Latest News

बारिश के साथ गिरा ओला, किसानों का दिल डोला

जनपद में कई स्थानों पर जबरदस्त ओलावृष्टि 
गेहूं, सरसों और चना की फसल को नुकसान 
मौसम के बिगड़े मिजाज से तापमान में आई गिरावट 

बांदा, कृपाशंकर दुबे । बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से अन्नदाता कराह रहा है। पिछले दो दिनों से रिमझिम बारिश ने तो किसानों को डरा ही दिया था, शुक्रवार को सुबह बारिश के दौरान ओलावृष्टि हो जाने से किसानों का दिल डोल गया है। जनपद के कई स्थानों पर जबरदस्त ओलावृष्टि होने से खेत में बोई गेहूं, सरसों और चना की फसल को काफी नुकसान हुआ है। इधर, बारिश और ओलावृष्टि के कारण तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। 
मार्च के महीने में बेमौसम हो रही बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों को बेचैन करके रख दिया है। अगर मौसम का यही मिजाज रहा तो खेत से अनाज मिलना दूर की बात लागत भी निकलना पाना मुश्किल होगा। पिछले दो दिनों से रुक-रुककर हो रही बारिश से किसान परेशान था। लेकिन शुक्रवार को मौसम का मिजाज एक बार फिर से बिगड़ गया और दोपहर के समय तकरीबन 15 मिनट तक हुई बारिश के दौरान पांच मिनट तक
इस तरह बटोर कर इकट्ठ किए गए ओले 
ओलावृष्टि हुई। ओलावृष्टि के दौरान आसमान से पानी की बूंद नहीं गिर रही थी। हालांकि बाद में बारिश का दौर भी शुरू हो गया। ओलावृष्टि के दौरान लोग जहां थे, वहीं पर दुबक गए। बारिश शुरू होने पर लोगों ने ओले बटोरकर तस्वीरें कैमरे में कैद कर लीं। जनपद के विभिन्न स्थानों, बड़ोखर बुजुर्ग, बबेरू क्षेत्र, बिसंडा और अतर्रा क्षेत्र के अलावा मटौंध समेत अन्य इलाकों में भी ओलावृष्टि की खबरें मिली हैं। जबरदस्त ओलावृष्टि के कारण
ओलावृष्टि के दौरान सड़क किनारे बिछा पड़ा ओला 
किसान हलाकान हो गया है। किसानों का कहना है कि ओलावृष्टि से सबसे ज्यादा नुकसान सरसों की फसल को है। इसके साथ ही गेहूं और चना की फसल को भी बारिश और ओलावृष्टि से नुकसान हुआ है। शुक्रवार को सुबह से शुरू हुई बारिश का सिलसिला देर शाम तक जारी रहा। इधर, बारिश और ओलावृष्टि के चलते तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। 

No comments