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होली पर जमकर उड़ा रंग और गुलाल, थिरकते रहे होरियारे

गली-मुहल्लों और चैराहों पर डीजे की धुन पर जमकर हुई रंगों की बौछार 
रंगों से सराबोर करने के बाद होरियारों ने फाड़ दिए एक-दूसरे के कपड़े 
लगातार शहर का भ्रमण करती रही पुलिस, 112 पीआरबी भी रही सतर्क 
बुधवार को भैयादूज के दिन भी शहर में जमकर खेला गया रंग 

बांदा, कृपाशंकर दुबे । रंगों का त्योहार होली पूरे जोश के साथ मनाया गया। मंगलवार को दोपहर 12 बजे के बाद से शुरू हुआ रंग खेलने का दौर बुधवार को भैयादूज के दिन शाम तक चलता रहा। युवा होरियारे गली-मुहल्लों और शहर के विभिन्न चैराहों पर डीजे की धुन पर थिरकते और रंग उड़ाते नजर आए। ज्यादातर होरियारे 
होली के दौरान डीजे की धुन पर थिरकते रंगों से सराबोर होरियारे
शराब और भांग के नशे में चूर थे। इसके चलते होरियारों ने एक-दूसरे को जहां रंगों से भिगोया वहीं एक-दूसरे के कपड़े भी फाड़ डाले। शहर के विभिन्न चैराहों पर होरियारे नशे में चूर पड़े नजर आए वहीं उनके कपड़े भी चैराहों पर ही पड़े रहे। मौके पर पहुंचे परिजन नशे में टुन्न होरियारों को उठाकर घर ले गए। बुधवार को भी शहर में जमकर रंग खेला गया। 
सोमवार की रात को होली जलने के बाद से ही होली खेलने का दौर शुरू हो गया था। मंगलवार की सुबह जब लोगों की नींद खुली तो मौसम का मिजाज देखकर ऐसा लगा कि होली का मजा फीका हो जाएगा। लेकिन कुछ घंटों के बाद ही आसमान साफ हो जाने के बाद रंग खेलना शुरू हुआ। दोपहर बाद जो होली का जोश होरियारों पर चढ़ा तो बुधवार को भैयादूज की शाम तक जमकर धमाल किया गया। मंगलवार को दोपहर के समय शहर
आवास में जिलाधिकारी अमित सिंह बंसल को गुलाल लगाते अधिकारी
के विभिन्न चैराहों पर होरियारों का हुजूम डीजे की धुन पर थिरकता और नाचता नजर आया। हाथ में गुलाल लिए होरियारे एक-दूसरे को लगाते नजर आए। रंगों से भी लोगों को भिगोया और डीजे की धुन पर जमकर थिरके। सोमवार की देर शाम तक यह सिलसिला चला। इसके बाद बुधवार की सुबह भैयादूज के मौके पर जमकर रंग खेला गया। सुबह से लेकर देर शाम तक चैराहों और गली-मुहल्लों में डीजे की धुन पर होरियारे थिरकते नजर आए। देर शाम तक होली खेलने का दौर जारी रहा। शहर के कई मुहल्लों में तो होरियारों ने जमकर अभद्रता की। आने-जाने वाले लोगों को पकड़कर रंगों में भिगो दिया और उनके कपड़े तक फाड़ डाले। 

सड़कों पर नजर आया सन्नाटा 
बांदा। मंगलवार और बुधवार को सड़कों पर सन्नाटा नजर आया। सिर्फ होरियारे ही सड़क पर नजर आए। इक्का-दुक्का लोग जिनको मजबूरन आवागमन करना पड़ा, वही सड़क पर निकले और होरियारों से बचते-
होली की मस्ती में चूर होरियारे
बचाते अपने गंतव्य तक पहुंचे। पूरी सतर्कता बरतने के बावजूद होली की आड़ में होरियारों ने राहगीरों से जमकर अभद्रता की। उनके कपड़े तक फाड़ दिए। पुलिस लगातार निगेहबानी करती रही, लेकिन हालात लगातार बिगड़ते ही रहे। तमाम स्थानों से पुलिस को सूचनाएं भी दी गईं, लेकिन पुलिस समय से नहीं पहुंच सकी। 

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