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मानवता संस्कारों में बसी होती है........

देवेश प्रताप सिंह राठौर 
( वरिष्ठ पत्रकार)

मानवता वह होती है जो अच्छे अच्छे हो को कठोर से कठोर व्यक्ति को सरल तबीयत का बना देती है परंतु आज हमारे आपके बीच मानवता नष्ट होती जा रही है क्योंकि इंसान ही इंसान काआज इंसान का भूखा हो गया है। परंतु उन सबके बीच एक नाम आता है मानवता का वह आज भी कायम है और संस्कारों में व्याप्त होती है।मानवता ही इंसान का सबसे बड़ा धर्मआजके इस भौतिक युग में यदि मनुष्य, मनुष्य के साथ अच्छा व्यवहार करना नहीं सीखेगा, तो भविष्य उसका अच्छा स्वभाव नहीं बन सकता है।आजके इस भौतिक युग में यदि मनुष्य, मनुष्य के साथ अच्छा व्यवहार करना नहीं सीखेगा, तो भविष्य में वह एक-दूसरे का घोर विरोधी ही होगा। इसी कारण हर एक तरफ मानवता का गला दबाया जा रहा है। हर तरफ मानवता जैसे रो रही हो। विश्व का एेसा कोई कोना नहीं बचा है, जहां हर रोज किसी धर्म के नाम पर राजनीति हो। हर तरफ ना जाने कितने लाखों लोग बेघर हो रहे है और कितने ही मासूम बच्चे अनाथ हो रहे है। वर्तमान में धार्मिकता से रहित आज की यह शिक्षा मनुष्य को मानवता की ओर ले जाकर दानवता की ओर लिए जा रही है।
प्रेम से दिल जीतना ही मानव की खासियतमुनिने कहा कि हम परमात्मा को तो मानते हैं पर हम परमात्मा की बात को नहीं मानते। यदि हम अपने जीवन में परमात्मा को मानने लग जाये तो जीवन का कल्याण हो जाये। उन्होनें बताया कि हमें मोह का त्याग करना चाहिए मोह का त्याग एक बार यदि हो जाये तो जीवन महान बन जाएगा। मानव को कोई भी चीज क्रोध से नहीं प्रेम से जीतनी चाहिए और क्रोध को क्रोध से नहीं बल्कि क्षमा से जीतना चाहिए। जो व्यक्ति क्षमा को धारण करके राता है वह महान बन जाता है। इसमें हमें प्रेम भाव के साथ रहना चाहिए प्रभुकी कथा एक सेतु के समान है जो हमें प्रभु के लीला जगत में पहुंचाने का काम करती है जिस प्रकार हाथ की ताली बजाने से मूंडेरे पर बैठा पक्षी उड़ जाता है ठीक उसी प्रकार कथा रसपान से मन के संदेह रूपी पक्षी उड़ जाते हैं। परन्तु जिस प्रकार ताली एक हाथ से नहीं बजती, वैसे ही कथा की महानता सिर्फ वष्ठता पर नहीं बल्कि एक योग्य श्रोता पर भी निर्भर करता है। ये प्रवचन साध्वी मनस्विनी भारती ने शिव कथा में दिए। कथा का आयोजन दिव्य ज्योति जागृति संस्थान की ओर से श्री शीतला माता मंदिर मनीमाजरा में किया गया। प्रभु राम ही गंगा के सदृश हैं जिसमें गोता लगाने से जीवन पावन हो सकता है। जैसे गंगा मां किसी के साथ भेदभाव नहीं करती, सभी को पावन कर देती है, वैसे ही प्रभु की कथा रूपी गंगा में भी डुबकी लगाकर नीच से नीच प्राणी भी श्रेष्ठ बन जाता है।......................कोराना वायरस से परेशान देश.................. आज भारत देश में ही नहीं लगभग विश्व के 122 देशों में कोराना वायरस का प्रकोप से पूरा विश्व हिला जा रहा है। चाइना से फैला कोरोना वायरस आज विश्व के 122 देशों में फैल गया है लोगों में दहशत व्याप्त है परंतु इन सभी के बीच सिर्फ एक ही है सावधानी हर व्यक्ति को सावधानी बरतने की जरूरत है हाथों को धोकर रखने की जरूरत है कहीं बाहर से आए हाथ धोएं साबुन से या किसी भी डिटर्जेंट पाउडर से हाथ धोने की बात कही जा रही है और लोगों को समझाया जा रहा है कि अब भारतीय कल्चर को अपनाने की जरूरत है हाथ मिलाने की जरूरत नहीं है आप नमस्ते करें हेलो हेलो बाय-बाय करें इसे कोराना वायरस को रोका जा सकता है कोरोना वायरस चीन द्वारा फैलाया गया एक ऐसा वायरस है जो चमगादड़ से तैयार किया गया है पता नहीं चाइना के लोग क्या-क्या खाते हैं इंसान के नाम से जानवर हैं उनके द्वारा यह कोरोना वायरस ने पूरे विश्व को हिला के रख दिया है विश्व की महान शख्सियत अमेरिका ,फ्रांस, रूस , और ब्रिटेन इसकी चपेट में आ चुके हैं भारत के कई राज्यों में पुराना वायरस के कारण महामारी घोषित कर दी गई है स्कूल कॉलेजों को बंद कर दिया गया है इससे आप समझ लीजिए यह कोरोना वायरस कितना घातक है लेकिन सावधानी इसका एक सफल अच्छा इलाज है आप सभी सफाई का ध्यान दें अपने हाथों को बार बार मुंह में आंखों में ना मले और हाथों को साबुन से या कोई डिटर्जेंट पाउडर से धोते रहें यही इसकी बचाव है ऐसे बहुत से देश के लोग एक्सपेरिमेंट करने में लगे हुए हैं इसका इलाज खोजने में परंतु अभी तक सफलता नहीं मिल पाई है लेकिन जब तक सफलता नहीं मिली है आप सब लोग सावधानी से कोराना वायरस को दूर भगा सकते हैं अपने जीवन को स्वस्थ और अच्छा बना सकते हैं इसलिए सावधानी परखने की जरूरत है।

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