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लॉक डाउन के बाद भूख प्यास से बदहाल लोग पलायन को मजबूर

फतेहपुर, शमशाद खान । कोरोना वायरस के संक्रमण से लोगो को बचाने के लिये प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लॉक डाउन की घोषणा के साथ ही लोगो से संक्रमण की रोकथाम के लिये अपने अपने घरो में ही रहने की अपील की थी लेकिन लॉक डाउन के चैथे दिन बड़ी संख्या में लोग गैर प्रान्तों के महानगरों में रोजी रोटी की तलाश में मजदूरी करने गये लोगो के सामने काम बंद होने व पैसे खत्म होने के बाद जीविका पर संकट गहरा गया है। बड़ी संख्या में लोग सैकड़ो किलोमीटर दूर से पलायन करके अपने अपने राज्यो व गांवों की तरफ लौटने को मजबूर हो रहे है। हवाई जहाज, रेलवे व बस सेवा समेत सभी तरह की ट्रांसपोर्ट के बन्द होने के बाद भी लोग भूख प्यास के बीच पैदल ही सैकड़ो किलोमीटर की यात्रा पर निकल पड़े है। हाइवे पर बड़ी संख्या में गुजरात, मुम्बई, दिल्ली, गाजियाबाद समेत अन्य महानगरों से प्रदेश के अलग अलग जनपदों के लिये पैदल ही निकले लोग

पैदल सफर तय करते मजदूर तबके के लोग।
सड़कों पर सर के ऊपर समनो का बोझ, कंधे पर मासूम बच्चों को लेकर जाते दिखाई दिये। लोगो का कहना रहा कि दिल्ली गुजरात व हरियाणा राज्य के आस पास के इलाकों में मजदूरी करते है। काम बंद होने के कारण ठेकेदार उनकी बकाया मजदूरी भी नही दे पा रहे। ऐसे में उनके खाने तक को पैसे नही बचे। उनके पास वापस गांव जाने के अलावा कोई रास्ता नही है। सड़को पर साधन न होने व भूखे प्यासे रहने के कारण पैदल ही रास्ता तय करने को मजबूर है। लोगो की समस्याओ व कोरोना वायरस के संक्रमण को देखते हुए प्रदेश सरकार द्वारा सभी जिलों को एडवाइजरी जारी करके पलायन को रोकने के निर्देश दिए है। साथ ही प्रशासन से रास्ते मे फंसे हुए लोगों के रहने के लिये स्कूलों व खाने पीने के प्रबंध करने के निर्देश दिये है लेकिन अभी भी बड़े पैमानों पर महानगरों से लोग पलायन कर रहे जो कही न कहीं कोरोना वायरस के फैलने एव बढ़ावा का कारण बन सकता है। सड़कों पर लोगो को इस तरह पैदल चलते देखकर समाजिक संगठनों द्वारा लोगो को रोककर लंच पैकेट की व्यवस्था की गयी। 

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