंकियों की सफाई नहीं की गई है। यदि ऐसा ही चलता रहा तो वो दिन दूर नहीं जब बांदा में भयंकर महामारी फैल सकती है। 
जल संस्थान परिसर में टंकी की सफाई की दर्ज तारीख 
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जल संस्थान के अधिशाषी अभियंता कार्यालय के बगल में स्थित जलसंस्थान की चार हजार लीटर की टंकी की सफाई पिछले लगभग ढाई वर्षों से नहीं हुई है। जिससे जलसंस्थान की टंकी में गंदगी का अंबार लग चुका है। इसके अलावा सूत्र बताते हैं कि इस टंकी में बिना ब्लीचिंग पाउडर डाले ही पेयजल की आपूर्ति जलसंस्थान में द्वारा शहर के आधा दर्जन से अधिक मुहल्लांे में की जा रही है। इसी प्रकार अलीगंज जोन में ही स्थित मर्दन नाका टंकी में भी पिछले कई वर्षों से सफाई नहीं कराई गई है। यहां पर बिना ब्लीचिंग पाउडर डाले ही पानी की सप्लाई की जा रही है। इस टंकी से भी लगभग आधा दर्जन मुहल्लांे में पानी की आपूर्ति की जाती है। इसी प्रकार कटरा जोन में स्थित जेल टैंक की टंकी की भी सफाई काफी समय से नहीं हुई। सूत्र बताते हैं कि इस टंकी में भी बिना ब्लीचिंग पाउडर डाले ही पानी सप्लाई किया जा रहा है। बहरहाल यदि बिना ब्लीचिंग की पानी आपूर्ति का सिलसिला यों ही चलता रहा तो वो दिन दूर नहीं जब जलसंस्थान की लापरवाही के चलते शहर की जनता में महामारी फैल सकती है। जलसंस्थान के अधिकारियांे की थोड़ी सी लापरवाही यहां पर कोरोना, डायरिया व कालरा जैसी घातक बीमारियों को जन्म दे सकता है। 

ब्लीचिंग पाउडर की होती है कालाबाजारी
बांदा। जलसंस्थान के सूत्रों की मानें तो जलसंस्थान के पास ब्लीचिंग पाउडर की कमी नहीं है। लेकिन जलसंस्थान के लालची प्रवृत्ति के अलीगंज व कटरा जोन के अवर अभियंता के कारण ही शहर में बिना ब्लीचिंग पाउडर के पानी की आपूर्ति की जा रही है। सूत्र बताते हैं कि अवर अभियंता अपने गुर्गों द्वारा शहर में संचालित शौचालयों व ड्राईक्लीनर्स को महंगे दामों में रात्रि के अंधेरे में ब्लीचिंग की बोरी बेच देते हैं। सूत्र यह भी बताते हैं कि ब्लीचिंग की बोरियों का भण्डार इस समय मर्दन नाका टंकी में लगा है। वहीं पम्प आपरेटर व एक फिटर की मिलीभगत के द्वारा जेई से प्राप्त निर्देशों पर रात्रि में वाहनों लदवाकर ब्लीचिंग की बोरियों का वारा-न्यारा किया जाता है। 

ब्लीचिंग डालकर की जा रही पानी आपूर्तिः अवर अभियंता
बांदा। इस संबंध में जब अवर अभियंता पवन कुमार से मोबाइल पर सम्पर्क किया गया है। तो उन्होंने बताया कि जलसंस्थान की अलीगंज जोन में गूलर नाका स्थित पानी की टंकी, मर्दननाका टंकी व कटरा जोन में स्थित जेल टैंक में प्रातःकाल 4 बजे 15 किग्रा प्रतिदिन ब्लीचिंग डालकर पानी आपूर्ति की जाती है। जब उनसे पूछा गया कि ब्लीचिंग की बोरी शौचालय संचालकों को सप्लाई की जाती हैं तो उन्होंने आवाज साफ न आने की बात कहकर फोन काट दिया।

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